कृषि उपज मंडी में आवारा कुत्तों का आतंक: 8 गाय-बछड़ों की मौत, राहगीर ने पेड़ पर चढ़कर बचाई जान
संवाददाता : राहुल जैन
अशोकनगर की कृषि उपज मंडी में बढ़ी दहशत
Ashoknagar । शहर के मोहरी राय स्थित कृषि उपज मंडी इन दिनों आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक के कारण चर्चा का विषय बनी हुई है। जहां एक ओर मंडी में प्रतिदिन सैकड़ों किसान अपनी उपज बेचने के लिए पहुंचते हैं, वहीं दूसरी ओर खूंखार हो चुके आवारा कुत्तों के झुंड ने यहां भय का माहौल पैदा कर दिया है। पिछले कुछ दिनों में कुत्तों के हमलों में आठ गायों और बछड़ों की मौत हो चुकी है। इन घटनाओं के बाद किसान, व्यापारी, मजदूर और स्थानीय नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मंडी परिसर और उसके आसपास आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पहले ये कुत्ते केवल झुंड बनाकर घूमते थे, लेकिन अब वे हिंसक होकर मवेशियों पर हमला करने लगे हैं। लगातार हो रही घटनाओं ने लोगों में दहशत पैदा कर दी है।
आठ गाय-बछड़ों को बनाया शिकार
स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले कुछ दिनों के दौरान आवारा कुत्तों के झुंड ने अलग-अलग स्थानों पर आठ गायों और बछड़ों पर हमला किया। गंभीर रूप से घायल हुए इन मवेशियों की बाद में मौत हो गई। इन घटनाओं से क्षेत्र में पशुपालकों और गऊ भक्तों में गहरा आक्रोश है।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कुत्ते झुंड बनाकर हमला करते हैं, जिससे मवेशियों के बचने की संभावना बहुत कम रह जाती है। कई बार लोगों ने कुत्तों को भगाने का प्रयास भी किया, लेकिन झुंड की आक्रामकता के कारण वे सफल नहीं हो सके।
राहगीर ने पेड़ पर चढ़कर बचाई अपनी जान
मंडी परिसर में हाल ही में एक ऐसी घटना भी सामने आई जिसने लोगों की चिंता और बढ़ा दी। एक राहगीर जब मंडी क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी आवारा कुत्तों के झुंड ने उसे घेर लिया। स्थिति को भांपते हुए उसने तुरंत पास में मौजूद एक पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार राहगीर काफी देर तक पेड़ पर बैठा रहा क्योंकि नीचे कुत्तों का झुंड लगातार मंडराता रहा। जब कुत्ते वहां से हटे, तब जाकर वह सुरक्षित नीचे उतर सका। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग तेज कर दी है।
किसानों और व्यापारियों में भय का माहौल
कृषि उपज मंडी जिले की सबसे व्यस्त मंडियों में से एक है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में किसान अपनी फसल लेकर पहुंचते हैं। यहां अनाज की उपलब्धता के कारण बेसहारा मवेशी भी बड़ी संख्या में आते हैं। इन्हीं मवेशियों को निशाना बनाकर आवारा कुत्ते लगातार हिंसक हो रहे हैं।
व्यापारियों का कहना है कि मंडी में सुबह से लेकर देर शाम तक किसानों, हम्मालों और मजदूरों की आवाजाही रहती है। ऐसे में यदि कुत्तों का आतंक इसी तरह जारी रहा तो कभी भी किसी व्यक्ति पर गंभीर हमला हो सकता है।
महिलाओं और बच्चों की बढ़ी चिंता
मंडी क्षेत्र के आसपास रहने वाले परिवारों का कहना है कि अब बच्चों और महिलाओं को अकेले बाहर भेजने में डर लगने लगा है। सुबह और शाम के समय कुत्तों के झुंड सड़कों और मंडी परिसर में घूमते रहते हैं। कई लोगों ने बताया कि कुत्ते राह चलते लोगों का पीछा भी करते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
गऊ भक्तों और सामाजिक संगठनों में नाराजगी
लगातार गायों और बछड़ों की मौत के बाद गऊ भक्तों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि गौवंश की सुरक्षा सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि आवारा कुत्तों को नियंत्रित नहीं किया गया तो इस प्रकार की घटनाएं लगातार बढ़ती रहेंगी। उन्होंने नगर पालिका से विशेष अभियान चलाकर आवारा कुत्तों को पकड़ने और सुरक्षित स्थान पर रखने की मांग की है।
नगर पालिका ने दिया आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) विनोद उन्नीतान ने कहा कि आवारा कुत्तों की समस्या प्रशासन के संज्ञान में है और इसके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि नगर पालिका द्वारा डॉग शेल्टर हाउस का निर्माण अंतिम चरण में है। इसके शुरू होते ही शहर और मंडी क्षेत्र के आवारा कुत्तों को वहां शिफ्ट किया जाएगा, जिससे लोगों को राहत मिलेगी।
टीकाकरण अभियान भी होगा शुरू
सीएमओ ने जानकारी दी कि डॉग शेल्टर शुरू होने के साथ ही आवारा कुत्तों के लिए टीकाकरण अभियान भी चलाया जाएगा। इसके माध्यम से कुत्तों को नियंत्रित करने के साथ-साथ रेबीज जैसी बीमारियों की रोकथाम पर भी ध्यान दिया जाएगा।
नगर पालिका का कहना है कि यह अभियान चरणबद्ध तरीके से पूरे शहर में चलाया जाएगा ताकि आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके।
विशेषज्ञों की राय
पशु चिकित्सकों का मानना है कि आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या केवल अशोकनगर ही नहीं, बल्कि देश के कई शहरों की समस्या बन चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार भोजन की कमी, झुंड में रहने की प्रवृत्ति और अनियंत्रित प्रजनन के कारण कुत्तों का व्यवहार कई बार आक्रामक हो जाता है।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि केवल कुत्तों को पकड़ना पर्याप्त नहीं होगा। इसके साथ नसबंदी, टीकाकरण, नियमित निगरानी और पशु कल्याण से जुड़े नियमों का पालन भी आवश्यक है।
स्थायी समाधान की जरूरत
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बार घटना के बाद केवल आश्वासन मिलते हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाता। उनका मानना है कि डॉग शेल्टर शुरू होने के बाद भी नियमित निगरानी और प्रभावी कार्रवाई जरूरी होगी।
यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो मंडी क्षेत्र में किसी बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए प्रशासन को तत्काल कार्रवाई के साथ दीर्घकालिक योजना भी तैयार करनी होगी।
प्रशासन और नागरिकों की साझा जिम्मेदारी
विशेषज्ञों का मानना है कि आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान केवल प्रशासन के प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए नागरिकों का सहयोग भी जरूरी है। सार्वजनिक स्थानों पर कचरे का उचित निपटान, पशुओं के लिए नियंत्रित भोजन व्यवस्था और नगर पालिका को समय पर सूचना देना भी महत्वपूर्ण है।
निष्कर्ष
अशोकनगर की कृषि उपज मंडी में आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक अब केवल पशुओं तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह आम लोगों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। आठ गायों और बछड़ों की मौत तथा एक राहगीर का पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाना इस समस्या की गंभीरता को दर्शाता है।
नगर पालिका ने डॉग शेल्टर और टीकाकरण अभियान शुरू करने का आश्वासन दिया है। अब स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द प्रभावी कार्रवाई करेगा और मंडी परिसर को सुरक्षित बनाया जाएगा, ताकि किसान, व्यापारी, मजदूर और आम नागरिक बिना किसी डर के अपने दैनिक कार्य कर सकें।
