IND vs NZ सीरीज से पहले अय्यर का फिटनेस टेस्ट, रिपोर्ट तय करेगी भागीदारी
IND क्रिकेट टीम के उपकप्तान श्रेयस अय्यर के फिटनेस और चयन को लेकर लगातार सस्पेंस बना हुआ है। आगामी NZ के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज से पहले उनके मैच‑फिट होने की परीक्षा बुधवार को जारी है, जिसके परिणाम से यह तय होगा कि वह टीम इंडिया के लिए खेलने के लिए उपलब्ध होंगे या नहीं। श्रेयस अय्यर को पिछले साल अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान एक गंभीर चोट का सामना करना पड़ा था, जब उन्होंने बाउंड्री के पास कैच लेने के प्रयास में संतुलन खो दिया और जमीन पर भारी गिर पड़े थे। इसके बाद उन्हें सिडनी के अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था, जहां उनका इलाज हुआ था।
फिटनेस टेस्ट जारी, श्रेयस अय्यर की वापसी टली या संभव ?
BCCI के Centre of Excellence (COE), बेंगलुरु में 25 दिसंबर 2025 को रिहैब शुरू करने के बाद अय्यर फिटनेस के अंतिम चरण में हैं। उन्हें व्हाइट‑बॉल क्रिकेट के लिए मेल‑सिमुलेशन सेशनों में शामिल किया जा रहा है। पहला सिमुलेशन सेशन 2 जनवरी को आयोजित हुआ और दूसरा 5 जनवरी को होना निर्धारित है, जो उनके चयन की संभावनाओं को सीधे प्रभावित करेगा। चयन समिति की प्राथमिकता उन खिलाड़ियों पर है जो मैच‑फिट हों। ऐसे में यदि अय्यर 5 जनवरी के सिमुलेशन सेशन तक पूरी तरह मैच‑फिट नहीं हो पाते हैं, तो चयनकर्ताओं द्वारा उन पर भरोसा जताना कठिन हो सकता है। इसीलिए उनके चयन के आसार अभी भी अनिश्चित बताए जा रहे हैं। बीसीसीआई सूत्रों के मुताबिक, मिलाप सत्रों के दौरान अय्यर ने बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण दोनों में अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन अंतिम निर्णय उनके शरीरिक मजबूती और फिटनेस मानकों पर आधारित होगा। ऐसे में टीम IND – NZ के खिलाफ वनडे स्क्वाड का ऐलान 3 जनवरी को कर सकती है, लेकिन अय्यर की स्थिति अंतिम सूची में स्पष्ट नहीं होगी।

चोट की गंभीरता और रिकवरी
श्रेयस की चोट पसलियों और प्लीहा (spleen) से जुड़ी थी, जिसके कारण उन्हें चिकित्सा निगरानी के तहत रखा गया था। इस चोट के कारण उनसे न केवल न्यूजीलैंड सीरीज बल्कि साउथ अफ्रीका सीरीज और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी हिस्सा नहीं लिया था। रिकवरी के दौरान BCCI के चिकित्सीय पैनल ने किसी भी जल्दबाज़ी से बचने का निर्णय लिया है। रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि इस समय उनकी शक्ति और वजन पहले के मुकाबले कम हैं, जिससे तेज‑तर्रार फील्डिंग और मैच की संपूर्ण शारीरिक मांग को पूरा करना चुनौतीपूर्ण बन गया है। यही कारण है कि मेडिकल टीम और चयनकर्ता सावधानी बरत रहे हैं और अंतिम निर्णय चोट‑सेरेहन और फिटनेस रिपोर्ट के आधार पर लेने की योजना बना रहे हैं।
प्रतिस्पर्धा और विकल्प
अय्यर के अनुपस्थित रहने की स्थिति में टीम IND ने मध्यक्रम में अन्य खिलाड़ियों को आजमाया है। ऋतुराज गायकवाड़ ने विजय हजारे ट्रॉफी और साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है, जो NZ सीरीज के लिए उनके चयन को मजबूत करता है। इसके अलावा सरफराज खान और देवदत्त पडिक्कल जैसे खिलाड़ी भी नंबर चार की दावेदारी कर रहे हैं। चयनकर्ताओं के सामने यह विकल्प चुनौतीपूर्ण निर्णय बन गया है कि किसे टीम के बीच नंबर चार की जिम्मेदारी दी जाए। इस स्थिति ने चयन प्रक्रिया में और भी जटिलता ला दी है, क्योंकि भारत टीम को इस समय वनडे वर्ल्ड कप 2027 की तैयारियों के तहत एक संतुलित और मैच‑फिट टीम की आवश्यकता है, जिसमें विश्वसनीय मध्यक्रम की भूमिका अहम है।
टीम IND का लक्ष्य और रणनीति
BCCI की रणनीति यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी खिलाड़ी अपनी पूर्ण क्षमता के बिना मैदान पर न उतरे, खासकर जब टीम आगामी श्रृंखलाओं में जीत के लक्ष्य के साथ उतर रही है। टीम प्रबंधन का कहना है कि अगर अय्यर 5 जनवरी के सिमुलेशन तक फिटनेस मानकों को पूरा करते हैं तो उनका विकल्प टीम में शामिल किया जा सकता है, अन्यथा चयनकर्ता फिट और मैच‑तैयार खिलाड़ियों को तरजीह देंगे। ऐसे में अय्यर की उपलब्धता युवा टीम के अन्य खिलाड़ियों के साथ संतुलन बनाने की क्षमता पर भी निर्भर करेगी, जिससे BCCI और टीम प्रबंधन को भविष्य की रणनीति तैयार करने में मदद मिलेगी।
भविष्य की राह
श्रेयस अय्यर का वनडे करियर 70 से अधिक मैचों में लगभग 2,900 से अधिक रन बनाने वाला रहा है और वह टीम के लिए एक भरोसेमंद मध्यक्रम बल्लेबाज के रूप में उभरे हैं। उनकी वापसी से टीम इंडिया को मिडिल ऑर्डर में मजबूती मिलने की उम्मीद है, खासकर दीर्घकालिक लक्ष्यों के तहत। अय्यर की फिटनेस परीक्षा और चयन से जुड़ी अनिश्चितता क्रिकेट प्रशंसकों और विशेषज्ञों के बीच एक प्रमुख चर्चा का विषय बनी हुई है। 5 जनवरी को उनके अंतिम सिमुलेशन के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है, जिसे ध्यान में रखते हुए बीसीसीआई चयन समिति टीम इंडिया के वनडे दस्ते का अंतिम निर्णय लेगी।
