सिलवानी में शिव भक्ति का अनूठा संगम, पुरुषों के साथ महिलाओं ने भी निकाली कावड़ यात्रा
सावन के अंतिम सोमवार पर महिला मंडली ने राम मंदिर से उठाई कावड़, नदी पार कर सात बाबा मंदिर पहुंचकर किया भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक
सिलवानी। संवाददाता वैभव जैन मस्ताना। सावन माह के पवित्र अंतिम सोमवार पर सिलवानी क्षेत्र में शिव भक्ति का अद्भुत और मनमोहक नजारा देखने को मिला। भगवान भोलेनाथ की आराधना में जहां बड़ी संख्या में पुरुष श्रद्धालु कावड़ यात्रा निकालते नजर आए, वहीं इस वर्ष महिलाओं ने भी कंधे से कंधा मिलाकर कावड़ यात्रा में उत्साहपूर्वक भाग लिया। नगर के वार्ड क्रमांक 11 स्थित काली चौक मोहल्ले की महिला मंडली ने सामूहिक रूप से कावड़ यात्रा निकालकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। महिलाओं की इस धार्मिक पहल की नगरवासियों ने सराहना की।
सावन माह भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। खासकर सावन के सोमवार को शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। इस वर्ष सिलवानी क्षेत्र में भी पूरे सावन माह के दौरान धार्मिक आयोजनों, कावड़ यात्राओं और शिव अभिषेक का सिलसिला देखने को मिला। अंतिम सोमवार पर शिव भक्तों का उत्साह और अधिक दिखाई दिया। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया और हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
राम मंदिर से शुरू हुई महिलाओं की कावड़ यात्रा
इसी धार्मिक श्रृंखला के तहत वार्ड क्रमांक 11 के काली चौक मोहल्ले की महिला मंडली ने कावड़ यात्रा का आयोजन किया। महिला श्रद्धालुओं ने जमुनिया स्थित श्रीराम मंदिर से विधि-विधान के साथ कावड़ यात्रा प्रारंभ की। यात्रा के दौरान महिलाओं में भगवान भोलेनाथ के प्रति विशेष आस्था और उत्साह दिखाई दिया।
कावड़ लेकर निकली महिलाएं शिव भक्ति में लीन नजर आईं। यात्रा के दौरान भगवान शिव के जयकारों से पूरा मार्ग भक्तिमय हो गया। महिलाओं द्वारा निकाली गई कावड़ यात्रा स्थानीय लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनी रही। लोगों ने धार्मिक आस्था के साथ यात्रा का स्वागत किया और महिला श्रद्धालुओं के उत्साह की प्रशंसा की।
नदी पार कर आगे बढ़ी महिला श्रद्धालुओं की टोली
कावड़ यात्रा के दौरान महिला श्रद्धालुओं ने मार्ग में पड़ने वाली नदी को भी पार किया और अपनी धार्मिक यात्रा जारी रखी। इसके बाद कावड़ यात्रा शनिचरा मोहल्ला और होली चौक सहित नगर के विभिन्न मार्गों से होती हुई काली चौक स्थित सात बाबा मंदिर पहुंची।
यात्रा में शामिल महिलाओं के चेहरे पर थकान से ज्यादा भक्ति और उत्साह नजर आया। भगवान भोलेनाथ के प्रति आस्था के चलते महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ यात्रा पूरी की। रास्ते में स्थानीय लोगों ने भी कावड़ यात्रा को देखा और महिलाओं की धार्मिक भागीदारी की सराहना की।
सात बाबा मंदिर में विधि-विधान से हुआ जलाभिषेक

कावड़ यात्रा के सात बाबा मंदिर पहुंचने के बाद महिला श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की। इसके बाद कावड़ में लाए गए पवित्र जल से शिवलिंग का जलाभिषेक किया गया। महिलाओं ने भगवान भोलेनाथ से परिवार, नगर और क्षेत्र में सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
इस दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। भगवान शिव के जयकारों और पूजा-अर्चना के बीच महिलाओं ने अपनी कावड़ यात्रा संपन्न की। कावड़ यात्रा में करीब एक दर्जन महिलाओं ने भाग लिया। सभी श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक कर अपनी आस्था प्रकट की।
पुरुषों के साथ महिलाओं की भागीदारी बनी आकर्षण
इस वर्ष सिलवानी क्षेत्र में शिव भक्ति की विशेष बात यह रही कि कावड़ यात्राओं में पुरुष श्रद्धालुओं के साथ महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ी हुई दिखाई दी। आमतौर पर कावड़ यात्राओं में बड़ी संख्या में पुरुष श्रद्धालु नजर आते हैं, लेकिन इस बार महिला मंडलियों ने भी सामूहिक रूप से कावड़ उठाकर भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
काली चौक महिला मंडली की कावड़ यात्रा ने धार्मिक आस्था के साथ महिला सहभागिता का भी संदेश दिया। स्थानीय लोगों ने कहा कि धार्मिक आयोजनों में महिलाओं की इस प्रकार सक्रिय भागीदारी समाज में सकारात्मक संदेश देती है और नई पीढ़ी को भी अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ती है।
हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा क्षेत्र
सावन के अंतिम सोमवार पर सिलवानी क्षेत्र में सुबह से ही शिव भक्ति का माहौल बना रहा। शिव मंदिरों में पूजा-अर्चना, जलाभिषेक और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। इसी बीच महिला मंडली की कावड़ यात्रा ने शिव भक्ति के इस माहौल को और खास बना दिया।
कावड़ यात्रा के दौरान श्रद्धा, विश्वास और भक्ति का सुंदर संगम देखने को मिला। महिलाओं ने भगवान भोलेनाथ की आराधना करते हुए धार्मिक परंपरा का निर्वहन किया। यात्रा के समापन पर सभी ने भगवान शिव से क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। महिला मंडली की यह कावड़ यात्रा सिलवानी में सावन के अंतिम सोमवार के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में से एक रही।
