इंदौर शहर में लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन का कायाकल्प तेजी से जारी है। पश्चिम रेलवे द्वारा इस स्टेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और इसे Singhsth 2028 को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। इस परियोजना पर कुल लगभग 55 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जिसमें 45 करोड़ रुपये स्टेशन के निर्माण और 10 करोड़ रुपये फुट ओवरब्रिज के निर्माण पर लगाए जा रहे हैं।
स्टेशन के उन्नयन का उद्देश्य इंदौर आने-जाने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करना और शहर के रेलवे नेटवर्क को मजबूत करना है। सांसद शंकर लालवानी ने इस परियोजना की प्रगति का जायजा लेते हुए बताया कि स्टेशन के विकास कार्य जनवरी 2025 तक पूर्ण होने की संभावना है।
स्टेशन का निर्माण और आधुनिक सुविधाएं
लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन पर निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। पश्चिम रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि स्टेशन पर यात्रियों के लिए एक्सीलेटर लिफ्ट, व्यापक प्लेटफार्म और आधुनिक प्रतीक्षालय तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए तीन नई लिफ्टें स्थापित की जा रही हैं।
फुट ओवरब्रिज का निर्माण भी लगभग पूरा हो चुका है। यह 36 फीट चौड़ा होगा और यात्री आवागमन को सुगम बनाएगा। स्टेशन परिसर में नए प्रतीक्षालय, काउंटर, शौचालय, खाने-पीने की सुविधा और डिजिटल सूचना बोर्ड लगाए जा रहे हैं।
सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि लगभग 5 करोड़ रुपये की अतिरिक्त स्वीकृति देकर स्टेशन के कायाकल्प को और तेजी दी गई है। यह निवेश यात्रियों के बेहतर अनुभव और स्टेशन के सौंदर्यीकरण के लिए किया जा रहा है।
यात्री और मालगाड़ियों का निर्बाध संचालन
लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन पर विकास कार्य के दौरान यात्री ट्रेनों का संचालन निर्बाध रहेगा। प्लेटफार्म की ओर रेल पटरियों से आवागमन सामान्य रूप से होता रहेगा। वहीं, मालगाड़ियों के संचालन के लिए दो प्लेटफार्मों के बीच अलग रेल पटरी बिछाई जा रही है।
इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि मालगाड़ी गुजरने के दौरान मुख्य रेलवे लाइन बाधित न हो। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह कदम स्टेशन पर यात्री सुविधाओं को बढ़ाने के साथ-साथ ट्रेनों के समयबद्ध संचालन में सहायक होगा।
Singhsth 2028 के दृष्टिगत तैयारियाँ
सिंहस्थ 2028 को देखते हुए लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन को आधुनिक और सुविधाजनक स्टैंडर्ड स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए रेलवे ने पूरी परियोजना में सुरक्षा, सुगमता और यात्री सुविधाओं को प्राथमिकता दी है।
स्टेशन पर व्यापक प्रतीक्षालय, लिफ्ट और फुट ओवरब्रिज सहित अन्य आधुनिक सुविधाएं तैयार की जा रही हैं। इसके अलावा स्टेशन के प्रवेश और निकास मार्ग को भी यात्रियों की आवाजाही के अनुसार व्यवस्थित किया जा रहा है।
रेलवे अधिकारियों ने कहा कि स्टेशन के कायाकल्प के पूरा होने के बाद यह इंदौर के मुख्य रेलवे नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाएगा और शहर की यात्री सुविधा में वृद्धि करेगा।
स्टेशन से इंदौर शहर की रेल सुविधाओं में सुधार
लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन के कायाकल्प से इंदौर शहर की रेल सेवाओं में सुधार होगा। इंदौर से प्रारंभ होने वाली और इंदौर आने वाली नई ट्रेनों के लिए यह स्टेशन अंतिम गंतव्य के रूप में काम करेगा।
सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि यह कदम यात्रियों को बेहतर सुविधा, समय की बचत और कम भीड़भाड़ वाला अनुभव प्रदान करेगा। इसके अलावा स्टेशन के सौंदर्यीकरण और आधुनिक सुविधाओं के कारण यह इंदौर का एक मॉडल रेलवे स्टेशन बन जाएगा।
निवेश और आर्थिक पहलू
इस परियोजना पर कुल 55 करोड़ रुपये का खर्च किया जा रहा है। इसमें से लगभग 45 करोड़ रुपये स्टेशन के निर्माण और लगभग 10 करोड़ रुपये फुट ओवरब्रिज पर लगाए जा रहे हैं।
सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि विकास कार्य के लिए 5 करोड़ रुपये अतिरिक्त स्वीकृत किए गए हैं, जिससे स्टेशन पर आधुनिक सुविधाओं का निर्माण तेजी से किया जा सके। इस निवेश से न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि स्टेशन का सौंदर्यीकरण और यात्री अनुभव भी बेहतर होगा।
निष्कर्ष
लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन का कायाकल्प Singhsth 2028 को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। स्टेशन के उन्नयन से इंदौर शहर के रेलवे नेटवर्क में सुधार होगा, यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी और स्टेशन का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
स्टेशन पर यात्री और मालगाड़ियों के निर्बाध संचालन, आधुनिक प्रतीक्षालय, फुट ओवरब्रिज और लिफ्ट जैसी सुविधाएं यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाएंगी। कुल मिलाकर यह परियोजना इंदौर के रेलवे नेटवर्क के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी और आने वाले समय में यात्रियों के लिए एक आधुनिक और सुविधाजनक रेलवे स्टेशन प्रदान करेगी।

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