श्रुत स्कंध विधान छत्रपति नगर Indore में दिगंबर जैन महिला परिषद द्वारा भव्य आयोजन किया गया। 64 अर्घ समर्पित किए गए। पंडित मनीष जैन के निर्देशन में संपन्न हुए इस धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
श्रुत स्कंध विधान छत्रपति नगर Indore में भव्य धार्मिक आयोजन संपन्न
राजेश जैन दद्दू, Indore
श्रुत स्कंध विधान छत्रपति नगर indore में भव्य धार्मिक आयोजन
श्रुत स्कंध विधान छत्रपति नगर Indore में ज्येष्ठ शुक्ल पंचमी के पावन अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। दिगंबर जैन परंपरा का सर्वाधिक प्राचीन एवं प्रामाणिक ग्रंथ षटखण्डागम जैन कर्म दर्शन का आधारभूत शास्त्र माना जाता है। आचार्य पुष्पदंत एवं आचार्य भूतवली द्वारा इस महान ग्रंथ की रचना एवं संरक्षण की स्मृति में देशभर में प्रतिवर्ष ज्येष्ठ शुक्ल पंचमी को श्रुत पंचमी (श्रुत आराधना दिवस) के रूप में मनाया जाता है।इसी पावन अवसर पर दिगंबर जैन महिला परिषद अंजना संभाग आदिनाथ शाखा छत्रपति नगर, इंदौर द्वारा तीर्थ स्वरूप दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में श्रुत स्कंध विधान का आयोजन किया गया। यह धार्मिक आयोजन युवा विद्वान पंडित मनीष जैन के निर्देशन में संपन्न हुआ।
श्रुत पंचमी का धार्मिक महत्व
श्रुत पंचमी दिगंबर जैन समाज का अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। यह दिन जैन आगमों, शास्त्रों और ज्ञान परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति समर्पित होता है। इस अवसर पर समाजजन ग्रंथों की पूजा-अर्चना कर ज्ञान की आराधना करते हैं।
षटखण्डागम ग्रंथ की गौरवशाली परंपरा
जैन धर्म में षटखण्डागम को अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रामाणिक ग्रंथ माना जाता है। यह ग्रंथ जैन कर्म सिद्धांत और दर्शन का मूल आधार है। आचार्य पुष्पदंत एवं आचार्य भूतवली द्वारा संरक्षित इस अमूल्य धरोहर को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए श्रुत पंचमी पर्व मनाया जाता है।
आदिनाथ जिनालय में श्रुत स्कंध विधान का आयोजन
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि विधान का शुभारंभ प्रातःकाल नित्य नियम पूजन, अभिषेक एवं शांतिधारा के साथ हुआ। शांतिधारा करने का सौभाग्य श्री संगीत जैन एवं सचिन देवेंद्र जैन को प्राप्त हुआ।विधान के पूर्व महिला परिषद की श्रीमती रजनी जैन, मनीषा जैन, मीना जैन एवं सुषमा जैन ने मंडलजी पर चार रजत मंगल कलश स्थापित किए। वहीं श्रीमती सुनीता नरेंद्र नायक ने मंडलजी पर ग्रंथराज षटखण्डागम को विराजमान करने का सौभाग्य प्राप्त किया।
64 अर्घ समर्पित कर की गई आराधना
विधान पूजन के दौरान श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने मंडलजी पर 64 अर्घ समर्पित कर धर्म आराधना की। पूरे जिनालय परिसर में भक्ति एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण बना रहा।
समाजजनों की रही विशेष उपस्थिति
इस अवसर पर महिला परिषद इंदौर संभाग की अध्यक्ष श्रीमती मुक्ता जैन सहित पिंकी रेनबो, मनीषा टारगेट, समता सोधिया, सुरेखा रसिया, सुनीता देवरी, रवि देवी जैन, अजय-आजाद मामा, डी.एल. जैन, वीरेंद्र जैन, रमेश जैन, डॉ. जैनेंद्र जैन, अरविंद अखिलेश सोधिया, आलोक नेता, डॉ. वी.सी. जैन एवं अन्य समाजश्रेष्ठी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
श्रुत स्कंध विधान छत्रपति नगर Indore का यह आयोजन जैन समाज की ज्ञान परंपरा, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का प्रेरणादायक उदाहरण बना। श्रुत पंचमी के इस पावन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम ने समाज में धर्म, ज्ञान और संस्कारों के प्रति नई ऊर्जा का संचार किया।

