Pocket Money से 90 ब्लाइंड बच्चों को दिए ट्रैक सूट — यूथ विंग श्वेतांबर जैन महिला संघ की अद्भुत सेवा पहल
इंदौर | मानवता की मिसाल: यूथ विंग श्वेतांबर जैन महिला संघ ने पेश की संवेदनशील पहल
इंदौर में सामाजिक सेवा और मानवीय संवेदनाओं का एक असाधारण उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब अखिल भारतीय श्वेतांबर जैन महिला संघ की यूथ विंग ने अपनी पॉकेट मनी बचाकर 90 ब्लाइंड बच्चों को ट्रैक सूट, सेव-परमल पैकेट और 38 किलो पोहे प्रदान किए।
यह पहल न केवल प्रेरणादायी है, बल्कि यह दर्शाती है कि नई पीढ़ी समाज सेवा का अर्थ गहराई से समझती है और इसे पूरे मन से निभाती भी है।
यूथ विंग की अध्यक्ष जिया जैन के नेतृत्व में बच्चों और युवा सदस्यों द्वारा किया गया यह सेवा कार्य समाज में जागरूकता, संवेदनशीलता और सहयोग की नई दिशा दिखाता है।
पॉकेट मनी से सेवा—नई पीढ़ी का बड़ा दिल
इस सेवा प्रकल्प की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि बच्चों ने कोई बाहरी सहायता नहीं मांगी, बल्कि उन्होंने अपनी पॉकेट मनी बचाकर ही पूरे प्रकल्प को अंजाम दिया।
अध्यक्ष जिया जैन ने बताया—
“हमारे युवा सदस्यों ने खुद अपनी बचत से यह सेवा कार्य किया। यह केवल दान नहीं, बल्कि करुणा, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व का श्रेष्ठ उदाहरण है।”
आज के समय में जब बच्चे अपनी पॉकेट मनी मनोरंजन, गैजेट या बाहरी गतिविधियों में खर्च करते हैं, ऐसे में बच्चों द्वारा जरूरतमंद ब्लाइंड बच्चों के लिए सेवा करना अपने आप में एक अद्भुत और प्रेरक कार्य है।
ब्लाइंड बच्चों की मुस्कान बनी सबसे बड़ी सफलता
ब्लाइंड बच्चे भले ही नए ट्रैक सूट को देखने में सक्षम नहीं थे, लेकिन जब उन्होंने कपड़े को छुआ, उसकी गर्माहट महसूस की, और पहनते ही उनके चेहरे पर जो मासूम खुशी उभरी—वही इस पूरे सेवा अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि बन गई।
उनकी स्पर्श में व्यक्त प्रसन्नता ने यूथ विंग सदस्यों के परिश्रम को सार्थक बना दिया।
सेवा प्रकल्प में दिए गए ये उपहार
यूथ विंग ने सेवा वितरण के दौरान ब्लाइंड बच्चों को—
- 90 ट्रैक सूट
- सेव-परमल के पैकेट
- 38 किलोग्राम पोहे
उपहारस्वरूप भेंट किए।
दिल को छू लेने वाली बात यह रही कि बच्चों ने इन उपहारों को बेहद प्यार और उत्साह के साथ ग्रहण किया।
युवा सदस्यों का उत्साह बना कार्यक्रम की पहचान
कार्यक्रम में सक्रिय रूप से शामिल रहे युवा सदस्य—
अरिषा जैन, हारमोनी जैन, अवनी मेहता, शौर्य जैन, त्रिशिका जैन और लक्ष्या जैन
इन सभी ने न केवल सेवा गतिविधि में भाग लिया, बल्कि पूरे आयोजन को सकारात्मक ऊर्जा, संवेदना और सौहार्द से भर दिया।
उनकी टीम भावना यह दर्शाती है कि आने वाली पीढ़ी समाज के प्रति कितनी जागरूक और जिम्मेदार है।
सामाजिक सहयोग—वरिष्ठ सदस्यों का आशीर्वाद
इस अवसर पर डॉ. सिंघल, रेखा जैन, विजया अजय जैन, पूजा जैन, रेणु जैन और सुमन बेताला सहित वरिष्ठ सदस्यों की उपस्थिति ने बच्चों का उत्साह कई गुना बढ़ा दिया।
वरिष्ठ सदस्यों ने युवाओं की इस सेवा भावना की खुलकर प्रशंसा की और इसे समाज के लिए अनुकरणीय बताया।
प्रकाश नगर स्थित ब्लाइंड स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक गीतों ने वातावरण को भावनात्मक और आनंदपूर्ण बना दिया।
समाज सेवा का सशक्त संदेश
यूथ विंग की इस पहल से एक महत्वपूर्ण संदेश निकलता है—
“सेवा के लिए उम्र नहीं, मन बड़ा होना चाहिए।”
बच्चों ने साबित कर दिया कि—
- सेवा का भाव बचपन से ही विकसित किया जा सकता है।
- छोटी बचत से भी बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है।
- समाज सेवा दिखावे से नहीं, दिल से होती है।
- नई पीढ़ी सकारात्मक बदलाव लाने में पूरी तरह सक्षम है।
दानदाताओं और सहयोगकर्ताओं के प्रति विशेष आभार
यूथ विंग ने सभी दानदाताओं और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा—
“समाज की हर छोटी-बड़ी मदद मिलकर ही बड़े परिवर्तन का रास्ता बनाती है। यह सेवा प्रकल्प सभी सहयोगी दिलों का संयुक्त प्रयास है।”
निष्कर्ष
अखिल भारतीय श्वेतांबर जैन महिला संघ की यूथ विंग ने मानवता की वह मिसाल प्रस्तुत की है, जिसे पूरे समाज में प्रेरणा के रूप में देखा जाएगा।
पॉकेट मनी बचाकर सेवा कार्य करना और जरूरतमंद ब्लाइंड बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाना—यह नई पीढ़ी की संवेदनशीलता, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी का सुंदर उदाहरण है।
**भवदीय
हारमनी जैन
यूथ विंग
अखिल भारतीय श्वेतांबर जैन महिला संघ**

