शनि जयंती भीनमाल में नवग्रह मंदिर में भव्य आयोजन हुआ, छप्पन भोग, हवन और तेलाभिषेक में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।
शनि जयंती भीनमाल में उमड़ा आस्था का सैलाब, छप्पन भोग और हवन से गूंजा नवग्रह मंदिर
शनि जयंती भीनमाल में भक्तिमय माहौल के बीच हुआ भव्य आयोजन
शनि जयंती भीनमाल में इस वर्ष अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक आस्था के साथ मनाई गई। स्थानीय नवग्रह मंदिर प्रांगण में भगवान शनिदेव का जन्मोत्सव विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ। अल सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा वातावरण “जय शनिदेव” के जयघोष से गूंज उठा।
शनि जयंती भीनमाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़
शनि जयंती भीनमाल में स्थानीय नवग्रह मंदिर प्रांगण श्रद्धालुओं से खचाखच भरा नजर आया।
अल सुबह से दर्शन के लिए लगी कतारें
भगवान शनिदेव के दर्शन के लिए सुबह से ही लंबी कतारें लग गई थीं। श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और शांति की कामना करते दिखाई दिए।
मोंगरे के फूलों और रोशनी से सजा मंदिर परिसर
इस विशेष अवसर पर मंदिर परिसर को मोंगरे के सुगंधित फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया।
भक्तिमय वातावरण ने मोहा मन
मंदिर का पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और श्रद्धा से ओतप्रोत नजर आया। सजावट ने श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित किया।
मुख्य पुजारी रमेश त्रिवेदी ने कराया विशेष अभिषेक
शनि जयंती भीनमाल आयोजन की शुरुआत मुख्य पुजारी रमेश त्रिवेदी द्वारा भगवान शनिदेव के विशेष अभिषेक से हुई।
गर्भगृह के पट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए
विशेष पूजा के बाद गर्भगृह के पट खोले गए और श्रद्धालुओं ने भगवान शनिदेव के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
भीषण गर्मी में मंदिर प्रशासन की विशेष व्यवस्था
भीषण गर्मी को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए।
मैटी, पंडाल और पेयजल की व्यवस्था
श्रद्धालुओं को धूप से बचाने के लिए प्रवेश द्वार तक विशेष मैटी और पंडाल लगाए गए। साथ ही ठंडे पेयजल की व्यवस्था भी की गई।
वरिष्ठ समाजसेवी मुफतसिंह राव ने की पूजा-अर्चना
शनि जयंती के पावन अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी मुफतसिंह राव ने गर्भगृह में पहुंचकर भगवान शनिदेव की विशेष पूजा-अर्चना की।
क्षेत्र की खुशहाली की कामना
उन्होंने क्षेत्र में सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना करते हुए विशेष प्रार्थना की।
तेलाभिषेक और काली वस्तुओं का दान
पंडित तरुण त्रिवेदी ने बताया कि बड़ी संख्या में भक्तों ने भगवान शनिदेव को तेलाभिषेक अर्पित किया।
भक्तों ने किया विशेष दान
भक्तों ने उड़द, काले तिल और वस्त्र जैसी काली वस्तुओं का दान कर शनिदेव का आशीर्वाद प्राप्त किया।
छप्पन भोग और हवन बना आकर्षण का केंद्र
शनि जयंती भीनमाल आयोजन में छप्पन भोग और हवन-पूजन विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
परिवारों ने दी हवन में आहुतियां
कई परिवारों ने देश और समाज की सुख-शांति तथा समृद्धि के लिए मंदिर परिसर में आयोजित हवन में भाग लिया।
देर रात तक चलता रहा दर्शन का क्रम
सुबह से शुरू हुआ दर्शन और पूजा-अर्चना का दौर देर रात तक जारी रहा।
पूरे दिन बनी रही रौनक
मंदिर परिसर में पूरे दिन श्रद्धालुओं की चहल-पहल और धार्मिक उत्साह देखने को मिला।
निष्कर्ष
शनि जयंती भीनमाल में आयोजित यह भव्य धार्मिक आयोजन श्रद्धा, आस्था और सामाजिक एकता का सुंदर उदाहरण बना।छप्पन भोग, तेलाभिषेक, हवन और भक्तिमय माहौल ने पूरे शहर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
