Sthanakvasi Jain समाज में नेतृत्व परिवर्तन, युवा व्यवसायी सतीश सांवेरवाला बने नए अध्यक्ष
नागदा (निप्र) — Sthanakvasi Jain समाज में सोमवार, 29 जून 2026 को आयोजित एक महत्वपूर्ण साधारण बैठक में समाज के नेतृत्व परिवर्तन का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। यह बैठक समाज के संगठनात्मक ढांचे और आगामी कार्ययोजना के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मीडिया प्रभारी नितिन बुडावनवाला ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में समाज के अध्यक्ष पद के लिए नए नेतृत्व का चयन किया गया, जिसमें युवा व्यवसायी सतीश लुणावत सांवेरवाला को सर्वसम्मति से समाज का नया अध्यक्ष चुना गया।
यह निर्णय समाज के सभी सदस्यों की सहमति और विचार-विमर्श के बाद लिया गया, जिससे पूरे समाज में एकता और सहयोग की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
12 वर्षों के कार्यकाल के बाद पूर्व अध्यक्ष ने दिया निवृत्ति पत्र
बैठक की शुरुआत समाज के निवर्तमान अध्यक्ष श्री प्रकाशचंद्र सांवेरवाला के संबोधन से हुई। उन्होंने समाज के समक्ष अपना औपचारिक निवृत्ति पत्र प्रस्तुत करते हुए बताया कि वे पिछले 12 वर्षों से स्थानकवासी जैन समाज के अध्यक्ष पद पर कार्यरत रहे हैं।
अपने कार्यकाल को याद करते हुए उन्होंने कहा कि समाज के सभी सदस्यों के सहयोग से उन्होंने अनेक सामाजिक, धार्मिक और संगठनात्मक कार्यों को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि समाज की मजबूती, एकता और सेवा भाव को बनाए रखना उनके कार्यकाल की प्राथमिक प्राथमिकता रही।
उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अब वे स्वास्थ्य कारणों और व्यक्तिगत जिम्मेदारियों के चलते अध्यक्ष पद से निवृत्त हो रहे हैं। उन्होंने समाज के सभी सदस्यों, पदाधिकारियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि बिना समाज के सहयोग के यह कार्य संभव नहीं था।
समाज में सर्वसम्मति से नए अध्यक्ष का चयन
पूर्व अध्यक्ष के निवृत्ति पत्र को समाजजनों द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकार किए जाने के बाद नए अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया प्रारंभ हुई। बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने विचार-विमर्श करते हुए एकमत से निर्णय लिया कि समाज का नेतृत्व अब युवा और सक्रिय नेतृत्व को दिया जाना चाहिए।
इसके बाद जीवदया मानव सेवा समिति के संस्थापक, महावीर इंटरनेशनल के पूर्व अध्यक्ष, एमआईएसओ ग्रुप के अध्यक्ष तथा अनेक सामाजिक संस्थाओं से जुड़े हुए सक्रिय युवा व्यवसायी सतीश लुणावत सांवेरवाला के नाम का प्रस्ताव रखा गया।
उनके सामाजिक कार्यों, संगठनात्मक अनुभव और समाजसेवा में सक्रिय भागीदारी को देखते हुए सभी सदस्यों ने उनके नाम पर सहमति व्यक्त की और उन्हें स्थानकवासी जैन समाज का नया अध्यक्ष चुन लिया गया।

सतीश सांवेरवाला के चयन पर उत्साह का माहौल
जैसे ही सतीश सांवेरवाला के नाम की घोषणा की गई, पूरे सभा स्थल में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी। समाजजनों ने पुष्पमालाओं से उनका स्वागत किया और उन्हें नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर उपस्थित सदस्यों ने इसे समाज के लिए एक नई शुरुआत बताया और कहा कि युवा नेतृत्व समाज को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करेगा।
नए अध्यक्ष का संबोधन और संकल्प
अध्यक्ष पद पर चयनित होने के बाद सतीश सांवेरवाला ने सभी समाजजनों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज ने जो विश्वास उन पर जताया है, वह उनके लिए एक बड़ी जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि वे पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ समाज के हित में कार्य करेंगे। उनका लक्ष्य समाज की एकता को मजबूत करना, युवाओं को जोड़ना और सामाजिक कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाना रहेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि समाज के हर वर्ग तक सेवा और सहयोग की भावना को पहुंचाना उनकी प्राथमिकता होगी। वे समाज के विकास और धार्मिक परंपराओं को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।
बैठक में अनेक गणमान्य सदस्य रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण बैठक में समाज के अनेक वरिष्ठ और सक्रिय सदस्य उपस्थित रहे। इनमें पूर्व ट्रस्ट अध्यक्ष राजेंद्र कांठेड़, ट्रस्ट अध्यक्ष रवि कांठेड़, जिला मंत्री राजेश धाकड़, चातुर्मास समिति अध्यक्ष दिलीप कांठेड़, सचिव अरविंद नाहर, कमल जैन सहारा, श्रेणिक बम, अमरचंद जैन, राजा कर्नावट, पारस पोखरना, अनिल पावेचा, निर्मल चपलोत, चंद्रशेखर जैन, धर्मेंद्र बम, निर्मल दलाल, चंदनमल संघवी, अमित बम, संजय मुरडिया, रमेश तरवेचा, लोकेश कर्नावट, मनोज चपलोत, रमेशचंद्र तांतेड़ (मुनिमजी), विनोद राठौड़, गंभीरमल पावेचा, किशोर राठौड़, राजेंद्र दलाल, सुभाष छोरिया, पार्थ कांठेड़, चंद्रप्रकाश कांठेड़, विजय संघवी, कमलनयन जैन सहित अनेक सदस्य शामिल रहे।
इसके अलावा युवा वर्ग और अन्य समाजजन भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और उन्होंने इस निर्णय का स्वागत किया।

समाज में नई ऊर्जा और संगठनात्मक मजबूती की उम्मीद
बैठक के बाद समाज के सदस्यों में उत्साह और सकारात्मकता का माहौल देखा गया। लोगों का मानना है कि युवा नेतृत्व के आने से समाज के कार्यों में गति आएगी और नई योजनाओं को मजबूती मिलेगी।
सदस्यों ने कहा कि सतीश सांवेरवाला के नेतृत्व में समाज सेवा, धार्मिक आयोजन, शिक्षा और मानव कल्याण से जुड़े कार्यों को नई दिशा मिलेगी।
निष्कर्ष
स्थानकवासी जैन समाज में हुआ यह नेतृत्व परिवर्तन केवल पद परिवर्तन नहीं, बल्कि एक नई सोच और नई ऊर्जा की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। 12 वर्षों के लंबे कार्यकाल के बाद जहां एक अनुभवी नेतृत्व ने जिम्मेदारी छोड़ी, वहीं अब युवा नेतृत्व को समाज का संचालन सौंपा गया है।
यह परिवर्तन समाज में संगठनात्मक मजबूती, युवा भागीदारी और सामाजिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में समाज और अधिक सक्रिय एवं संगठित रूप में कार्य करता दिखाई देगा।

