Indore के श्रीनगर क्षेत्र में जर्जर और जानलेवा भवन श्रीदेवी अपार्टमेंट की स्थिति गंभीर,
Indore | वार्ड 43 (विधानसभा 5) – श्रीनगर क्षेत्र में स्थित श्रीदेवी अपार्टमेंट की स्थिति अत्यंत चिंताजनक और जानलेवा हो चुकी है। स्थानीय नागरिकों और पड़ोसियों की चिंता के अनुसार इस भवन की संरचना पूरी तरह कमजोर हो गई है और यह कभी भी गिर सकती है, जिससे बड़ी जनहानि का खतरा मंडरा रहा है।
हाल ही में इस जर्जर भवन में एक 13 वर्षीय बच्चे की हत्या जैसी जघन्य घटना भी घटित हो चुकी है। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि भवन की स्थिति न केवल असुरक्षित है, बल्कि यह आसपास रहने वाले लोगों के जीवन के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर चुकी है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि श्रीदेवी अपार्टमेंट में असामाजिक तत्वों का लगातार जमावड़ा बना रहता है। इसके कारण क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त हो गया है। नागरिकों का कहना है कि यदि नगर निगम समय रहते इस भवन को असुरक्षित घोषित कर उचित कार्रवाई नहीं करता है, तो किसी भी समय कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

Indore नगर निगम पर सवाल:
वार्ड क्रमांक 43 के निवासियों का आरोप है कि नगर निगम की लापरवाही और अनदेखी इस पूरे मामले को और गंभीर बना रही है। कई बार शिकायत और अनुरोध के बावजूद अभी तक भवन को असुरक्षित घोषित नहीं किया गया है और न ही इसे गिराने के लिए कोई ठोस कार्रवाई की गई है। नागरिकों का मानना है कि नगर निगम प्रशासन के निरंतर निष्क्रिय रहने से आसपास के लोग हर समय जोखिम में हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और मांगें:
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता हर्ष जैन ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए महापौर को पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने श्रीदेवी अपार्टमेंट की तत्काल तकनीकी जांच, इसे असुरक्षित घोषित करने और शीघ्र गिराने (Demolition) की मांग की है। पत्र की प्रति नगर निगम आयुक्त को भी भेजी गई है।
हर्ष जैन ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई और भविष्य में कोई दुर्घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी। उनका कहना है कि यह केवल भवन की सुरक्षा का मामला नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के निवासियों के जीवन और सुरक्षा का भी मामला है।

भविष्य की संभावित घटनाओं का खतरा:
स्थानीय लोग बताते हैं कि श्रीदेवी अपार्टमेंट का ढांचा इतना कमजोर हो चुका है कि किसी भी छोटी सी तकनीकी खराबी या मौसम की विपरीत स्थिति (जैसे तेज बारिश, तेज हवाएं या भूकंप जैसी हल्की कंपकंपी) से यह भवन कभी भी गिर सकता है। यदि ऐसा होता है, तो आसपास रहने वाले निवासियों, बच्चों और वृद्ध नागरिकों के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
सामाजिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी:
शहर के विकास और नागरिक सुरक्षा की दृष्टि से नगर निगम की जिम्मेदारी बनती है कि ऐसे जर्जर भवनों की नियमित जांच और निगरानी की जाए। श्रीदेवी अपार्टमेंट जैसी इमारतों की स्थिति तुरंत सुधार या निगरानी के उपाय किए जाएं ताकि भविष्य में किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
नागरिकों की आशंका और मांगें:
- भवन में रहने वाले और आस-पास के नागरिक लगातार अपनी सुरक्षा के लिए चिंतित हैं।
- वे मांग कर रहे हैं कि भवन को असुरक्षित घोषित कर इसे तुरंत गिराया जाए।
- स्थानीय लोग यह भी चाहते हैं कि नगर निगम ऐसे जर्जर भवनों के लिए एक स्थायी निगरानी तंत्र बनाए, ताकि भविष्य में इसी तरह के हादसे रोके जा सकें।

राजनीतिक और सामाजिक दबाव:
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी और स्थानीय नागरिक इस मामले को लेकर नगर निगम पर लगातार दबाव डाल रहे हैं। उनका कहना है कि श्रीदेवी अपार्टमेंट जैसी इमारतों की उपेक्षा सीधे तौर पर प्रशासन की जिम्मेदारी और निष्क्रियता को दर्शाती है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो इसके गंभीर नतीजे हो सकते हैं, जिनमें जीवन और संपत्ति का नुकसान शामिल है।
निष्कर्ष:
श्रीदेवी अपार्टमेंट के मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जर्जर और असुरक्षित इमारतों की स्थिति को नजरअंदाज करना गंभीर परिणाम दे सकता है। यह केवल एक इमारत का मामला नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के निवासियों की सुरक्षा, उनके जीवन और नगर निगम की जिम्मेदारी का प्रश्न है।
नगर निगम प्रशासन से अपील की जा रही है कि वे तत्काल तकनीकी जांच करें, भवन को असुरक्षित घोषित करें और इसे सुरक्षित रूप से गिराने की कार्रवाई शुरू करें। समय रहते यदि कार्रवाई नहीं होती है, तो आने वाले हादसों की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन पर होगी।
शहर के नागरिक, राजनीतिक प्रतिनिधि और सामाजिक संगठन इस मामले पर सतर्क हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि नगर निगम जल्द ही अपने दायित्वों को निभाएगा।
