नई दिल्ली: केंद्र सरकार राजस्थान के किसानों और ग्रामीण विकास को लेकर तेजी से कदम उठा रही है।
इसी क्रम में भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से आत्मीय भेंट की। इस दौरान दोनों नेताओं ने कृषि, सिंचाई और ग्रामीण विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि “राजस्थान तेजी से प्रगति कर रहा है और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार जनता के कल्याण के लिए उत्कृष्ट कार्य कर रही है।” उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर किसानों की आमदनी बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
राजस्थान के किसानों के लिए बड़ा निर्णय
बैठक के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सुझावों को स्वीकार करते हुए एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने घोषणा की कि राजस्थान के कम उत्पादकता वाले आठ जिलों को प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना में शामिल किया जाएगा। यह योजना किसानों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए बनाई गई है।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इस निर्णय से राजस्थान के पिछड़े जिलों में कृषि उत्पादन और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इसके साथ ही, केंद्र सरकार ने ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ योजना के तहत सूक्ष्म सिंचाई (माइक्रो इरिगेशन) के लिए दी जाने वाली सहायता राशि को 20% से बढ़ाकर 40% करने का भी निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा, “राजस्थान जैसे शुष्क प्रदेश में पानी की हर बूंद अनमोल है। सूक्ष्म सिंचाई के विस्तार से जल संरक्षण के साथ-साथ फसलों की पैदावार भी बढ़ेगी। यह कदम किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा।”
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सराहना
शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने राजस्थान के विकास और जनता के कल्याण के लिए उत्कृष्ट कार्य किया है। चौहान ने कहा कि “मुख्यमंत्री जी की कार्यशैली प्रेरणादायक है। उन्होंने किसानों के हित में कई योजनाएं शुरू की हैं और भारत सरकार की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया है।”
उन्होंने आगे कहा कि केंद्र और राज्य के समन्वय से राजस्थान में कृषि क्षेत्र में एक नई क्रांति आएगी। “हमारा लक्ष्य है कि हर किसान समृद्ध हो, हर खेत में हरियाली हो और हर गांव में खुशहाली हो,” चौहान ने कहा।
आत्मनिर्भर कृषि की दिशा में बड़ा कदम
बैठक के दौरान कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह भी बताया कि राजस्थान में आत्मनिर्भर कृषि प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इन योजनाओं में जैविक खेती को बढ़ावा, कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना और ग्रामीण युवाओं को एग्रो-स्टार्टअप्स के लिए सहायता देना शामिल है।
चौहान ने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘वोकल फॉर लोकल’ विज़न को साकार करने के लिए किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण और आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है।”
केंद्र और राज्य सरकार की साझेदारी से नया विकास मॉडल
इस बैठक से यह स्पष्ट संकेत मिला है कि केंद्र और राजस्थान सरकार मिलकर राज्य के ग्रामीण एवं कृषि विकास को नई दिशा देने जा रही हैं। शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों की समृद्धि के लिए ठोस नीति बना रही है, वहीं भजनलाल शर्मा की राज्य सरकार ज़मीन पर उन योजनाओं को तेजी से लागू कर रही है।
कृषि मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और पर ड्रॉप मोर क्रॉप योजना के विस्तारित रूप से राज्य के लाखों किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इससे न केवल उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
निष्कर्ष
शिवराज सिंह चौहान और भजनलाल शर्मा की यह मुलाकात राजस्थान के कृषि क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है। इस बैठक से यह स्पष्ट है कि केंद्र और राज्य सरकार का लक्ष्य एक ही है — “किसानों को समृद्ध और गांवों को आत्मनिर्भर बनाना।”
राजस्थान के विकास के इस नए अध्याय में शिवराज सिंह चौहान की सक्रिय भूमिका केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि भारत का कृषि क्षेत्र आत्मनिर्भरता और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छुएगा।


