SP MLC Lal Bihari Yadav Statement: अखिलेश यादव पर ‘कुत्ते के गले में घंटी’ वाली टिप्पणी से सियासी घमासान, BJP ने घेरा
आजमगढ़ में शिक्षकों की बैठक के दौरान सपा MLC के कथित बयान पर विवाद, SP ने बताया निजी बयान; कांग्रेस ने किया बचाव
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसी बीच आजमगढ़ में समाजवादी पार्टी के MLC लाल बिहारी यादव के कथित विवादित बयान को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है।
हाल ही में शिक्षकों की एक बैठक के दौरान लाल बिहारी यादव ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का जिक्र करते हुए कथित तौर पर कहा कि यदि अखिलेश यादव कुत्ते के गले में घंटी बांध दें तो उसी को वोट देना चाहिए। उनके इस बयान के सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधना शुरू कर दिया।
विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और मतदाताओं के अपमान से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं। वहीं, समाजवादी पार्टी की ओर से बयान को पार्टी का आधिकारिक रुख मानने के बजाय इसे लाल बिहारी यादव की व्यक्तिगत टिप्पणी बताया गया है।
क्या है पूरा विवाद?
आजमगढ़ में शिक्षकों की बैठक के दौरान सपा MLC लाल बिहारी यादव की कथित टिप्पणी का वीडियो/बयान चर्चा में आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
लाल बिहारी यादव ने कथित तौर पर कहा कि अगर अखिलेश यादव किसी कुत्ते के गले में घंटी बांधकर उसे चुनाव मैदान में उतार दें, तो भी पार्टी समर्थकों को उसी को वोट देना चाहिए।
इस टिप्पणी को लेकर बीजेपी ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि इस तरह की भाषा लोकतंत्र और मतदाताओं के सम्मान के खिलाफ है।
हालांकि, पूरे बयान के संदर्भ और वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अलग से किए जाने की जरूरत है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह विवाद मुख्य रूप से सामने आई कथित टिप्पणी और उस पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाओं को लेकर है।
SP ने कहा- यह व्यक्तिगत बयान हो सकता है
विवाद बढ़ने के बाद समाजवादी पार्टी की ओर से लाल बिहारी यादव के बयान पर सफाई दी गई। सपा नेता दीपक रंजन ने कहा कि लोकतंत्र में जनता के पास अपना विवेक और रिकॉर्ड होता है। जनता यह देखती है कि किसने क्या कहा और किसने क्या नहीं कहा।
उन्होंने संकेत दिया कि लाल बिहारी यादव की टिप्पणी को समाजवादी पार्टी का आधिकारिक बयान नहीं माना जाना चाहिए। पार्टी की ओर से इसे उनका व्यक्तिगत बयान बताया गया है।
इस सफाई के बाद भी राजनीतिक विवाद थमता नजर नहीं आया और बीजेपी ने सपा पर हमला जारी रखा।
BJP ने साधा निशाना
सपा MLC के कथित बयान को लेकर बीजेपी ने समाजवादी पार्टी को घेरने का मौका नहीं छोड़ा। बीजेपी नेता आलोक अवस्थी ने बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह की टिप्पणी लोकतंत्र का अपमान है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जल्द ही समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर कुत्ते पट्टा बांधकर खड़े दिखाई देंगे। बीजेपी नेता ने कहा कि चुनाव में जनता इस तरह की बयानबाजी का जवाब देगी।
बीजेपी का आरोप है कि राजनीतिक दलों और नेताओं को मतदाताओं के सम्मान का ध्यान रखना चाहिए। पार्टी ने सपा MLC की टिप्पणी को इसी मुद्दे से जोड़ते हुए समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा।
कांग्रेस ने किया सपा MLC का बचाव
विवाद के बीच कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत भी सपा MLC के बचाव में सामने आए। उन्होंने बीजेपी की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि बीजेपी को इस बयान से इतनी परेशानी क्यों है।
सुरेंद्र राजपूत ने बीजेपी नेताओं के बीच आपसी राजनीतिक मतभेदों का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी को दूसरी पार्टियों के नेताओं के बयानों पर ज्यादा आपत्ति रहती है।
इस तरह एक बयान को लेकर समाजवादी पार्टी, बीजेपी और कांग्रेस के नेताओं के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।
चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
उत्तर प्रदेश में चुनाव नजदीक आने के साथ ही राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज होने लगी है। ऐसे में नेताओं के विवादित या तीखे बयान तेजी से राजनीतिक मुद्दा बन रहे हैं।
आजमगढ़ में लाल बिहारी यादव की कथित टिप्पणी भी इसी राजनीतिक माहौल के बीच सामने आई है। बीजेपी ने इसे लोकतंत्र और मतदाताओं के अपमान से जोड़ा है, जबकि सपा ने इसे व्यक्तिगत बयान बताकर पार्टी से अलग करने की कोशिश की है।
कांग्रेस की ओर से सपा नेता के बचाव में उतरने के बाद विवाद ने और राजनीतिक रंग ले लिया है।
बयान पर आगे भी जारी रह सकता है विवाद
लाल बिहारी यादव की कथित टिप्पणी को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर अभी जारी है। बीजेपी इस मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी पर हमला कर रही है, जबकि सपा की ओर से इसे व्यक्तिगत टिप्पणी बताया जा रहा है।
वहीं, कांग्रेस ने बीजेपी की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए सपा MLC का बचाव किया है।
चुनावी माहौल में यह मुद्दा आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है। फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर हैं कि समाजवादी पार्टी या खुद लाल बिहारी यादव की ओर से इस बयान पर कोई विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आता है या नहीं।
