सिंघाना पुलिस ने POCSO मामले में आरोपी को 24 घंटे में गिरफ्तार किया
मनावर थाना क्षेत्र में महिला संबंधी अपराध का मामला, आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया
धार। मनावर थाना क्षेत्र की सिंघाना पुलिस ने POCSO एक्ट से जुड़े एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को घटना की रिपोर्ट दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, मामले में पीड़िता की शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेजे जाने की कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार, 26 सितंबर 2026 को सिंघाना चौकी, थाना मनावर में पीड़िता की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 666/2026 दर्ज किया गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 87, 65(1), 64(2)(M) और 127(4) तथा POCSO एक्ट की धारा 5L और 6 के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
24 घंटे के भीतर आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तत्काल टीम गठित की। पुलिस अधीक्षक धार सचिन शर्मा के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धार विजय डावर और एसडीओपी मनावर दीपांशु के मार्गदर्शन में कार्रवाई की गई।
थाना प्रभारी मनावर राजेश यादव और सिंघाना चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अनुप बघेल के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस के अनुसार, टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी शिवम पिता रामसिंह उर्फ रामलाल ठाकुर, उम्र 22 वर्ष, निवासी ग्राम रणतलाव, पटेलपुरा, चौकी सिंघाना, थाना मनावर, जिला धार को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी रिपोर्ट दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर की गई। गिरफ्तारी के बाद मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी की गई और आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
पुलिस टीम की रही महत्वपूर्ण भूमिका
पुलिस के अनुसार, कार्रवाई में थाना प्रभारी मनावर राजेश यादव, सिंघाना चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अनुप बघेल, उपनिरीक्षक रानी राठौर, मध्य प्रदेश आरक्षक रमा रावत, प्रधान आरक्षक सुरेश बडोले, आरक्षक सुनील डावर, आरक्षक कमल सोलंकी और आरक्षक शोभाराम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की विवेचना और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई जारी है। आरोप पुलिस द्वारा दर्ज प्रकरण और जांच के आधार पर हैं; आरोपी के संबंध में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।
