नाना पाटेकर को याद कर भावुक हुईं स्मृति ईरानी, साझा कीं अपने ‘दादा’ से जुड़ी यादें
नई दिल्ली। दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और अभिनेत्री स्मृति ईरानी ने भावुक श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अभिनेता से जुड़ी निजी यादें साझा करते हुए बताया कि दुनिया उन्हें नाना पाटेकर के नाम से जानती थी, लेकिन वह उन्हें प्यार से ‘दादा’ कहती थीं। अपने संदेश में स्मृति ने उनके अचानक आने वाले फोन, आत्मीय बातचीत और साथ बिताए पलों को याद किया। उन्होंने एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें अभिनेता उनके लिए खाना बनाते दिखाई देते हैं।
‘दादा’ कहकर बुलाती थीं स्मृति
स्मृति ईरानी की श्रद्धांजलि में नाना पाटेकर के साथ उनके व्यक्तिगत संबंध की झलक दिखाई दी। उन्होंने बताया कि उनके लिए अभिनेता का परिचय केवल फिल्मी नाम तक सीमित नहीं था। ‘दादा’ का संबोधन उनके बीच के अपनत्व और सम्मान को व्यक्त करता था।
उनकी पोस्ट में फिल्मों और पुरस्कारों से अधिक उन छोटी मुलाकातों और बातचीत का उल्लेख है, जो निजी रिश्तों में खास जगह रखती हैं। स्मृति ने अभिनेता को पर्दे की प्रसिद्धि से अलग, एक आत्मीय मित्र के रूप में याद किया।
अचानक फोन करके पूछते थे हाल
स्मृति के अनुसार, नाना पाटेकर के फोन अचानक आते थे, लेकिन उनके लिए बेहद कीमती होते थे। बातचीत में औपचारिक अभिवादन की जरूरत नहीं पड़ती थी। अभिनेता अपनी परिचित आवाज में सीधे पूछते थे, “कहां है रे?”
स्मृति ने इस छोटे से सवाल को अपने संबंध की सहजता के साथ याद किया। उनके संदेश से स्पष्ट होता है कि सामान्य दिखने वाली बातचीत भी उनके लिए महत्वपूर्ण स्मृतियों का हिस्सा थी। उन्होंने फोन पर होने वाले इन्हीं आत्मीय संवादों को अपनी श्रद्धांजलि में जगह दी।
साथ की तस्वीरें कम होने का जिक्र
अपनी पोस्ट में स्मृति ने बताया कि उन्होंने नाना पाटेकर के साथ बिताए पलों की तस्वीरें बहुत कम ली थीं। उस समय कभी यह कल्पना नहीं की थी कि एक दिन तस्वीरें ही यादों का सहारा बन जाएंगी।
उनकी यह बात बिछड़ने के बाद साधारण पलों का महत्व बढ़ जाने की भावना व्यक्त करती है। स्मृति ने किसी बड़ी सार्वजनिक घटना के बजाय व्यक्तिगत मुलाकातों और बातचीत को याद किया। उनकी श्रद्धांजलि का केंद्र वही अनुभव रहे, जिन्हें उन्होंने अभिनेता के साथ साझा किया था।
खाना बनाते हुए साझा किया वीडियो
स्मृति ईरानी ने अभिनेता का एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह उनके लिए खाना तैयार कर रहे हैं। आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, वीडियो में नाना पाटेकर अपने हाथों से फिश फ्राई बनाते दिखाई देते हैं।
स्मृति ने बताया कि यह किसी विशेष अवसर का आयोजन नहीं था। उनके लिए यह याद अभिनेता के अपनत्व का उदाहरण थी। उन्होंने अपने संदेश में इस पल को उन स्मृतियों में शामिल किया, जिन्हें वह सबसे करीब रखती हैं। वीडियो के साथ साझा शब्दों ने उनके रिश्ते की निजी और सहज तस्वीर सामने रखी।
युवा प्रतिभाओं से भी करते थे बातचीत
स्मृति ने यह भी बताया कि कभी-कभी वह नाना पाटेकर को फोन करके उनकी बातचीत युवा कलाकारों से कराती थीं। ये युवा उनके अभिनय के प्रशंसक होते थे और उनसे बात करना चाहते थे।
उनके अनुसार, अभिनेता ऐसे अवसरों पर आत्मीयता के साथ बातचीत करते थे। स्मृति ने उनके गंभीर बाहरी व्यक्तित्व के पीछे मौजूद गर्मजोशी को याद किया। उनकी पोस्ट में यह प्रसंग नाना के व्यवहार और दूसरों के लिए समय निकालने की भावना को सामने लाता है।
आखिरी बातचीत में पुणे बुलाया था
स्मृति की श्रद्धांजलि का सबसे भावुक हिस्सा उनकी अंतिम बातचीत से जुड़ा था। उन्होंने बताया कि नाना पाटेकर ने उन्हें पुणे आने के लिए कहा था और पूछा था कि वह कब आएंगी। स्मृति ने जल्द आने का जवाब दिया था।
अभिनेता के निधन के बाद उन्होंने इसी अधूरी मुलाकात को याद किया। उनकी पोस्ट में दोबारा मिलने का अवसर न मिल पाने का अफसोस दिखाई दिया। उन्होंने अपने ‘दादा’ को विदाई देते हुए आखिरी संवाद और उससे जुड़ी भावनाएं साझा कीं।
पांच दशकों तक सिनेमा में रही पहचान
नाना पाटेकर का गुरुवार, 8 अक्टूबर को 75 वर्ष की आयु में निधन हुआ। हिंदी और मराठी सिनेमा में उनका करियर लगभग पांच दशकों तक फैला रहा। ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’ और ‘सलाम बॉम्बे!’ जैसी फिल्मों ने उन्हें व्यापक पहचान दिलाई। वह तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और पद्मश्री से सम्मानित थे।
उनके निधन पर सार्वजनिक श्रद्धांजलियों के बीच स्मृति ईरानी की पोस्ट ने अभिनेता के व्यक्तिगत जीवन से जुड़ी आत्मीय यादों को सामने रखा।
