Shivpuri : प्राथमिक शाला लोटनबाड़ा में बच्चों से झाड़ू लगवाने का आरोप, ग्रामीणों ने जांच की मांग की
स्कूल की साफ-सफाई में बच्चों को लगाने के आरोप से अभिभावकों में नाराजगी
पिछोर (Shivpuri)। जिले के पिछोर तहसील अंतर्गत जन शिक्षा केंद्र बमौरे डामरौन के अधीन आने वाली प्राथमिक शाला (PS) लोटनबाड़ा में बच्चों से स्कूल की साफ-सफाई और झाड़ू लगवाने का आरोप सामने आया है। इस मामले के बाद स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों में नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि विद्यालय में पढ़ने वाले छोटे बच्चों से नियमित रूप से झाड़ू लगवाई जा रही है। उनका कहना है कि जिन बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए स्कूल भेजा जाता है, उनका समय पढ़ाई के बजाय सफाई जैसे कार्यों में लगाया जा रहा है।
ग्रामीणों ने उठाए शिक्षा व्यवस्था पर सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी विद्यालयों की स्थापना का मुख्य उद्देश्य बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। विद्यालयों में विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण मिलना चाहिए, ताकि वे अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ सकें। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल की साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संबंधित कर्मचारियों की होती है, इसलिए विद्यार्थियों से इस प्रकार के कार्य करवाना उचित नहीं है।
अभिभावकों ने कहा कि बच्चों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ उनके मानसिक और सामाजिक विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है। स्कूल में आने वाले बच्चे सीखने और ज्ञान प्राप्त करने के उद्देश्य से आते हैं, ऐसे में यदि उनका समय नियमित रूप से सफाई जैसे कार्यों में लगाया जाता है तो इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में विद्यालय के प्रति रुचि और उत्साह बनाए रखने के लिए जरूरी है कि उन्हें सकारात्मक और शिक्षा केंद्रित माहौल मिले। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से आग्रह किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि बच्चों के हितों की रक्षा हो सके।
वीडियो और तस्वीरों के आधार पर जांच की मांग
इस मामले से जुड़े कुछ वीडियो और तस्वीरें सामने आने का दावा किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इन कथित वीडियो और तस्वीरों के आधार पर पूरे मामले की जांच की जानी चाहिए।
उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति की जांच की जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

अभिभावकों ने बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा की मांग की
अभिभावकों ने कहा कि वे अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा, अनुशासन और सुरक्षित वातावरण की उम्मीद के साथ विद्यालय भेजते हैं। उनका उद्देश्य यही होता है कि बच्चे स्कूल में पढ़ाई कर अपने भविष्य को बेहतर बना सकें। ऐसे में यदि विद्यार्थियों से पढ़ाई के समय अन्य कार्य करवाए जाते हैं, तो इससे उनकी शिक्षा और मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
अभिभावकों का कहना है कि विद्यालयों में बच्चों को केवल शैक्षणिक गतिविधियों, खेलकूद और रचनात्मक कार्यों में ही शामिल किया जाना चाहिए, जिससे उनका सर्वांगीण विकास हो सके। स्कूल में साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संबंधित कर्मचारियों की होती है, इसलिए बच्चों को ऐसे कार्यों से दूर रखा जाना चाहिए।
उन्होंने शिक्षा विभाग से मांग की है कि सरकारी विद्यालयों में बच्चों के अधिकारों और सम्मान का पूरा ध्यान रखा जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी छात्र-छात्रा से ऐसा कार्य न कराया जाए, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो या उन्हें असुविधा का सामना करना पड़े।
अभिभावकों ने कहा कि बच्चों को सुरक्षित, सकारात्मक और शिक्षा के अनुकूल माहौल देना विद्यालय प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी स्थिति
फिलहाल इस मामले में शिक्षा विभाग या जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इसलिए लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
ग्रामीणों ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO), विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और कलेक्टर शिवपुरी से मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में बच्चों को बेहतर शिक्षा, स्वच्छ वातावरण और सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए। यदि किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदार व्यक्तियों पर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
विद्यालय का पता:
प्राथमिक शाला (PS) लोटनबाड़ा
जन शिक्षा केंद्र – बमौरे डामरौन
तहसील – पिछोर
जिला – शिवपुरी, मध्य प्रदेश
तहसील संवाददाता – पिछोर, कुनाल तिवारी
