झारखंड सरकार पर जैन समाज का विरोध तेज, सम्मेद शिखरजी पर नेताओं की मूर्तियां लगाने की मांग से देशभर में आक्रोश
इंदौर/रांची, अगस्त 2025:
झारखंड विधानसभा में हाल ही में एक विधायक द्वारा यह मांग रखी गई कि जैन धर्म के पवित्र तीर्थ राज सम्मेद शिखरजी (Parasnath Hill) पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन और अन्य नेताओं की प्रतिमाएं पार्श्वनाथ टोंक के पास स्थापित की जाएं। इस मांग के सामने आते ही देशभर के जैन समाज में भारी आक्रोश फैल गया है।
जैन संगठनों का तीखा विरोध
जैन शासन एकता संघ एवं विश्व जैन संगठन के प्रमुख प्रचारक राजेश जैन दद्दू और मयंक जैन ने विधायक की इस मांग को “जैन आस्था पर कुठाराघात” बताया। उन्होंने कहा:
“सम्मेद शिखरजी जैन धर्म का शाश्वत तीर्थ है। किसी भी सरकार को इस तीर्थ पर अपना अधिकार जताने या नेताओं की प्रतिमाएं स्थापित करने का हक नहीं है। यह कार्य जैन संस्कृति का अपमान है।”
राजेश जैन दद्दू ने स्पष्ट कहा कि इस मांग से भारतवर्षीय जैन समाज आंदोलित हो चुका है और अगर सरकार ने इस दिशा में कोई कदम उठाया तो जैन समाज आहिंसक आंदोलन करने को बाध्य होगा।
मुनि श्री आदित्य सागर जी की चेतावनी
श्रृमण संस्कृति के महामहिम आचार्य विशुद्ध सागर जी के शिष्य श्रुत संवेगी मुनि श्री आदित्य सागर जी ने भी इस मुद्दे पर सरकार को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा:
“सम्मेद शिखरजी पर किसी भी तरह का कब्जा या बदलाव स्वीकार नहीं होगा। यदि सरकार ने तीर्थ क्षेत्र से छेड़छाड़ की तो पूरे देश में जैन समाज अहिंसक आंदोलन करेगा।”
इंदौर जैन समाज और राष्ट्रीय नेताओं का विरोध
इंदौर दिगंबर जैन समाज से जुड़े कई वरिष्ठ समाजसेवियों ने भी इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया। इनमें –
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डॉ. जैनेन्द्र जैन वरिष्ठ समाजसेवी
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अमित कासलीवाल (महावीर ट्रस्ट अध्यक्ष)
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मनोहर झांझरी (फेडरेशन राष्ट्रीय अध्यक्ष)
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सुशील पांड्या
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हंसमुख गांधी
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टीके वेद
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नरेंद्र वेद
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नकूल पाटोदी
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सुभाष काला
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प्रदीप गंगवाल
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पुष्पा कासलीवाल (फेडरेशन राष्ट्रीय शिरोमणि संरक्षिका)
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मुक्ता जैन, रेखा जैन, श्रीफल आदि
इन सभी ने एक स्वर में कहा कि:
“सम्मेद शिखरजी पर किसी भी नेता की प्रतिमा लगाने का सपना कभी पूरा नहीं होगा। यह तीर्थ केवल जैन समाज का था, है और रहेगा।”
जैन समाज की चेतावनी: “प्राण न्यौछावर करने को तैयार”
प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने कहा कि यदि सरकार ने इस मांग पर कोई कदम उठाया तो जैन समाज हजारों की संख्या में सम्मेद शिखरजी की रक्षा के लिए प्राण न्यौछावर करने के लिए तैयार है।
क्यों महत्वपूर्ण है सम्मेद शिखरजी?
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सम्मेद शिखरजी (Parasnath Hill, झारखंड) जैन धर्म का सबसे पवित्र तीर्थ स्थल है।
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यहां 24 में से 20 तीर्थंकरों ने निर्वाण प्राप्त किया।
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यह स्थल जैन संस्कृति की आन, बान और शान माना जाता है।

