भीनमाल में श्रीमाली समाज ने मनाया महालक्ष्मी प्राकट्योत्सव, भव्य प्रभातफेरी में उमड़े श्रद्धालु
रिपोर्टर: मुकेश सोलंकी
भीनमाल। स्थानीय श्रीमाली ब्राह्मण समाज की ओर से महालक्ष्मी जन्मोत्सव एवं प्राकट्योत्सव हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। उत्सव के अंतर्गत प्रातः प्रभातफेरी, श्री सूक्त पाठ, आरती और रात्रि में भजन संध्या का आयोजन हुआ। बड़ी संख्या में समाजबंधुओं, युवाओं एवं मातृशक्ति ने कार्यक्रमों में भाग लिया। पारंपरिक परिधानों में शामिल श्रद्धालुओं, भजन-कीर्तन और महालक्ष्मी जी के जयकारों से नगर का वातावरण धर्ममय बना रहा।
समाज अध्यक्ष ठाकुर शेखर व्यास ने बताया कि प्रातः 6 बजे सदर बाजार स्थित महालक्ष्मी मंदिर से गाजे-बाजे के साथ भव्य प्रभातफेरी निकाली गई। नगर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली प्रभातफेरी में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। उत्सव के लिए नगर के दोनों महालक्ष्मी मंदिरों को आकर्षक रूप से सजाया गया था।
प्रमुख मार्गों से होकर कमलेश्वरी मंदिर पहुंची प्रभातफेरी
सदर बाजार स्थित महालक्ष्मी मंदिर से शुरू हुई प्रभातफेरी बड़ा चौहटा, ब्रह्मपुरी, शालिग्राम अस्पताल, पीपली चौक एवं खारी रोड से होती हुई धोराढाल स्थित कमलेश्वरी मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए आगे बढ़े। महालक्ष्मी जी के जयकारों के साथ समाजबंधुओं ने प्रभातफेरी में भाग लिया।
पालकी एवं रेवाड़ी यात्रा में युवाओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरती प्रभातफेरी उत्सव का प्रमुख आकर्षण बनी। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से धार्मिक आयोजन में शामिल होकर महालक्ष्मी जी के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। महिलाओं ने मार्ग में भजन-कीर्तन के साथ गरबा नृत्य भी किया।
पारंपरिक परिधानों में शामिल हुए समाजबंधु
प्रभातफेरी में समाजबंधु पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। पुरुषों ने धोती और पीतांबर धारण किया, जबकि महिलाओं ने लाल चुनरी पहनकर आयोजन की शोभा बढ़ाई। पारंपरिक परिधानों और सामूहिक सहभागिता ने प्रभातफेरी को विशेष स्वरूप दिया।
मातृशक्ति की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। महिलाओं के भजन-कीर्तन और गरबा नृत्य के साथ युवाओं की पालकी एवं रेवाड़ी यात्रा में भागीदारी ने उत्सव में उत्साह बढ़ाया। समाज के विभिन्न वर्गों ने एक साथ शामिल होकर आयोजन को सामूहिक आस्था और सामाजिक सहभागिता का अवसर बनाया।
कमलेश्वरी मंदिर में हुआ श्री सूक्त का सस्वर पाठ
प्रभातफेरी के कमलेश्वरी मंदिर पहुंचने पर वेदपाठी ब्राह्मणों द्वारा श्री सूक्त का सस्वर पाठ किया गया। इसके पश्चात महालक्ष्मी जी की आरती उतारी गई। मंदिर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से सहभागिता की।
दोपहर में सदर बाजार स्थित महालक्ष्मी मंदिर परिसर में भी श्री सूक्त पाठ का विशेष आयोजन किया गया। इस प्रकार उत्सव के दौरान सुबह और दोपहर, दोनों समय धार्मिक कार्यक्रम हुए। प्रभातफेरी के साथ पाठ एवं आरती ने महालक्ष्मी प्राकट्योत्सव के आयोजन को भक्तिमय स्वरूप प्रदान किया।
दोनों मंदिरों में सजावट, रात्रि में भजन संध्या
उत्सव के अवसर पर नगर के दोनों महालक्ष्मी मंदिरों को पुजारी महादेव भाई द्वारा आकर्षक रूप से सजाया गया। मंदिरों में महाआरती का आयोजन हुआ। सजावट के साथ धार्मिक कार्यक्रमों में समाजबंधुओं की सहभागिता रही।
रात्रि में विशाल भजन संध्या आयोजित की गई, जिसमें कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुतियां दीं। सुबह की प्रभातफेरी से लेकर रात्रि की भजन संध्या तक उत्सव में विभिन्न धार्मिक गतिविधियां शामिल रहीं। श्रद्धालुओं ने इन कार्यक्रमों के माध्यम से महालक्ष्मी जी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
विभिन्न संगठनों ने किया प्रसाद वितरण
प्रभातफेरी के दौरान श्रीमाली फाउंडेशन, परशुराम सेवा संगठन, महिला मंडल एवं श्रीमाली ब्राह्मण समाज द्वारा जगह-जगह प्रसाद वितरित किया गया। विभिन्न संगठनों की सहभागिता से आयोजन में सहयोग और सेवा की भावना दिखाई दी।
समाज सचिव भगवती प्रसाद दवे ने कहा कि ऐसे सामाजिक एवं धार्मिक आयोजनों में समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। उन्होंने सामूहिक सहभागिता का महत्व बताते हुए समाजबंधुओं को धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ने का संदेश दिया।
बड़ी संख्या में उपस्थित रहे समाजजन
इस अवसर पर प्रवीण एम. दवे, रवि ठाकुर, भीमाशंकर दवे, शास्त्री प्रवीण त्रिवेदी, जगदीश प्रसाद दवे, नरोत्तम दवे, सुरेश वोरा, श्याम, महेश दवे, जटाशंकर अवस्थी, महेश ओझा, मनीष दवे, चिराग बोहरा, कुलदीप यागी, विनोद, गोपीकृष्ण व्यास, महेश एवं मुकेश सहित बड़ी संख्या में समाज के पुरुष और मातृशक्ति उपस्थित रहे।
महालक्ष्मी प्राकट्योत्सव के आयोजन में प्रभातफेरी, श्री सूक्त पाठ, महाआरती, प्रसाद वितरण और भजन संध्या के माध्यम से श्रद्धा एवं सामाजिक एकजुटता का भाव सामने आया। समाजबंधुओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता के साथ भीनमाल में महालक्ष्मी जन्मोत्सव भक्तिभाव से मनाया गया।
