मिडिल ईस्ट युद्ध के चलते भारतीय Stock Market में कोहराम: सेंसेक्स 1800 अंक टूटा, निवेशकों को 12 लाख करोड़ का नुकसान
Stock Market मिडिल ईस्ट में युद्ध और अमेरिका-इजराइल तथा ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारतीय Stock Market में आज जबरदस्त गिरावट देखी गई। निवेशकों में भय का माहौल बना हुआ है और जोखिम भरे बाजारों से तेज बिकवाली का सिलसिला जारी है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स आज 1,710 अंक गिरकर 78,528 पर खुला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में 2.03 प्रतिशत या 1,626 अंकों की गिरावट देखी गई। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी सूचकांक भी 2.07 प्रतिशत यानी 516 अंक टूटकर 24,349 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था।
इस भारी गिरावट से निवेशकों को अनुमानित तौर पर करीब 12 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मिडिल ईस्ट के राजनीतिक तनाव और युद्ध के संभावित असर ने शेयर बाजार की सेंटिमेंट को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। निवेशक जोखिम भरे शेयरों से बाहर निकल रहे हैं और सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर रहे हैं।
बीएसई में व्यापक बिकवाली
बीएसई के 30 प्रमुख शेयरों में से 27 शेयर लाल निशान में ट्रेड कर रहे हैं, जबकि केवल 3 शेयर हरे निशान में रहे। गिरावट का सबसे बड़ा असर बड़े औद्योगिक और बैंकिंग शेयरों पर पड़ा। लार्सन एंड टुब्रो के शेयर में सबसे अधिक 7.19 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। टाटा स्टील के शेयर में 5.45 प्रतिशत, इंडिगो में 5 प्रतिशत और अल्ट्राटेक सीमेंट में 4.21 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा टाइटन के शेयर में 3.86 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।
अन्य प्रमुख शेयरों जैसे कि बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस, अडानी पोर्ट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एनटीपीसी, एशियन पेंट, रिलायंस, एक्सिस बैंक, मारुति, एसबीआई, पावरग्रिड, ट्रेंट, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, कोटक बैंक, एयरटेल, एचयूएल, सनफार्मा, आईटीसी, इटरनल, टीसीएस और बीईएल में भी गिरावट दर्ज हुई।
हालांकि, कुछ आईटी शेयरों में अपेक्षाकृत मामूली गिरावट रही। इन्फोसिस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक के शेयरों में भी नुकसान हुआ, लेकिन यह औसत से थोड़ा कम था।
मिडिल ईस्ट तनाव और निवेशकों की प्रतिक्रिया
विशेषज्ञों का कहना है कि मिडिल ईस्ट में युद्ध की स्थिति निवेशकों के डर का मुख्य कारण है। अमेरिका और इजराइल के ईरान पर सैन्य कार्रवाई की खबरों ने वैश्विक बाजारों में भारी अस्थिरता पैदा कर दी है। निवेशक इस समय जोखिम भरे शेयरों से बाहर निकल रहे हैं और अपने निवेश को सुरक्षित विकल्पों जैसे कि गोल्ड, बांड और फिक्स्ड डिपॉजिट की ओर ले जा रहे हैं।
मिडिल ईस्ट के तेल उत्पादन क्षेत्र और वैश्विक तेल कीमतों पर प्रभाव की आशंका भी बाजार में नकारात्मक सेंटिमेंट पैदा कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तनाव के चलते आने वाले दिनों में शेयर बाजार में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
निवेशकों के लिए सतर्कता की जरूरत
Stock Market विशेषज्ञ निवेशकों को चेतावनी दे रहे हैं कि इस समय घबराकर निर्णय लेना जोखिम भरा हो सकता है। “बाजार की अस्थिरता केवल कुछ दिनों तक रह सकती है, इसलिए दीर्घकालिक निवेशक जल्दबाजी में अपने शेयर बेचने से बचें,” विशेषज्ञों ने कहा।
विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि निवेशकों को पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखनी चाहिए और केवल सुरक्षित और भरोसेमंद शेयरों में निवेश करना चाहिए। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और मिडिल ईस्ट में युद्ध के घटनाक्रम पर ध्यान देना आवश्यक है।
वैश्विक बाजारों पर भी असर
मिडिल ईस्ट में युद्ध की स्थिति के कारण न केवल भारतीय बाजार प्रभावित हुए हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजार भी गिरावट का सामना कर रहे हैं। अमेरिका और यूरोप के प्रमुख सूचकांक जैसे डाउ जोंस, नैस्डैक और FTSE में भी इस तनाव के कारण भारी नुकसान दर्ज किया गया।
तेल उत्पादन और आपूर्ति में संभावित व्यवधान के चलते तेल और गैस शेयरों में तेजी आ सकती है, जबकि बैंकिंग, ऑटो और मेटल सेक्टर के शेयरों में दबाव रहेगा।
निवेशकों के नुकसान का अंदाजा
आज की गिरावट के साथ ही निवेशकों के करीब 12 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति पर असर पड़ा है। इस नुकसान का असर व्यक्तिगत निवेशकों के साथ-साथ म्यूचुअल फंड और संस्थागत निवेशकों पर भी पड़ा है। बड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट ने इंडेक्स को भारी दबाव में डाल दिया।
विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान स्थिति में बाजार में तेजी की उम्मीद तभी संभव है जब मिडिल ईस्ट में तनाव कम हो और वैश्विक बाजार स्थिर हों।
निष्कर्ष
भारतीय Stock Market आज मिडिल ईस्ट के युद्ध और वैश्विक राजनीतिक अस्थिरता के कारण भारी दबाव में रहा। सेंसेक्स में 1,710 अंक की गिरावट और निफ्टी में 516 अंक का नुकसान दर्शाता है कि निवेशक जोखिम से बचने की कोशिश कर रहे हैं। बीएसई के 30 प्रमुख शेयरों में से 27 में गिरावट ने बाजार की नकारात्मक स्थिति को और स्पष्ट किया।
विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशक इस समय घबराकर निर्णय न लें, अपने निवेश को सुरक्षित करें और वैश्विक घटनाओं पर नजर बनाए रखें। आने वाले दिनों में स्थिति स्थिर होने पर बाजार में सुधार की संभावना है, लेकिन फिलहाल मिडिल ईस्ट की स्थिति और युद्ध की आशंका निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
