श्रवण नक्षत्र में शुरू हुआ श्रावण मास, अगस्त में अच्छी बारिश के प्रबल योग
श्रावण मास के आगमन के साथ बढ़ी बारिश की उम्मीद
मुरैना (मनोज जैन नायक)। इस वर्ष पवित्र श्रावण मास का शुभारंभ श्रवण नक्षत्र में हो रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार श्रवण नक्षत्र में शुरू होने वाले इस महीने में देश के कई हिस्सों में अच्छी वर्षा के प्रबल योग बन रहे हैं। मध्यप्रदेश के ग्वालियर-चंबल अंचल सहित कई क्षेत्रों में अभी तक बारिश सामान्य से कम रही है, लेकिन श्रावण मास और अगस्त महीने में मानसून की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।
वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद हिमांशु जैन के अनुसार इस वर्ष श्रावण मास का आरंभ 30 जुलाई (गुरुवार) से होगा और इसका समापन 28 अगस्त को होगा। धार्मिक दृष्टि से श्रावण मास भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दौरान श्रद्धालु व्रत, पूजन और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से भगवान शिव की भक्ति करते हैं।
श्रावण के चारों सोमवार होंगे विशेष
डॉ. जैन ने बताया कि इस बार श्रावण मास के चारों सोमवार धार्मिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहेंगे। पहला सोमवार 3 अगस्त, दूसरा 10 अगस्त, तीसरा सोमवार 17 अगस्त को नागपंचमी के दिन और चौथा सोमवार 24 अगस्त को पड़ेगा।
इनमें दो सोमवार कृष्ण पक्ष और दो सोमवार शुक्ल पक्ष में आएंगे। श्रावण सोमवार पर भगवान शिव का अभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा करने की परंपरा है। देशभर के शिवालयों में इस दौरान धार्मिक आयोजन भी आयोजित किए जाते हैं।
अगस्त में बढ़ सकती है बारिश की गतिविधियां
ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद हिमांशु जैन के अनुसार अगस्त महीने में ग्रह-नक्षत्रों के विशेष संयोग के कारण कई क्षेत्रों में वर्षा की गतिविधियों में तेजी आने के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि 9 अगस्त को गुरु ग्रह के उदय और मृगशिरा नक्षत्र के संयोग से देश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश के योग बन रहे हैं। इस दौरान मानसून सक्रिय रहने और वर्षा की गति बढ़ने की संभावना जताई गई है।
उन्होंने बताया कि इसके बाद 12 अगस्त को आर्द्रा नक्षत्र में मंगल के प्रभाव और 15 अगस्त को अश्लेषा नक्षत्र में बुध के प्रवेश से मौसम में परिवर्तन देखने को मिल सकता है। इन खगोलीय परिस्थितियों के प्रभाव से कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश होने की संभावना बन सकती है।

डॉ. जैन ने यह भी संभावना जताई कि कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा के कारण बाढ़, जलभराव और जनजीवन प्रभावित होने जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि बारिश जहां किसानों और जलस्रोतों के लिए लाभकारी साबित होगी, वहीं अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में प्रशासन और आम नागरिकों को सतर्क रहने की जरूरत होगी।
मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों में बारिश के संकेत
ज्योतिषीय आकलन के अनुसार मध्यप्रदेश के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, भिंड और मुरैना सहित कई जिलों में अच्छी बारिश के योग हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, बिहार, महाराष्ट्र और केरल जैसे राज्यों में भी वर्षा की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है।
हालांकि यह अनुमान ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। मौसम की वास्तविक स्थिति कई प्राकृतिक परिस्थितियों और मौसम विभाग के पूर्वानुमानों पर निर्भर करेगी।
किसानों को राहत मिलने की उम्मीद
मानसून की कमजोर शुरुआत के बाद अब श्रावण मास में अच्छी बारिश की संभावना किसानों के लिए राहत भरी खबर है। पर्याप्त बारिश होने से खरीफ फसलों को फायदा मिलने के साथ ही जलस्रोतों में भी सुधार की उम्मीद है।
ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में बारिश की कमी के कारण किसानों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा है। ऐसे में अगस्त महीने में अच्छी वर्षा होने पर खेती-किसानी की गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है।
श्रावण मास के शुभारंभ के साथ धार्मिक आस्था और मौसम को लेकर लोगों में नई उम्मीदें जागी हैं। अब सभी की नजरें आने वाले दिनों में होने वाली बारिश और मानसून की गतिविधियों पर रहेंगी।
