शिवराज के बाद एमपी की राजनीति में गूंजा नया रिश्ता: अब ‘मामा’ नहीं, ‘जीजाजी’ का ब्रांड
भोपाल/रीवा:
मध्य प्रदेश की राजनीति में नेताओं को खास रिश्तों से जोड़कर देखा जाता रहा है। जहाँ शिवराज सिंह चौहान जनता के बीच ‘मामा’ ब्रांड से मशहूर हुए, वहीं अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के लिए नया संबोधन तेजी से वायरल हो रहा है – “मोहन जीजाजी”।
रीवा की सभा में गूंजा “मोहन जीजाजी हमार”
रीवा जिले के देवतालाब में हाल ही में आयोजित एक जनसभा में लोकप्रिय लोकगायिका राखी द्विवेदी ने मंच से गीत प्रस्तुत किया –
“दिलदारों में दिलदार… मोहन जीजाजी हमार”।
गीत सुनकर पहले मुख्यमंत्री शरमा गए, लेकिन फिर मुस्कुराकर उन्होंने इस अपनत्व को स्वीकार किया। कार्यक्रम में मौजूद जनता ने तालियों और नारों से माहौल को गूंजा दिया।
राखी द्विवेदी ने जीता दिल, मिला 50,000 का इनाम
गीत से प्रभावित होकर सीएम मोहन यादव ने लोकगायिका राखी द्विवेदी को ₹50,000 का नकद इनाम भेंट किया। उन्होंने कहा – “विंध्य की मिट्टी और लोक संस्कृति मेरा गर्व है।”
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ “मोहन जीजाजी”
कार्यक्रम के बाद यह गीत सोशल मीडिया पर छा गया। लोग मजाकिया अंदाज़ में लिख रहे हैं –
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“अब मामा नहीं, जीजाजी चलेगा।”
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“मोहन जीजाजी, दिलदारों में दिलदार।”
रील्स और पोस्ट्स पर यह संबोधन तेजी से ट्रेंड कर रहा है।
क्या बनेगा नया ‘ब्रांड जीजाजी’?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जिस तरह ‘मामा’ ब्रांड ने शिवराज सिंह चौहान को नई पहचान दी थी, उसी तरह ‘जीजाजी’ ब्रांड डॉ. मोहन यादव के राजनीतिक करियर में मजबूत छाप छोड़ सकता है।
रीवा में पहले से ही मशहूर हैं “जीजाजी”
दरअसल, रीवा मुख्यमंत्री मोहन यादव का ससुराल है। यहाँ लोग उन्हें पहले से ही “जीजाजी” कहकर संबोधित करते हैं। अब यह रिश्ता केवल रीवा तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश में फैलने लगा है।
जनता का अपनापन ही असली पहचान
विशेषज्ञ मानते हैं कि जनता का अपनापन ही नेताओं की सबसे बड़ी पूंजी है। अगर सीएम मोहन यादव इस रिश्ते को निभाते हुए जनता से जुड़ते रहे, तो आने वाले समय में ‘मोहन जीजाजी’ का ब्रांड राजनीति में उनकी नई पहचान बन सकता है।
