उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ 2028 की तैयारियों तेज हो गयी है जिसको लेकर सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों की भावनाओं को सर्वोपरि रखते हुए लैंड पूलिंग योजना को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। बताया जा रहा है की यह निर्णय मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित एक उच्च-स्तरीय बैठक में लिया गया।
किसानों की चिंताओं का सम्मान
इस बैठक में किसान संघ, जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। किसान प्रतिनिधियों ने लैंड पूलिंग योजना को लेकर अपनी आपत्तियाँ और चिंताएँ सामने रखीं। इन मुद्दों पर गहन चर्चा हुई जिस के बाद मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में योजना को रद्द करने की घोषणा की।
इसके साथ ही उन्होंने नगरीय प्रशासन विकास विभाग और जिला प्रशासन को आवश्यक आदेश जारी करने के निर्देश भी दिए। सरकार का मानना है कि इस फैसले से किसानों के अधिकार और भावनाओं की रक्षा होगी।

किसान संघ ने किया स्वागत
सरकार के इस कदम का किसान संघ ने गर्मजोशी से स्वागत किया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त किया। बैठक में किसान संघ प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल समेत महेश चौधरी, कमल सिंह आंजना, अतुल माहेश्वरी, लक्ष्मी नारायण पटेल, भरत बैस और रमेश दांगी उपस्थित थे।
सिंहस्थ होगा दिव्य और भव्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ 2028 का आयोजन विश्व स्तरीय बनाया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि आयोजन की तैयारियों में साधु-संतों, किसानों और स्थानीय निवासियों सहित समाज के हर वर्ग की भावनाओं और सुझावों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि दुनिया सिंहस्थ का वैभव देख सके।
