णमोकार महामंत्र जाप में अतिशय क्षेत्र सिहोनिया के पदाधिकारियों ने की महाआरती, भक्तिमय हुआ जैन बगीची परिसर
आर्यिका रत्न गणिनी गुरुमां 105 श्री संगममति माताजी ससंघ के सान्निध्य में चल रही 35 दिवसीय आराधना, 50 से अधिक सदस्यों ने महाआरती कर किया पुण्यार्जन
रिपोर्टर: मनोज जैन नायक
मुरैना। अम्बाह नगर की जैन बगीची में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ चल रहे 35 दिवसीय णमोकार महामंत्र जाप एवं आराधना में बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। परम पूज्य आचार्यश्री 108 सिद्धांतसागर महाराज की शिष्या आर्यिका रत्न गणिनी गुरुमां 105 श्री संगममति माताजी ससंघ के मंगल सान्निध्य में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान के कारण जैन बगीची सहित आसपास का वातावरण धर्ममय बना हुआ है।
प्रतिदिन श्रद्धालु यहां पहुंचकर णमोकार महामंत्र का सामूहिक जाप, पूजन, आरती एवं विभिन्न धार्मिक क्रियाओं में हिस्सा ले रहे हैं। इसी क्रम में आयोजित महाआरती में अतिशय क्षेत्र सिहोनियाजी दिगम्बर जैन मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों और सदस्यों ने विशेष रूप से सहभागिता करते हुए धर्मलाभ और पुण्यार्जन किया।
पारंपरिक सफेद पोशाक में पहुंचे 50 से अधिक सदस्य

महाआरती के पुण्यार्जक अतिशय क्षेत्र सिहोनिया दिगम्बर जैन मंदिर के समस्त पदाधिकारी एवं सदस्यगण रहे। कार्यक्रम में सिहोनियाजी मंदिर कमेटी के आधा सैकड़ा से अधिक सदस्य पारंपरिक सफेद पोशाक में पहुंचे। सभी सदस्यों की एकरूप वेशभूषा और अनुशासित उपस्थिति ने धार्मिक आयोजन की गरिमा को और बढ़ा दिया।
कमेटी के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भगवान की महाआरती करते हुए णमोकार महामंत्र के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की। आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्तिपूर्वक नृत्य भी किया। धार्मिक जयघोष और भक्ति संगीत के बीच जैन बगीची का पूरा परिसर आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर दिखाई दिया।
इस दौरान समाज के अन्य श्रद्धालुओं ने भी महाआरती में सहभागिता की। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं के कारण आयोजन स्थल पर विशेष उत्साह देखने को मिला। भगवान की आरती और णमोकार महामंत्र की आराधना के माध्यम से श्रद्धालुओं ने आत्मकल्याण की भावना के साथ धर्मलाभ अर्जित किया।
माताजी ने श्रद्धालुओं को समझाई णमोकार महामंत्र की महिमा
इस अवसर पर आर्यिका रत्न गणिनी गुरुमां 105 श्री संगममति माताजी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए धर्माराधना और णमोकार महामंत्र के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि णमोकार महामंत्र जैन धर्म का अत्यंत महत्वपूर्ण महामंत्र है। यह किसी एक व्यक्ति अथवा किसी भगवान विशेष की स्तुति तक सीमित नहीं है, बल्कि पंच परमेष्ठी के गुणों के प्रति श्रद्धा, विनय और सम्मान व्यक्त करने वाला महामंत्र है।
माताजी ने कहा कि णमोकार महामंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करने से व्यक्ति के मन में सकारात्मक और आध्यात्मिक भावों का विकास होता है। नियमित जाप से मन को शांति और एकाग्रता प्राप्त होती है तथा साधक के भीतर आत्मचिंतन और धर्म के प्रति समर्पण की भावना मजबूत होती है।
उन्होंने श्रद्धालुओं को धर्माराधना को जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि आध्यात्मिक साधना मनुष्य को अपने भीतर झांकने और जीवन को संयम, शांति तथा सद्भाव के साथ जीने की प्रेरणा देती है।
35 दिवसीय णमोकार महामंत्र जाप में उमड़ रहे श्रद्धालु
जैन बगीची में आयोजित 35 दिवसीय णमोकार महामंत्र जाप एवं आराधना में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो जाता है। सामूहिक रूप से णमोकार महामंत्र का जाप करने के साथ श्रद्धालु पूजन, आरती एवं अन्य धार्मिक गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं।
आयोजन में अम्बाह नगर के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी समाजजन पहुंच रहे हैं। अलग-अलग दिनों में विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों से जुड़े श्रद्धालु आराधना में सहभागी बनकर पुण्यार्जन कर रहे हैं।
लगातार चल रहे धार्मिक कार्यक्रम के कारण समाज के बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठजनों में भी विशेष उत्साह देखा जा रहा है। श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार आयोजन में शामिल होकर णमोकार महामंत्र का जाप कर रहे हैं।
महाआरती में दिखा श्रद्धा और उत्साह का अनूठा संगम

सिहोनियाजी मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों और सदस्यों की सहभागिता से महाआरती विशेष आकर्षण का केंद्र रही। आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति संगीत पर नृत्य करते हुए अपनी आस्था प्रकट की। सामूहिक आरती के दौरान उपस्थित समाजजनों ने भगवान के जयकारे लगाए, जिससे पूरा परिसर धर्ममय हो गया।
कमेटी के सदस्यों ने आयोजन में सहभागिता को सौभाग्य बताते हुए णमोकार महामंत्र की आराधना की। इस दौरान श्रद्धालुओं ने समाज में धर्म, शांति, सद्भाव और आध्यात्मिक मूल्यों को आगे बढ़ाने की भावना भी व्यक्त की।
धर्ममय हुआ अम्बाह नगर का वातावरण
35 दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के चलते अम्बाह नगर में लगातार भक्ति और धर्म का वातावरण बना हुआ है। जैन बगीची में होने वाले सामूहिक जाप और धार्मिक कार्यक्रम श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक साधना का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं।
आयोजन के माध्यम से श्रद्धालु न केवल धार्मिक क्रियाओं में सहभागिता कर रहे हैं, बल्कि आत्मचिंतन, संयम और आत्मकल्याण की भावना को भी जीवन में आत्मसात करने का प्रयास कर रहे हैं। समाजजन पूरे उत्साह के साथ आयोजन में शामिल होकर णमोकार महामंत्र की आराधना कर रहे हैं।
आयोजन से जुड़े श्रद्धालुओं का कहना है कि 35 दिवसीय महामंत्र जाप ने समाज में धार्मिक चेतना को और मजबूत किया है। आर्यिका रत्न गणिनी गुरुमां 105 श्री संगममति माताजी ससंघ के मंगल सान्निध्य में चल रही इस आराधना के आगामी दिनों में भी विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
