नागदा में स्थानकवासी संघ का मिलन समारोह, 2027 के चातुर्मास में सहयोग का संकल्प
प्रमोद कुमार जैन, नागदा
नागदा। स्थानकवासी संघ के पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों का मिलन समारोह जीवदया समिति के शिविर हॉल में सौहार्दपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। मीडिया प्रमुख नितिन बुडावन ने जानकारी दी कि समारोह में समाज को सशक्त एवं संगठित बनाने, समस्याओं के समाधान और धार्मिक गतिविधियों में युवा पीढ़ी की सहभागिता बढ़ाने पर चर्चा हुई। उपस्थित सदस्यों ने वर्ष 2027 में पूज्य गुरुदेव प्रकाशमुनिजी म.सा. के चातुर्मास को सफल एवं ऐतिहासिक बनाने के लिए तन-मन-धन से सहयोग की भावना व्यक्त की।
दीप प्रज्वलन और संरक्षकों के सम्मान से शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ समाज के संरक्षक गंभीरमलजी पावेचा, प्रकाशजी बुड़ावनवाले, राजेंद्रजी कांठेड़ एवं राजेंद्रजी लूणावत, ट्रस्ट अध्यक्ष रविजी कांठेड़, चातुर्मास समिति अध्यक्ष दिलीपजी कांठेड़, संघ अध्यक्ष सतीशजी जैन सांवेरवाला तथा संघ सचिव अनिलजी पावेचा ने दीप प्रज्वलन कर किया।
इसके पश्चात कार्यकारिणी सदस्यों द्वारा समाज के सभी संरक्षकों का सम्मान किया गया। वरिष्ठजनों के सम्मान के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में संगठन, सेवा और सामाजिक दायित्वों से जुड़े विषयों पर विचार साझा किए गए।
समाज को नई दिशा देने के लिए सहयोग की अपेक्षा
स्थानकवासी संघ अध्यक्ष सतीश जैन सांवेरवाला ने स्वागत भाषण में समाज को नई दिशा में आगे बढ़ाने के लिए सभी से सहयोग की अपेक्षा की। समारोह में समाज की समस्याओं के समाधान तथा संगठन को अधिक मजबूत बनाने के लिए उपस्थित सदस्यों से सुझाव आमंत्रित किए गए।
सदस्यों ने अपने-अपने विचार रखते हुए समाजहित में मिल-जुलकर कार्य करने और हर स्तर पर सहयोग देने की भावना व्यक्त की। चर्चा में सुझावों के साथ उन्हें कार्यरूप देने के लिए सामूहिक सहभागिता की आवश्यकता सामने आई।
साधु-संतों की सेवा के लिए युवा टीम का सुझाव
राजेंद्रजी कांठेड़ ने कहा कि साधु-संतों के आहार, विहार एवं वैयावच्च की समुचित व्यवस्था के लिए एक समर्पित युवा टीम तैयार की जानी चाहिए। इससे आवश्यकता के समय युवाओं की सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी और सेवा व्यवस्था में उनका योगदान सुनिश्चित हो सकेगा।
राजेंद्रजी लूणावत ने युवाओं को जिनवाणी एवं धार्मिक गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि वर्तमान में धार्मिक आयोजनों में युवाओं की उपस्थिति अपेक्षाकृत कम रहती है। इस विषय पर गंभीरता से विचार कर उन्हें सक्रिय रूप से जोड़ने के प्रयास किए जाने चाहिए।
सुझावों को साकार करने में सहभागिता जरूरी
ट्रस्ट अध्यक्ष रविजी कांठेड़ ने कहा कि केवल सुझाव देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें साकार करने के लिए सहयोग और सहभागिता भी आवश्यक है। उन्होंने आगामी चातुर्मास को महत्वपूर्ण बताते हुए सभी समाजजनों से तन-मन-धन से सहयोग करने का आह्वान किया।
चातुर्मास समिति अध्यक्ष दिलीपजी कांठेड़ ने कहा कि नीति और नीयत अच्छी हो तो सफलता मिलती है। उन्होंने समाजहित के कार्यों में सकारात्मक सोच तथा अच्छी भावना के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।
वरिष्ठजनों के सम्मान की पहल को सराहा
समाज संरक्षक गंभीरमलजी पावेचा ने वर्तमान संघ द्वारा वरिष्ठजनों के सम्मान की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि वरिष्ठों का सम्मान करना हमारी संस्कृति और संस्कारों का परिचायक है।श्रेणिकजी बम ने संघ द्वारा ली गई ₹2100 की सहयोग राशि की पहल को निरंतर जारी रखने का सुझाव दिया। कामलजी जैन सहारा ने कहा कि किसी की गलती निकालने के बजाय उपयोगी सुझाव देना सर्वोपरि है। उन्होंने समाज के कार्यों में तन-मन-धन से सहयोग का विश्वास दिलाया।

युवा वर्ग और महिला मंडलों ने जताई प्रतिबद्धता
उमंगजी मुरडिया ने युवा पीढ़ी एवं पूरे युवा ग्रुप की ओर से कहा कि समाज के प्रत्येक रचनात्मक कार्य में युवा वर्ग सहयोग के लिए सदैव तत्पर रहेगा।
समारोह में चंदनबाला महिला मंडल, ब्राह्मी बहु मंडल, आदर्श श्राविका मंडल एवं आदर्श बालिका मंडल के अध्यक्ष और सचिव भी उपस्थित रहे। सभी ने वर्ष 2027 के चातुर्मास को सफल बनाने में सहयोग की भावना व्यक्त की।
संघ सचिव अनिल पावेचा ने कार्यक्रम का संचालन किया तथा कोषाध्यक्ष जितेश भंडारी ने आभार माना। अंत में स्नेह भोज के साथ मिलन समारोह का समापन हुआ।

