—Advertisement—

बैटरी रिक्शा से उतरते ही युवक हुआ बेहोश, SI Vivek Sharma ने 45 सेकंड में बचाई जान

Author Picture
Published On: 13 January 2026
Heroic Act in Bhopal: SI Revives Man Who Collapsed on Street
— Heroic Act in Bhopal: Sub-Inspector Revives Man Who Collapsed on Street

—Advertisement—

बैटरी रिक्शा से उतरते ही युवक की थमी सांसें, SI विवेक शर्मा ने 45 सेकंड में दी नई जिंदगी

Bhopal : राजधानी Bhopal के नादरा बस स्टैंड चौराहे पर सोमवार को एक ऐसी घटना घटी, जिसने वहां मौजूद लोगों के दिलों को झकझोर दिया। हनुमानगंज थाने में पदस्थ SI विवेक शर्मा ने अपनी सूझबूझ और तेज निर्णय क्षमता से एक युवक की जान बचाई। यह घटना उस समय हुई जब युवक बैटरी रिक्शा से उतरते ही अचानक बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़ा।

घटना की गंभीरता यह थी कि युवक के शरीर में हलचल नहीं थी और उसकी सांसें थम सी गई थीं। यह स्थिति किसी भी पल जानलेवा हो सकती थी। ऐसे में SI विवेक शर्मा ने तुरंत मोर्चा संभाला और 45 सेकंड के भीतर CPR (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) कर युवक को नई जिंदगी दी।

युवक की पहचान

बताया जा रहा है कि युवक पंजाब के लुधियाना-जालंधर क्षेत्र का निवासी गुलाब सिंह था। उसके साथ मौजूद मित्र बुरी तरह घबरा गए थे। इस दौरान सब-इंस्पेक्टर ने पूरी स्थिति का जायजा लिया और तत्काल प्रभाव से सीपीआर करना शुरू किया। सड़क पर ही किए गए इस प्रयास ने जीवन और मृत्यु के बीच फासले को मिटा दिया।

सीपीआर और जीवन बचाने की प्रक्रिया

Vivek Sharma ने देखा कि युवक की सांसें नहीं चल रही थीं और शरीर पूरी तरह स्थिर था। उन्होंने तुरंत अपने प्रशिक्षण का उपयोग किया और सीपीआर शुरू किया। करीब 30 से 45 सेकंड तक लगातार छाती को पंप करने के बाद गुलाब सिंह के शरीर में हलचल दिखाई दी। युवक ने गहरी सांस ली और होश आने पर उसके चेहरे पर पानी के छींटे मारे गए। इसके बाद उसे तुरंत हमीदिया अस्पताल ले जाया गया।

डॉक्टरों ने भी इस कार्य को सराहा और कहा कि यदि पुलिस अधिकारी समय पर न आता, तो युवक की जान बचाना मुश्किल हो सकता था। अस्पताल के अनुसार, अब गुलाब सिंह की स्थिति सामान्य है और उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई है।

SI की तत्परता और मानवता

इस घटना ने यह साबित कर दिया कि पुलिस सिर्फ कानून और व्यवस्था बनाए रखने का काम नहीं करती, बल्कि मानव जीवन की रक्षा में भी तत्पर रहती है। सब-इंस्पेक्टर विवेक शर्मा ने न केवल अपने कर्तव्य का निर्वहन किया, बल्कि मानवता के सर्वोच्च उदाहरण को भी प्रदर्शित किया।

हादसे के समय आसपास मौजूद लोग भी हैरान रह गए। कई लोगों ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि कोई पुलिस अधिकारी इतनी तेज और सक्षम कार्रवाई कर सकता है। सड़क पर यह चमत्कार देखकर वहां मौजूद लोग भावुक हो गए और सब-इंस्पेक्टर की सराहना करने लगे।

घटना की पृष्ठभूमि

Bhopal में नादरा बस स्टैंड चौराहा हमेशा लोगों और यातायात की भीड़ के लिए जाना जाता है। इस प्रकार के स्थानों पर किसी भी व्यक्ति का बेहोश हो जाना या दुर्घटना का होना गंभीर परिणाम दे सकता है। ऐसे समय में पुलिस की तत्परता और प्रशिक्षण का महत्व और बढ़ जाता है।

विवेक शर्मा ने बताया कि उन्होंने CPR की तकनीक और प्रशिक्षण का उपयोग किया। उन्होंने बताया कि समय पर और सही तकनीक के साथ किया गया CPR किसी भी व्यक्ति की जान बचाने में निर्णायक हो सकता है।

Read Also  : MP पुलिस अफसरों के लिए राहत, CAT ने कैडर रिव्यू में देरी पर लगाई फटकार

पुलिसकर्मी की प्रशंसा

Bhopal पुलिस प्रशासन ने सब-इंस्पेक्टर विवेक शर्मा की तत्परता की प्रशंसा की है। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी उनकी बहादुरी की मिसाल दी जा रही है। आम जनता और पुलिसकर्मियों ने उन्हें ‘मसीहा’ और ‘देवदूत’ तक कहा।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामले यह दिखाते हैं कि पुलिस अधिकारियों का प्रशिक्षण केवल कानून के पालन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें मानव जीवन की रक्षा के लिए भी प्रशिक्षित होना चाहिए। यह घटना साबित करती है कि प्रशिक्षित और सतर्क अधिकारी किसी भी कठिन परिस्थिति में तुरंत निर्णय लेने में सक्षम होते हैं।

आम जनता की प्रतिक्रिया

घटना स्थल पर मौजूद लोग भी सब-इंस्पेक्टर की तत्परता देखकर हैरान रह गए। लोगों ने कहा कि यह एक ऐसा उदाहरण है, जो यह दिखाता है कि पुलिस सिर्फ कानून लागू करने के लिए ही नहीं, बल्कि मानवता की रक्षा के लिए भी हमेशा तत्पर रहती है।

गुलाब सिंह के दोस्त ने कहा, “हम घबरा गए थे, लेकिन सब-इंस्पेक्टर की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई ने हमारी जान बचा ली। हम उनका हमेशा आभारी रहेंगे।”

पुलिस की भूमिका और समाज में संदेश

इस घटना ने यह संदेश भी दिया कि पुलिस का काम केवल अपराधियों को पकड़ना और कानून लागू करना नहीं है। किसी भी संकट या जीवन और मृत्यु की स्थिति में पुलिसकर्मी समाज के रक्षक बनकर सामने आते हैं। यह घटना भोपाल पुलिस की तत्परता और प्रशिक्षण का एक जीवंत उदाहरण बन गई है।

निष्कर्ष

सब-इंस्पेक्टर विवेक शर्मा की इस घटना ने यह दिखा दिया कि बहादुरी, मानवता और तत्परता किसी भी स्थिति में जीवन बचाने का सबसे बड़ा हथियार हो सकती है। गुलाब सिंह की जान बचाने के इस प्रयास ने पुलिस की छवि को और मजबूत किया है और यह उदाहरण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन गया है।

भोपाल पुलिस ने भी इस घटना को अपने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच साझा किया है, ताकि उनका प्रशिक्षण और तत्परता और बेहतर हो सके।

यह कहानी यह सिखाती है कि सही समय पर सही निर्णय और प्रशिक्षण से जीवन बचाया जा सकता है। सब-इंस्पेक्टर विवेक शर्मा की बहादुरी न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे भोपाल पुलिस और समाज के लिए गर्व का कारण बन गई है।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp