मां अहिल्या की पावन नगरी Indore में आ रहे हैं श्रंमण संस्कृति के श्रुत संवेगी आदित्य सागर महाराज संसघ
Indore , मध्य प्रदेश – मां अहिल्या की नगरी इंदौर में धार्मिक और आध्यात्मिक चेतना को प्रगाढ़ करने के लिए इस वर्ष श्रंमण संस्कृति के महामहिम आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के प्रिय शिष्य श्रुत संवेगी मुनि श्री आदित्य सागर जी मुनि, श्री अप्रमित सागर जी मुनि, श्री सहज सागर जी मुनि एवं छुल्लक श्री श्रेयस सागर जी संसघ पधार रहे हैं। इस पावन अवसर पर धर्म-प्रेमी और श्रद्धालु नागरिकों के लिए भव्य मंगल प्रवेश और पंचकल्याणक महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
गुरु संसघ का भव्य मंगल प्रवेश:
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार, 10 मार्च 2026 को इन महामहिम मुनियों का इंदौर नगर में भव्य मंगल प्रवेश संपन्न होगा। इस अवसर पर पूरे नगर में श्रद्धालुओं की उपस्थिति और उत्सव का वातावरण देखने को मिलेगा। गुरु संसघ के आगमन से शहर में एक दिव्य और पवित्र ऊर्जा का संचार होगा।
जिनबिंब पंचकल्याणक महोत्सव का आयोजन:
गुरु संसघ के आगमन के उपरांत 15 मार्च से 20 मार्च 2026 तक इंदौर के पश्चिमी क्षेत्र नरीमन सिटी में नवनिर्मित भव्य जिनालय में जिनबिंब पंचकल्याणक महामहोत्सव का आयोजन किया जाएगा। यह महोत्सव जैन धर्म के अनुयायियों के लिए अत्यंत पुण्यकारी और महत्वपूर्ण धार्मिक कार्यक्रम है। इस महोत्सव के दौरान श्रद्धालु पंचकल्याणक के महत्व, जिनबिंब पूजा और आध्यात्मिक साधना का लाभ उठा सकेंगे।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रबंध:
इस महोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाओं की गई हैं। धर्म-भक्तों के लिए धार्मिक प्रवचन, साधना मार्गदर्शन, आचार्य और मुनियों से भिक्षा और दर्शन का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही पंचकल्याणक के दौरान हर दिन भव्य पूजन और अनुष्ठान सम्पन्न होंगे।
धार्मिक महत्व:
जिनबिंब पंचकल्याणक महोत्सव का उद्देश्य केवल भव्य अनुष्ठानों का आयोजन नहीं है, बल्कि यह आत्मा के शुद्धिकरण, जीवन में संयम और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्रदान करता है। श्रुत संवेगी मुनियों के मार्गदर्शन से श्रद्धालु अपने मन, वचन और कर्म को शुद्ध करने में सक्षम होंगे।
श्रद्धालुओं के लिए आमंत्रण:
राजेश जैन दद्दू ने सभी धर्म-भक्तों से अपील की है कि वे इस भव्य अवसर का लाभ अवश्य उठाएं। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव इंदौर नगर के लिए ऐतिहासिक और पुण्यकारी अवसर है, जिसमें भाग लेकर लोग अपने जीवन को धर्म, संयम और पुण्य की ओर अग्रसर कर सकते हैं।
महा पुण्य और आध्यात्मिक लाभ:
श्रुत संवेगी मुनियों की साधना, उपदेश और मार्गदर्शन न केवल व्यक्तिगत जीवन के लिए बल्कि समाज में भी सकारात्मक ऊर्जा और नैतिकता का संचार करते हैं। उनके दर्शन, प्रवचन और साधना से मानसिक शांति, आध्यात्मिक विकास और जीवन में संतुलन स्थापित होता है।
भव्य कार्यक्रम:
- 10 मार्च 2026: गुरु संसघ का भव्य मंगल प्रवेश
- 15 मार्च से 20 मार्च 2026: जिनबिंब पंचकल्याणक महामहोत्सव, नरीमन सिटी, इंदौर
- प्रतिदिन भिक्षा, साधना, पूजन, प्रवचन और मार्गदर्शन
- श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था और मार्गदर्शन
शहर में उत्सव का माहौल:
इंदौर नगर इस धार्मिक महोत्सव के दौरान पूरी तरह उत्सव और पुण्य के माहौल में डूब जाएगा। नगर के नागरिकों के लिए यह अवसर न केवल धर्म और साधना का है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक समरसता का भी प्रतीक है।
अंतिम संदेश:
राजेश जैन दद्दू ने कहा कि इस महोत्सव का उद्देश्य श्रद्धालुओं के हृदय में धर्म, संयम और आध्यात्मिक चेतना को विकसित करना है। यह महोत्सव इंदौर नगर के लिए गौरव और पुण्य का अवसर है। सभी नागरिकों और श्रद्धालुओं से आग्रह है कि वे इस भव्य गुरु संसघ आगमन और जिनबिंब पंचकल्याणक महोत्सव में भाग लेकर अपने जीवन में धार्मिक और आध्यात्मिक प्रगति करें।
श्रुत संवेगी मुनियों के आगमन से इंदौर नगर में जैन धर्म और श्रंमण संस्कृति की महत्ता और भी प्रगाढ़ होगी। यह धार्मिक यात्रा न केवल व्यक्तिगत पुण्य और आध्यात्मिक लाभ प्रदान करेगी, बल्कि पूरे नगर में धार्मिक चेतना और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करेगी।
संवाददाता : राजेश जैन दद्दू
