रक्षाबंधन पर्व को लेकर भाई-बहनों में उत्साह, दूर-दूर से मिलने पहुंच रहे परिजन
पवित्र रिश्ते के त्योहार को लेकर बाजार से घरों तक उत्साह
Silwani । (संवाददाता वैभव जैन मस्ताना) भाई-बहन के पवित्र प्रेम और स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे लोगों में उत्साह बढ़ता जा रहा है। लंबे समय से एक-दूसरे से दूर रह रहे भाई-बहन अब रक्षाबंधन के अवसर पर मिलने की तैयारियों में जुट गए हैं। पर्व को लेकर भाई-बहनों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दे रहा है।
शादी के बाद बहनें अपने ससुराल और भाई अपने परिवार एवं कामकाज में व्यस्त हो जाते हैं। ऐसे में नियमित रूप से मिलना-जुलना कम हो जाता है। रक्षाबंधन ऐसा अवसर है, जब भाई-बहनों को एक बार फिर साथ बैठकर पुराने दिनों की यादें साझा करने और सुख-दुःख बांटने का मौका मिलता है।
दूर-दूर से बहनें पहुंच रही भाइयों के घर
रक्षाबंधन को लेकर सिलवानी नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी उत्साह का माहौल है। कई बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए दूर-दराज के शहरों और गांवों से अपने मायके पहुंच रही हैं। वहीं जो बहनें किसी कारणवश अपने भाई के घर नहीं आ पा रही हैं, उनके भाई स्वयं बहनों के पास जाने की तैयारी कर रहे हैं।
यात्रा और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर परिवारों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। भाई-बहन इस अवसर को यादगार बनाने के लिए उत्साहित नजर आ रहे हैं।
साल में एक बार मिलता है परिवार से मिलने का मौका
भाई-बहनों का कहना है कि आज की व्यस्त जीवनशैली में सभी परिवारजनों का एक साथ मिलना आसान नहीं रह गया है। नौकरी, व्यवसाय, शादी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण भाई-बहन अक्सर अलग-अलग शहरों में रहने लगते हैं।
ऐसे में रक्षाबंधन का त्योहार साल में कम से कम एक ऐसा अवसर लेकर आता है, जब भाई अपनी बहन से और बहन अपने भाई से मिल सकती है। इस दौरान भैया-भाभी, भतीजे-भतीजियों और अन्य परिवारजनों से मिलने का अवसर भी मिलता है।
भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम और अपनापन
हिंदू मान्यताओं में रक्षाबंधन का विशेष महत्व माना गया है। यह पर्व भाई-बहन के बीच स्नेह, विश्वास और सुरक्षा की भावना को मजबूत करता है। बहन भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसके सुखी और स्वस्थ जीवन की कामना करती है, वहीं भाई बहन की रक्षा और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प व्यक्त करता है।
रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का अवसर नहीं, बल्कि वर्षों से चले आ रहे भाई-बहन के रिश्ते को फिर से महसूस करने और मजबूत करने का पर्व भी है।
महंगाई के बावजूद उत्साह बरकरार
इस बार रक्षाबंधन पर्व को लेकर लोगों में उत्साह तो है, लेकिन बढ़ती महंगाई का असर त्योहार की तैयारियों पर भी दिखाई दे रहा है। राखी, मिठाई, कपड़े और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ है।
लोग अपनी क्षमता के अनुसार त्योहार मनाने की तैयारी कर रहे हैं। कई परिवारों का कहना है कि महंगाई के बीच खर्च को संतुलित करना जरूरी है, लेकिन भाई-बहन के इस पवित्र त्योहार की खुशी को कम नहीं होने दिया जाएगा।
रिश्तों में मिठास बढ़ाने वाला पर्व
रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों द्वारा राखी के साथ भाइयों का मुंह मीठा कराने और परिवार के साथ समय बिताने की तैयारियां भी की जा रही हैं। वहीं भाई अपनी बहनों के लिए उपहार खरीदने की तैयारी कर रहे हैं।
नगर में त्योहार को लेकर लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी है। परिवारों में मिलन और उत्साह का माहौल है। लंबे समय बाद मिलने वाले भाई-बहन इस पर्व के माध्यम से अपने रिश्ते में फिर से वही अपनापन और पुरानी यादें महसूस कर रहे हैं।
कुल मिलाकर रक्षाबंधन पर्व ने सिलवानी सहित आसपास के क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना दिया है। महंगाई के बावजूद भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को मनाने की खुशी लोगों के चेहरे पर साफ दिखाई दे रही है।
