Silwani : घर-घर बिराजे छोटे नन्हे गजानंद, बच्चों में गणेश उत्सव को लेकर भारी उत्साह
Silwani : संवाददाता वैभव जैन मस्ताना , प्रथम पूजनीय, रिद्धि-सिद्धि के दाता भगवान श्री गणेश के उत्सव को लेकर इन दिनों देशभर में उल्लास का माहौल बना हुआ है। जगह-जगह लोग तरह-तरह की सुंदर और आकर्षक झांकियों के माध्यम से भगवान श्री गणेश को विराजमान कर उनकी पूजा-अर्चना और सेवा कर रहे हैं। इसी कड़ी में सिलवानी नगर में भी गणेश उत्सव की धूम देखने को मिल रही है, जहां खासतौर पर नन्हे-मुन्ने बच्चों में गजानंद को लेकर गजब का उत्साह और श्रद्धा नजर आ रही है।
बच्चों ने खुद तैयार कीं सुंदर झांकियां
सिलवानी नगर में छोटे-छोटे बच्चे अपने घरों में भगवान श्री गणेश को विराजमान कर अपने ही हाथों से सुंदर-सुंदर झांकियां तैयार कर रहे हैं। इन नन्हे बच्चों ने बड़ों की मदद के बिना ही रंग-बिरंगी सजावटी सामग्री, फूल-पत्तियों और अन्य चीजों का इस्तेमाल कर अपने घर के कोने को एक छोटे मंदिर जैसा रूप दे दिया है। नन्हे बच्चों का भगवान श्री गणेश के प्रति यह गहरा लगाव और धर्म के प्रति स्वाभाविक उत्साह देखते ही बन रहा है। बचपन से ही बच्चों में इस तरह की धार्मिक भावना और रचनात्मकता का विकसित होना, स्थानीय लोगों के लिए भी खुशी और गर्व का विषय बना हुआ है।
नगर में करीब 50 स्थानों पर हुई स्थापना
सिलवानी नगर में इस वर्ष लगभग 50 स्थानों पर भगवान श्री गणेश की स्थापना की गई है। इनमें कई जगहों पर नन्हे-मुन्ने बच्चों ने खुद अपने घरों में गजानंद की मूर्ति लाकर विराजमान की और अपने हाथों से आकर्षक झांकियां सजाईं। कहीं फूलों से सजी सादगीपूर्ण झांकी है तो कहीं रंग-बिरंगी रोशनी और सजावटी वस्तुओं से भगवान गणेश का दरबार सजाया गया है। बच्चों की इस सहभागिता ने नगर में गणेश उत्सव के उत्सवी रंग को और भी गहरा कर दिया है, और पूरे नगर में एक भक्तिमय व उत्साहपूर्ण माहौल बना हुआ है।
बच्चों की भक्ति बनी चर्चा का विषय
सिलवानी नगर में इस बार बच्चों की भक्ति और उत्साह चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब इतनी कम उम्र के बच्चे इतनी श्रद्धा और लगन से भगवान गणेश की सेवा में जुटे हों, तो यह आने वाली पीढ़ी में संस्कारों और धार्मिक परंपराओं के मजबूत होने का संकेत है। बच्चों में यह उत्साह न केवल धार्मिक आस्था को दर्शाता है, बल्कि उनकी रचनात्मकता और कलात्मक सोच को भी उजागर करता है, जो झांकियों की सुंदर सजावट में साफ झलकती है। मोहल्लों में घूमते हुए जब लोग इन नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा सजाई गई झांकियों को देखते हैं, तो वे रुककर उनकी सराहना करने से खुद को रोक नहीं पाते।
अभिभावकों का भी मिल रहा साथ
इस पूरे उत्सव में अभिभावकों की भूमिका भी उल्लेखनीय रही है। बच्चों के उत्साह को देखते हुए कई परिवारों ने अपने नन्हे सदस्यों को झांकी सजाने की पूरी आजादी दी, जिससे बच्चों में आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित हुई। अभिभावकों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां बच्चों को न केवल धर्म और संस्कृति से जोड़ती हैं, बल्कि उनके भीतर टीम वर्क और रचनात्मक सोच को भी बढ़ावा देती हैं।
पूरे नगर में उत्सव जैसा माहौल
गणेश उत्सव के इन दिनों में सिलवानी नगर पूरी तरह भक्तिमय रंग में रंगा हुआ है। घर-घर में गूंजते भजन, सजी हुई झांकियां और बच्चों की मासूम भक्ति ने त्योहार के माहौल को और भी खास बना दिया है। नगरवासियों का कहना है कि इस तरह के आयोजन न सिर्फ धार्मिक आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि परिवारों को एक साथ जोड़ने और बच्चों में संस्कार पैदा करने का भी काम करते हैं। आने वाले दिनों में गणेश उत्सव के समापन तक नगर में इसी तरह की भक्ति और उत्साह का माहौल बने रहने की उम्मीद है, और सिलवानी नगर के लोग इस त्योहार को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाने की तैयारी में जुटे हुए हैं।
