श्री मानमल Jain मेहता का निधन: समाज में अपूरणीय क्षति
समग्र Jain समाज में शोक की लहर दौड़ गई है। वरिष्ठ समाजसेवी और पत्रकार अशोक मेहता जी के पूज्य पिताजी, जैन रत्न श्री मानमल जैन मेहता का निधन हो गया है। उनके निधन की खबर सुनते ही परिवार, मित्र और समाज के कई लोग गहरे दुःख में डूब गए। मेहता जी का जीवन समाज सेवा, धर्म प्रचार और सामाजिक उत्तरदायित्वों के प्रति समर्पित रहा। उनके व्यक्तित्व में विनम्रता, सहानुभूति और नेतृत्व के गुण हमेशा लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहे।
अंतिम यात्रा
श्री मानमल Jain मेहता की अंतिम यात्रा 5 फरवरी 2026 को दोपहर 4:30 बजे उनके निवास स्थान 75 सी, संगम नगर से शुरू होगी। यह यात्रा पंचकुइया मोक्ष धाम तक जाएगी। इस दौरान परिवारजन, मित्र और समाज के विभिन्न वर्ग के लोग उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। अंतिम यात्रा के समय समाज के लोग उनके जीवन और योगदान को याद करते हुए उन्हें सम्मान देंगे। यह यात्रा केवल अंतिम संस्कार का माध्यम नहीं, बल्कि उनके जीवन के आदर्शों और योगदान को स्मरण करने का अवसर भी होगी।
समाज की प्रतिक्रिया
मेहता जी के निधन पर दिगंबर जैन समाज के वरिष्ठ सदस्य अमित कासलीवाल, डॉ. जैनेन्द्र जैन, निर्मल कासलीवाल, केलाश वेद, नरेंद्र वेद, मंयक जैन, प्रदीप बड़जात्या, कातीलाल बम सहित कई लोगों ने कहा कि समाज के लिए मेहता जी का जाना अपूरणीय क्षति है। उनके योगदान और समाज के प्रति समर्पण को समाज हमेशा याद रखेगा। उनके जाने से समुदाय में शून्य सा महसूस हो रहा है क्योंकि मेहता जी ने हमेशा अपने कर्तव्यों को निष्ठा और प्रेम के साथ निभाया।
जीवन और योगदान
श्री मानमल Jain मेहता ने अपने जीवन में समाज सेवा, धर्म प्रचार और जैन समुदाय के उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए। उन्होंने हमेशा युवाओं को सही मार्गदर्शन देने और समाज के कल्याण के लिए काम किया। उनके नेतृत्व में कई सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रम हुए, जिनमें जैन धर्म की शिक्षाओं का प्रचार-प्रसार और समाज के कमजोर वर्गों की मदद शामिल थी।
मेहता जी ने शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज कल्याण के क्षेत्र में भी योगदान दिया। उन्होंने विभिन्न सामाजिक योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के लोगों को लाभ पहुँचाया। उनके दृष्टिकोण और मूल्य लोगों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बने। उन्होंने दिखाया कि समाज की सेवा और धर्म का पालन करना मानव जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य है।
परिवार की प्रतिक्रिया
अशोक मेहता सहित परिवारजन इस समय गहरा शोक व्यक्त कर रहे हैं। परिवार ने बताया कि मेहता जी का जाना उनके लिए व्यक्तिगत और भावनात्मक रूप से अपूरणीय क्षति है। उन्होंने समाज के लोगों से अपील की है कि वे अंतिम यात्रा में शामिल होकर श्री मेहता को श्रद्धांजलि अर्पित करें। परिवार का कहना है कि मेहता जी का व्यक्तित्व और जीवन का मार्गदर्शन हमेशा उनके साथ रहेगा।
समाज के लिए योगदान की यादें
मेहता जी ने समाज के विकास और कल्याण के लिए हमेशा अग्रसर रहते हुए कई महत्वपूर्ण कार्य किए। उन्होंने सामाजिक एकता और आपसी सहयोग को बढ़ावा दिया। उनकी शिक्षा, सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों के योगदान को समाज लंबे समय तक याद रखेगा। उन्होंने यह संदेश दिया कि समाज की सेवा करना और धर्म के मूल्यों का पालन करना ही जीवन का सर्वोच्च उद्देश्य है।
श्री मानमल जैन मेहता ने अपने जीवन में न केवल परिवार, बल्कि समाज और समुदाय के कल्याण के लिए भी कई पहल की। उनकी सलाह और मार्गदर्शन से कई युवा प्रेरित हुए। उनके योगदान ने समाज में स्थायी बदलाव लाने में मदद की।
अंतिम श्रद्धांजलि और समापन
श्री मानमल Jain मेहता का निधन समाज और परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके योगदान, विचार और आदर्श हमेशा समाज के लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे। अंतिम यात्रा में शामिल होकर उनके जीवन और कार्यों का सम्मान किया जाएगा। उनके जीवन की कहानियां, समाज सेवा के कार्य और उनके आदर्श आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शन का कार्य करेंगे।
समाज और परिवार के लिए यह समय अत्यंत कठिन है, लेकिन श्री मानमल जैन मेहता के आदर्श और योगदान लोगों के हृदय में हमेशा जीवित रहेंगे। उनकी यादें समाज के लिए प्रेरणा बनकर आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचती रहेंगी।

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