थांग-ता में आलीराजपुर के छह खिलाड़ियों का राज्य स्तर के लिए चयन
धार में हुई संभागीय शालेय स्पर्धा में स्वामी विवेकानंद विद्यापीठ के 10 खिलाड़ियों ने भाग लिया; तीन को दूसरा और एक को तीसरा स्थान मिला
आलीराजपुर। पारंपरिक मार्शल आर्ट थांग-ता की संभागीय शालेय चयन स्पर्धा में स्वामी विवेकानंद विद्यापीठ, आलीराजपुर के खिलाड़ियों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। विद्यालय के 10 खिलाड़ी प्रतियोगिता में उतरे थे। इनमें से छह ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए स्थान हासिल किया। शेष चार खिलाड़ियों में तीन अपने-अपने वर्ग में दूसरे और एक तीसरे स्थान पर रहा।
लोक शिक्षण संचालनालय के तत्वावधान में 19 सितंबर को धार के एसपीडी हॉल में आयोजित इस स्पर्धा में इंदौर संभाग के पांच जिलों से लगभग 150 खिलाड़ियों ने भाग लिया। धार, इंदौर, खरगोन, बड़वानी और आलीराजपुर के खिलाड़ियों ने अलग-अलग आयु एवं वजन वर्गों में मुकाबले खेले।
इन छह खिलाड़ियों का हुआ चयन
विद्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, महिमा राठौर, अंजनी भाटोदरा, केशव माहेश्वरी, देवराज सिंह पवार, श्रेयांश पटेल और भव्य सोलंकी का चयन राज्य स्तरीय शालेय थांग-ता प्रतियोगिता के लिए हुआ है। चयनित खिलाड़ी अब संभागीय स्तर से आगे बढ़कर राज्य स्तर पर अपनी खेल प्रतिभा दिखाएंगे।
विद्यालय के काव्य राठौर, तन्वी कनेश और वंशिका जमरा ने अपने-अपने वर्ग में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। रिदम भाटिया तीसरे स्थान पर रहे। इस तरह विद्यालय के सभी 10 प्रतिभागियों ने अपने-अपने वर्ग में स्थान हासिल किया। खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर विद्यालय परिवार ने खुशी व्यक्त की है।
पांच जिलों के खिलाड़ियों के बीच हुए मुकाबले
संभागीय प्रतियोगिता में अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 के बालक-बालिका वर्गों में मुकाबले आयोजित किए गए। आयोजकों के अनुसार, इन आयु वर्गों के अंतर्गत लगभग 36 वजन समूह रखे गए थे। प्रत्येक खिलाड़ी को अपने निर्धारित वर्ग में दूसरे जिलों से आए प्रतिभागियों का सामना करना पड़ा।
प्रतियोगिता का उद्घाटन जिला शिक्षा अधिकारी पुष्पेंद्र सस्तिया की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर शिक्षा विभाग के खेल अधिकारी निलेश गोयल, प्रतियोगिता प्रभारी संजय पवार तथा राहुल ठाकुर और महेश कुमार वर्मा भी मौजूद रहे। संभागीय स्तर की इस स्पर्धा ने खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी माहौल में अपने अभ्यास को परखने का अवसर दिया।
प्रशिक्षण पहल से बढ़ी भागीदारी
खेल प्रशिक्षक संजय पवार के अनुसार, इंदौर संभाग में थांग-ता में खिलाड़ियों की भागीदारी पहले कम थी। इसे देखते हुए उन्होंने विभिन्न जिलों के प्रशिक्षकों से संपर्क किया और खेल को बढ़ावा देने की पहल की। इसके बाद धार जिले में एक विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया।
बताया गया कि शिविर में दतिया से आए एक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी ने अलग-अलग जिलों के प्रशिक्षकों को थांग-ता का प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षकों ने अपने जिलों में लौटकर विद्यार्थियों को तैयार किया। इस पहल के बाद पांच जिलों की टीमें संभागीय स्पर्धा में शामिल हुईं।
पवार ने कहा कि विद्यार्थियों में खेल प्रतिभा की कमी नहीं है। नियमित प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अवसर मिलने पर वे आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने थांग-ता जैसे पारंपरिक खेलों को विद्यालय स्तर पर प्रोत्साहित करने की बात कही।
विद्यालय परिवार ने दी शुभकामनाएं
खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर जिला शिक्षा अधिकारी दीपशिखा अचाले, उपप्राचार्य प्रार्थना शर्मा, संस्था प्रबंधक राजेश राठौर, शिक्षा विभाग के खेल अधिकारी सुनील सोलंकी और जिला खेल अधिकारी संतरा निनामा सहित विद्यालय परिवार ने शुभकामनाएं दीं। उन्होंने खिलाड़ियों के साथ उनके प्रशिक्षकों और अभिभावकों के प्रयासों की भी सराहना की।
स्वामी विवेकानंद विद्यापीठ के लिए छह खिलाड़ियों का राज्य स्तर तक पहुंचना बड़ी उपलब्धि है। तीन खिलाड़ियों के दूसरे और एक के तीसरे स्थान ने भी विद्यालय के प्रदर्शन को मजबूत किया। अब चयनित खिलाड़ी राज्य स्तरीय मुकाबलों की तैयारी करेंगे, जहां उन्हें प्रदेश के अन्य संभागों के खिलाड़ियों से प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा।
