मनावर में श्रीमद्भागवत कथा और रुद्र महायज्ञ का शुभारंभ, 300 महिलाओं ने कलश यात्रा में लिया भाग
मनावर। श्री वेदांत दर्शन सेवा समिति आश्रम तपोवन धाम के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा एवं रुद्र महायज्ञ का शुभारंभ रविवार को भक्तिमय वातावरण में हुआ। प्रथम दिन ब्रह्म मुहूर्त में यज्ञ-हवन और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। इसके बाद नगर के प्राचीन बंकनाथ अटल दरबार मंदिर से कलश यात्रा निकाली गई। संत-महात्माओं, महिलाओं, बच्चों और नगरवासियों की सहभागिता के बीच यात्रा सिंघाना रोड स्थित कथा स्थल पहुंची।
कलश यात्रा में पचखेड़ा, जुलवानिया और केसरपुरा क्षेत्र की करीब 300 महिलाओं ने कलश धारण कर भाग लिया। चार बग्घियां, 10 घोड़े तथा देवी-देवताओं का स्वरूप धारण किए बालक-बालिकाएं यात्रा के आकर्षण का केंद्र रहे। धार्मिक जयघोष के साथ श्रद्धालुओं ने आयोजन में सहभागिता की।
ब्रह्म मुहूर्त में यज्ञ-हवन से शुरुआत
आयोजन के पहले दिन ब्रह्म मुहूर्त में रुद्र महायज्ञ के अंतर्गत यज्ञ-हवन किया गया। मुख्य यजमानों ने विधि-विधान के साथ आहुति देकर धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया। यज्ञ के माध्यम से कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसके बाद कलश यात्रा और भागवत कथा का आयोजन हुआ।
मुख्य यजमानों में मुकेश पाटीदार एवं उनकी पत्नी रितु पाटीदार, राजा पाठक एवं शालिनी पाठक, अरविंद पाटीदार एवं सोनू, मयूर पाटीदार एवं रोशनी, अमर सिंह जमरा एवं रंजना तथा फतेह सिंह डोडवे शामिल रहे। सभी ने श्रद्धापूर्वक यज्ञ में आहुति दी। अनुष्ठानों के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी धार्मिक कार्यक्रम में सहभागिता की।
बंकनाथ मंदिर से कथा स्थल तक निकली यात्रा
यज्ञ-हवन के बाद प्राचीन बंकनाथ अटल दरबार मंदिर से कलश यात्रा प्रारंभ हुई। यात्रा दुर्गा मंदिर, क्रांति चौपाटी और बस स्टैंड होते हुए सिंघाना रोड स्थित श्रीमद्भागवत कथा स्थल पहुंची। यात्रा में नगर के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए श्रद्धालु भी शामिल हुए।
कलश धारण किए महिलाओं और धार्मिक स्वरूपों में शामिल बच्चों की उपस्थिति ने यात्रा की शोभा बढ़ाई। बग्घियों और घोड़ों के साथ आगे बढ़ती यात्रा में श्रद्धा और उत्साह दिखाई दिया। कथा स्थल पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने प्रथम दिवस की कथा में भाग लिया। आयोजन के शुरुआती दिन धार्मिक अनुष्ठान और यात्रा प्रमुख कार्यक्रम रहे।
संत-महात्माओं ने की सहभागिता
कलश यात्रा में मांडव के चतुर्भुज राम मंदिर के महामंडलेश्वर नरसिंह दासजी महाराज, कनकधाम आश्रम के राम सेवक दासजी महाराज और ग्राम महल के राम कैलाश गिरीजी शामिल हुए। संत-महात्माओं की सहभागिता में श्रद्धालुओं ने यात्रा में भाग लिया।
मनावर के वरिष्ठ हिंदू नागरिक संघ के सदस्य भी यात्रा में उपस्थित रहे। नगरवासियों और ग्रामीण क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं की भागीदारी के साथ यात्रा संपन्न हुई। आयोजन के प्रथम दिन संतों, यजमान परिवारों और महिला श्रद्धालुओं की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
कलश धारण कर शामिल हुईं 300 महिलाएं
पचखेड़ा, जुलवानिया और केसरपुरा क्षेत्र की करीब 300 महिलाओं ने कलश धारण किए। उनकी सहभागिता यात्रा का प्रमुख हिस्सा रही। चार बग्घियों और 10 घोड़ों के साथ निकली यात्रा में देवी-देवताओं के स्वरूप में सजे बच्चों ने भी भाग लिया।
महिलाओं, बच्चों और अन्य श्रद्धालुओं की सामूहिक उपस्थिति से यात्रा का वातावरण भक्तिमय बना रहा। नगर के विभिन्न स्थानों से होकर कथा स्थल तक पहुंची यात्रा में धार्मिक आयोजन के प्रति उत्साह नजर आया। आसपास के क्षेत्रों से आए लोगों ने भी इस अवसर पर अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
गणेश वंदना और हनुमान चालीसा से कथा आरंभ
प्रथम दिवस व्यासपीठ पर विराजमान जया देवीजी ने गणेश वंदना के साथ श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। कथा के दौरान जया देवीजी ने धर्म और भक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने श्रद्धालुओं को सनातन संस्कारों तथा धार्मिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। उनके उद्बोधन में आस्था के साथ धार्मिक कर्तव्यों के निर्वहन की बात प्रमुख रही। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया।
पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता का संदेश
जया देवीजी ने पितृ ऋण का महत्व समझाते हुए पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता रखने की बात कही। उन्होंने धार्मिक कर्तव्यों के पालन पर जोर दिया। कथा पंडाल धार्मिक जयघोष से गूंज उठा। श्रीमद्भागवत कथा एवं रुद्र महायज्ञ को लेकर मनावर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह बना हुआ है।
