हम भी जाए तो कहां जाएं
बीच रोड और हाईवे पर बैठे पशु बने वाहन चालकों के लिए मुसीबत
Silwani संवाददाता वैभव जैन मस्ताना, संपूर्ण रायसेन जिले में इस समय बारिश के दौर के चलते पालतू पशु रोडो पर आकर अपना डेरा डाल रहे हैं क्योंकि उन्हें कोई सुखी जगह नहीं मिल पाती इसी कारण से बाय रोड पर आकर बैठते हैं वहीं ग्रामीण लोगों ने भी उनको आवारा छोड़ दिया है और उन चारवह की जगह पर कब्जा करके अपना निजी बना लिया है इसी कारण से गाय पशु दर-दर भटकते हैं और जहां उनका सुखी जगह मिलती है रोड़ों पर आकर बैठ जाते हैं इस कारण चलते हुए वाहन चालकों को काफी दिक्कत परेशानी का सामना करना पड़ता है कई बार तो बड़ी दुर्घटनाएं भी हो जाती हैं
जिसके कारण या तो पशु को गंभीर चोट लग जाती है या वाहन चालक को इसे लेकर ना तो अभी तक कोई गौ सेवा समिति ने कोई कदम उठाया है ना ही शासन प्रशासन की ओर से इस पर कोई संज्ञान लिया गया है ज्यादातर रात्रि में अंधेरे में रोडो पर बैठे पशु नजर नहीं आ पाए और एकदम से तेजी से आ रहा वहां उन पर चढ़ जाता है कई बार गंभीर दुर्घटनाएं भी हो जाती हैं इसे लेकर नागरिकों ने मांग की है कि गौ सेवा समिति हैं एवं शासन प्रशासन मिलकर इसकाकोई
समाधान निकाले जिससे पशुओं को भी कोई दिक्कत ना हो और वाहन चालक भी सुरक्षित रहे पशु भी कहते हैं कि हम जाएं तो कहां जाएं लोगों ने हमारी जगहो पर कब्जा कर लिया और वहीं वाहन चालक कहते हैं कि हम वहां कहां चलाएं हम जाएं तो कहां जाएं
