1300 से अधिक कावड़ियों ने उठाई कावड़, ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल-बम’ के जयकारों से गूंजा क्षेत्र
झकनावदा प्रतिनिधि मनीष कुमट। श्रावण मास के पावन अवसर पर भगवान भोलेनाथ की भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। शिवगंगा के तत्वावधान में श्रृंगेश्वर महादेव धाम से विशाल कावड़ यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा में 1300 से अधिक कावड़ियों ने उत्साह और श्रद्धा के साथ सहभागिता की। कावड़ियों ने माही नदी के पवित्र जल से कावड़ भरकर अपने-अपने गांवों एवं फलियों की ओर प्रस्थान किया।
कावड़ यात्रा के दौरान पूरा क्षेत्र ‘हर-हर महादेव’, ‘बोल-बम’ और ‘जय भोलेनाथ’ के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं में भगवान शिव के प्रति गहरी आस्था और उत्साह दिखाई दिया। महिला, पुरुष और युवा बड़ी संख्या में यात्रा में शामिल हुए।
श्रृंगेश्वर धाम में बैठक के बाद यात्रा का शुभारंभ
कावड़ यात्रा शुरू होने से पहले श्रृंगेश्वर महादेव धाम में बैठक आयोजित की गई। शिवगंगा प्रमुख राजाराम कटारा के मार्गदर्शन में आयोजित बैठक में शिवगंगा द्वारा संचालित विभिन्न अभियानों और गतिविधियों की जानकारी दी गई।
बैठक में उपस्थित श्रद्धालुओं को धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों से जुड़ने का संदेश दिया गया। इसके बाद सभी कावड़ियों ने श्रृंगेश्वर महादेव के दर्शन किए और भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की मौजूदगी से भक्तिमय वातावरण बना रहा।
माही नदी के पवित्र जल से भरी कावड़
भगवान महादेव के दर्शन के बाद कावड़ियों ने माही नदी के तट पर पहुंचकर पवित्र जल भरा। श्रद्धालुओं ने विधिवत रूप से कावड़ में जल भरा और भगवान शिव को अर्पित करने का संकल्प लिया।
कंधों पर कावड़ उठाते ही श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। इसके बाद ‘बोल-बम’, ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय भोलेनाथ’ के जयकारों के साथ कावड़ यात्रा अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हुई।
यात्रा में ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे महिला-पुरुषों के साथ बड़ी संख्या में युवाओं ने भी हिस्सा लिया। कावड़ियों की लंबी कतार और हाथों में उठी कावड़ श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक बनी रही।
1300 से अधिक कावड़ियों ने की सहभागिता
शिवगंगा के तत्वावधान में आयोजित इस विशाल कावड़ यात्रा में 1300 से अधिक कावड़ियों ने सहभागिता की। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।
कावड़ियों की लंबी कतारें मार्ग में आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। जगह-जगह ग्रामीणों और श्रद्धालुओं द्वारा कावड़ यात्रियों का स्वागत किया गया। पूरे मार्ग में भक्ति, अनुशासन और सेवा का वातावरण देखने को मिला।
श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना के लिए आयोजित इस यात्रा में शामिल कावड़िए माही नदी का पवित्र जल अपने साथ लेकर निकले। उनके जयघोष से आसपास का वातावरण शिवमय हो गया।
झकनावदा में हुआ भव्य स्वागत
विशाल कावड़ यात्रा के झकनावदा पहुंचने पर कावड़ यात्रा स्वागत समिति द्वारा श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत किया गया। समिति के सदस्यों ने कावड़ियों को दुपट्टा पहनाकर सम्मानित किया और उनके लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था की।
लंबी दूरी की यात्रा कर पहुंचे कावड़ियों ने स्वल्पाहार ग्रहण किया। सेवा के दौरान समिति के सदस्यों और श्रद्धालुओं में भी विशेष उत्साह नजर आया।
कावड़ियों के स्वागत के दौरान ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल-बम’ के जयकारे लगातार गूंजते रहे। पूरा वातावरण धार्मिक उल्लास से भर गया।
राजाराम कटारा का साफा बांधकर अभिनंदन
इस अवसर पर शिवगंगा प्रमुख राजाराम कटारा का भी विशेष अभिनंदन किया गया। विकास जोशी, हेमेन्द्र जोशी, श्रेणिक कोठारी, संजय व्यास, राजेंद्र मिस्त्री और आर्यन मिस्त्री द्वारा राजाराम कटारा को साफा बांधकर एवं पुष्पमालाओं से सम्मानित किया गया।
अभिनंदन के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं और आयोजन से जुड़े कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। आयोजन से जुड़े लोगों ने धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों में निरंतर सहभागिता की भावना व्यक्त की।
भक्ति और आस्था से सराबोर हुआ क्षेत्र
श्रावण मास में आयोजित इस विशाल कावड़ यात्रा ने पूरे क्षेत्र में धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण निर्मित कर दिया। माही नदी का पवित्र जल लेकर निकले कावड़िए भगवान महादेव के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करते हुए अपने-अपने गांवों और फलियों की ओर रवाना हुए।
पूरे यात्रा मार्ग में भगवान शिव के जयकारों की गूंज सुनाई देती रही। श्रद्धालुओं की आस्था, उत्साह और अनुशासन ने यात्रा को विशेष बना दिया। महिलाओं और युवाओं की बड़ी भागीदारी ने आयोजन में और उत्साह भर दिया।
कावड़ यात्रा के दौरान सेवा और स्वागत की व्यवस्थाओं ने सामाजिक सहभागिता का संदेश भी दिया। स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं की सहायता कर धार्मिक आयोजन में अपनी भागीदारी निभाई।
श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना और माही नदी के पवित्र जल के साथ निकली यह कावड़ यात्रा क्षेत्र की धार्मिक परंपरा और आस्था का महत्वपूर्ण आयोजन बनी। यात्रा ने श्रद्धालुओं को भक्ति के साथ सामाजिक एकता और सेवा की भावना से भी जोड़ा।
श्रृंगेश्वर से शुरू हुई इस विशाल कावड़ यात्रा में 1300 से अधिक श्रद्धालुओं की सहभागिता ने आयोजन को भव्य रूप दिया। ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल-बम’ के जयकारों से गूंजता क्षेत्र देर तक शिवभक्ति में डूबा नजर आया।
