10 लक्षण महापर्व के समापन पर क्षमावाणी कार्यक्रम, गले मिलकर मांगी एक-दूसरे से क्षमा
‘सबसे क्षमा, सबको क्षमा’ की भावना के साथ जैन समाज ने मनाया क्षमावाणी पर्व
संवाददाता : वैभव जैन मस्ताना
Silwani । जैन समुदाय के 10 लक्षण महापर्व के समापन अवसर पर सिलवानी नगर में अखंड दिगंबर जैन तारण तरण जैन समाज द्वारा क्षमावाणी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। होली चौक स्थित तारण भवन में आयोजित कार्यक्रम धार्मिक गुरु बाल ब्रह्मचारी श्री बसंत जी महाराज के परम सानिध्य में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के दौरान समाजजनों ने अपने भाव और विचार व्यक्त किए। इसके बाद सभी ने एक-दूसरे से गले मिलकर क्षमा याचना की और आपसी मनमुटाव को समाप्त करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में ‘सबसे क्षमा, सबको क्षमा’ की भावना प्रमुख रही।
मनमुटाव भुलाकर नई शुरुआत का संदेश
क्षमावाणी पर्व जैन धर्म में आत्मचिंतन और परस्पर क्षमा का महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। कार्यक्रम के दौरान समाजजनों ने कहा कि वर्षभर में जाने-अनजाने किसी के प्रति मन में मतभेद, कटुता या बुराई उत्पन्न हो जाती है। ऐसे में क्षमावाणी के माध्यम से एक-दूसरे से क्षमा मांगकर और दूसरों को क्षमा कर संबंधों में मधुरता लाने का प्रयास किया जाता है।
समाजजनों ने एक-दूसरे से क्षमा याचना करते हुए बीते मतभेदों को पीछे छोड़कर सकारात्मक सोच के साथ जीवन को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। गले मिलकर क्षमा मांगने के दौरान कार्यक्रम स्थल पर भावनात्मक और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला।
समाजबंधुओं ने लिया सहभागिता
कार्यक्रम में अखंड दिगंबर जैन तारण तरण जैन समाज के बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित रहे। सभी ने धार्मिक गुरु बाल ब्रह्मचारी श्री बसंत जी महाराज के सानिध्य में क्षमावाणी पर्व की भावना को आत्मसात करने और आपसी प्रेम, सद्भाव तथा भाईचारे के साथ जीवन जीने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर समाजजनों ने कहा कि क्षमा केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि मन की कटुता दूर कर आत्मशुद्धि और बेहतर संबंधों की ओर बढ़ने का माध्यम है। कार्यक्रम का समापन परस्पर क्षमा याचना और मंगलभावनाओं के साथ हुआ।
