आठनेर में स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ा विरोध, उपभोक्ताओं का आरोप- पहले से ज्यादा आ रहे बिजली बिल; कलेक्टर के नाम सौंपेंगे ज्ञापन
स्वतंत्र किसान पार्टी के नेतृत्व में हुई बैठक, स्मार्ट मीटर की जांच और बढ़े हुए बिजली बिलों की समीक्षा की उठी मांग; तहसीलदार के माध्यम से प्रशासन तक पहुंचाएंगे शिकायत
संवाददाता: आशीष ठाकरे
आठनेर। क्षेत्र में लगाए जा रहे स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर उपभोक्ताओं की नाराजगी सामने आने लगी है। स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद बिजली बिल अधिक आने का आरोप लगाते हुए उपभोक्ताओं ने स्वतंत्र किसान पार्टी के नेतृत्व में बैठक आयोजित की। बैठक में बिजली उपभोक्ताओं से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई और प्रशासन से स्मार्ट मीटरों की जांच कराने तथा बढ़े हुए बिजली बिलों की समीक्षा करने की मांग उठाई गई।
बैठक में मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद कई घरों के बिजली बिल पहले की तुलना में अधिक आने लगे हैं। इससे सामान्य और मध्यम वर्गीय परिवारों के साथ किसानों तथा अन्य उपभोक्ताओं पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। हालांकि अधिक बिल आने के इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। उपभोक्ता अब मीटर और बिलिंग प्रक्रिया की जांच कराने की मांग कर रहे हैं।
स्मार्ट मीटर लगने के बाद बढ़े बिल का आरोप
बैठक में बिजली उपभोक्ताओं ने अपनी समस्याएं रखते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद उनके बिजली खर्च को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। कुछ उपभोक्ताओं का दावा है कि पहले जितनी बिजली का उपयोग किया जा रहा था, लगभग उतनी ही खपत के बावजूद अब बिल की राशि बढ़कर आ रही है।
लोगों ने मांग की कि बिजली विभाग ऐसे मामलों की जांच करे और पुराने तथा नए मीटर की खपत एवं बिलिंग का तुलनात्मक परीक्षण कराया जाए। यदि किसी उपभोक्ता के बिल में तकनीकी या अन्य कारणों से गड़बड़ी पाई जाती है तो उसे सुधारकर राहत दी जाए।
उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली जैसी आवश्यक सेवा का बिल परिवार के मासिक बजट का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। ऐसे में अचानक बिल बढ़ने से आर्थिक परेशानी पैदा होती है।
स्वतंत्र किसान पार्टी के नेतृत्व में जुटे उपभोक्ता
बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों को लेकर स्वतंत्र किसान पार्टी के नेतृत्व में बैठक आयोजित की गई। इसमें स्मार्ट मीटर, बिजली बिल और उपभोक्ताओं को हो रही कथित परेशानियों को प्रमुखता से उठाया गया।
बैठक का उद्देश्य उपभोक्ताओं की शिकायतों को एकत्रित कर उन्हें प्रशासन के सामने व्यवस्थित तरीके से रखना बताया गया। इस दौरान लोगों ने अपनी-अपनी समस्याओं के बारे में जानकारी दी और समाधान के लिए सामूहिक रूप से ज्ञापन सौंपने पर सहमति जताई।
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि यदि बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को एक जैसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है तो बिजली विभाग को इसकी तकनीकी जांच करनी चाहिए।
मीटरों की जांच कराने की उठी मांग
उपभोक्ताओं की प्रमुख मांग स्मार्ट मीटरों की जांच कराने की है। उनका कहना है कि मीटर लगाने के बाद यदि बिल अचानक बढ़ा है तो विभाग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इसके पीछे वास्तविक कारण क्या है।
उपभोक्ताओं ने मांग की कि संबंधित विभाग स्मार्ट मीटरों की रीडिंग, बिजली की वास्तविक खपत और जारी किए जा रहे बिलों की जांच करे। साथ ही उपभोक्ताओं को सरल तरीके से यह जानकारी उपलब्ध कराई जाए कि उनके बिल की गणना किस आधार पर की गई है।
बैठक में कहा गया कि यदि मीटर या बिलिंग में किसी प्रकार की तकनीकी त्रुटि मिलती है तो उसे तत्काल सुधारा जाए।
अधिक आए बिजली बिलों की समीक्षा की मांग
बैठक में केवल स्मार्ट मीटर की तकनीकी जांच ही नहीं, बल्कि अधिक बिल आने की शिकायत करने वाले उपभोक्ताओं के बिलों की व्यक्तिगत समीक्षा की मांग भी उठाई गई।
उपभोक्ताओं का कहना है कि शिकायत दर्ज कराने वाले प्रत्येक व्यक्ति के पिछले कुछ महीनों के बिजली बिल और वर्तमान बिल की तुलना की जानी चाहिए। इसके आधार पर यह पता लगाया जा सकता है कि बिजली की खपत वास्तव में बढ़ी है या बिल में किसी प्रकार की विसंगति सामने आ रही है।
लोगों ने यह भी मांग की कि शिकायतों के समाधान के लिए स्थानीय स्तर पर ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे उपभोक्ताओं को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
तहसीलदार के माध्यम से कलेक्टर को सौंपेंगे ज्ञापन
बैठक में निर्णय लिया गया कि स्मार्ट मीटर और बिजली बिल से संबंधित शिकायतों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन दिया जाएगा। स्वतंत्र किसान पार्टी और बिजली उपभोक्ताओं की ओर से तहसीलदार के माध्यम से कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपने की तैयारी की गई है।
ज्ञापन में स्मार्ट मीटरों की जांच, अधिक आए बिजली बिलों की समीक्षा और प्रभावित उपभोक्ताओं को राहत देने जैसी मांगों को प्रमुख रूप से शामिल किया जाएगा।
संगठन और उपभोक्ताओं का कहना है कि प्रशासन को इस मामले में हस्तक्षेप कर बिजली विभाग के अधिकारियों से शिकायतों की जांच करानी चाहिए, ताकि लोगों के बीच स्मार्ट मीटर और बिलिंग को लेकर पैदा हो रही आशंकाओं का समाधान हो सके।
उपभोक्ताओं को पारदर्शी जानकारी देने की मांग
बैठक में यह मुद्दा भी सामने आया कि स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली और बिजली खपत की गणना को लेकर उपभोक्ताओं को पर्याप्त जानकारी मिलनी चाहिए। लोगों का कहना है कि नई तकनीक लागू होने के साथ उपभोक्ताओं को यह समझाना भी जरूरी है कि स्मार्ट मीटर किस तरह रीडिंग दर्ज करता है और उसके आधार पर बिल कैसे तैयार होता है।
उपभोक्ताओं का मानना है कि बिलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने से कई तरह की आशंकाएं और भ्रम दूर किए जा सकते हैं।
इसके साथ ही शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए बिजली विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को उचित माध्यम उपलब्ध कराने की मांग भी की गई।
प्रशासन से समाधान की उम्मीद
स्वतंत्र किसान पार्टी के नेतृत्व में हुई बैठक के बाद अब उपभोक्ताओं की नजर प्रशासन और बिजली विभाग के रुख पर है। ज्ञापन के माध्यम से शिकायतें प्रशासन तक पहुंचाए जाने के बाद उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि स्मार्ट मीटर और अधिक बिल आने के आरोपों की जांच की जाएगी।
उपभोक्ताओं का कहना है कि उनका उद्देश्य बिजली व्यवस्था का विरोध करना नहीं, बल्कि बिलिंग में पारदर्शिता और शिकायतों का उचित समाधान सुनिश्चित कराना है। यदि मीटर सही हैं तो विभाग उपभोक्ताओं को इसकी स्पष्ट जानकारी दे और यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी सामने आती है तो उसका समय रहते निराकरण किया जाए।
फिलहाल स्मार्ट मीटर के कारण अधिक बिजली बिल आने का दावा उपभोक्ताओं और बैठक में शामिल लोगों की ओर से किया गया है। संबंधित बिजली विभाग या प्रशासन का पक्ष उपलब्ध होने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
