नुना की उचित मूल्य दुकान में स्टॉक की कमी, गेहूं-चावल और नमक का हिसाब नहीं मिला
औचक निरीक्षण में पीओएस रिकॉर्ड और मौके के भंडार में अंतर; कलेक्टर ने विक्रेता व समिति प्रबंधक पर कार्रवाई और वसूली के निर्देश दिए
रिपोर्टर: खूब चन्द्र लोधी
टीकमगढ़। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 के तहत कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने शुक्रवार को ग्राम पंचायत नुना स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान पीओएस मशीन में दर्ज खाद्यान्न स्टॉक और दुकान में मौके पर उपलब्ध भंडार के बीच अंतर पाया गया। प्रारंभिक निरीक्षण में गेहूं, चावल और नमक की निर्धारित मात्रा से कम स्टॉक मिला। कलेक्टर ने मामले पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई और वसूली की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
रिकॉर्ड और भौतिक स्टॉक का किया मिलान
निरीक्षण के दौरान दुकान के दस्तावेजों और पीओएस मशीन में दर्ज जानकारी का मौके पर मौजूद खाद्यान्न से मिलान किया गया। इस जांच में दुकान में 56 क्विंटल 90 किलो गेहूं, 13 क्विंटल 86 किलो चावल और 4 क्विंटल 18 किलो नमक कम पाया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मशीन में दर्ज स्टॉक और दुकान में मौजूद मात्रा के बीच यह अंतर सामने आया।
खाद्यान्न की कमी को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों से पूरे मामले में नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। उचित मूल्य दुकान विक्रेता अमित यादव और समिति प्रबंधक सुरेश यादव के विरुद्ध कार्रवाई तथा कमी के संबंध में वसूली के निर्देश दिए गए हैं। आगे की प्रक्रिया संबंधित विभागीय जांच और नियमों के अनुसार की जाएगी।
पात्र हितग्राहियों को राशन वितरण पर जोर
कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने कहा कि पात्र हितग्राहियों को शासन के नियमों के अनुसार खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाना चाहिए। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राशन पाने वाले परिवारों को निर्धारित मात्रा और समय पर सामग्री मिलना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उचित मूल्य दुकानों के संचालन में रिकॉर्ड का सही संधारण, उपलब्ध स्टॉक की नियमित जानकारी और लाभार्थियों को राशन का समय पर वितरण महत्वपूर्ण है। निरीक्षण के दौरान सामने आई कमी के बाद अधिकारियों को व्यवस्था की जांच और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। विभागीय प्रक्रिया में यह भी देखा जाएगा कि रिकॉर्ड और भौतिक स्टॉक के बीच अंतर किन कारणों से हुआ।
पंचायत भवन में ग्रामीणों से किया संवाद
दुकान के निरीक्षण के बाद कलेक्टर ग्राम पंचायत भवन नुना पहुंचे और ग्रामीणों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से खाद वितरण व्यवस्था और फसलों के अनुसार उपयुक्त खाद के चयन को लेकर चर्चा की। किसानों को बताया गया कि फसल की जरूरत के अनुरूप खाद का चयन और उपयोग करना चाहिए। ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं और क्षेत्र से जुड़े विषय कलेक्टर के सामने रखे।
कलेक्टर ने ग्रामीणों की बात सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में जिम्मेदार विभागों को समय पर कार्रवाई करनी चाहिए। संवाद के दौरान खाद वितरण की उपलब्धता और किसानों को सही जानकारी देने के विषय पर भी जोर दिया गया।
जांच और कार्रवाई पर रहेगी नजर
नुना की उचित मूल्य दुकान में निरीक्षण के दौरान सामने आई स्टॉक की कमी के बाद अब संबंधित विभाग की कार्रवाई पर ध्यान रहेगा। अधिकारियों को विक्रेता और समिति प्रबंधक के विरुद्ध नियमों के अनुसार कदम उठाने तथा वसूली की प्रक्रिया करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने और पात्र हितग्राहियों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने की बात दोहराई।
प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है कि उचित मूल्य दुकान का रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक नियमित रूप से मिलाया जाए, ताकि हितग्राहियों के लिए निर्धारित खाद्यान्न वितरण में बाधा न आए। वहीं ग्रामीणों ने भी अपनी समस्याओं के निराकरण की उम्मीद जताई।
