सर्पदंश को लेकर वरदान फाउंडेशन की अपील, अंधविश्वास छोड़ समय पर अस्पताल पहुंचें: सुनील रैदास
Shahdol। बारिश का मौसम शुरू होते ही ग्रामीण और शहरी इलाकों में सर्पदंश की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। पानी भरने के कारण सांप अपने बिलों से बाहर निकलकर खेतों, घरों, झाड़ियों, लकड़ी के ढेर और आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच सकते हैं। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने के साथ-साथ सर्पदंश की स्थिति में सही कदम उठाने की जानकारी होना बेहद जरूरी है।
वरदान फाउंडेशन के जिलाध्यक्ष सुनील रैदास ने जिलेवासियों से बारिश के मौसम में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सर्पदंश को लेकर किसी भी तरह के अंधविश्वास, झाड़-फूंक या तंत्र-मंत्र के भरोसे समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। सांप के काटने की आशंका होने पर पीड़ित को जल्द से जल्द अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना चाहिए।
बारिश में बढ़ जाता है सांपों का खतरा
सुनील रैदास ने कहा कि बारिश के दौरान सांपों के बिलों में पानी भर जाता है। इससे वे सूखी और सुरक्षित जगहों की तलाश में बाहर निकलते हैं। यही वजह है कि इस मौसम में सांप खेतों, घरों, गोदामों, झाड़ियों और कचरे या लकड़ी के ढेर के आसपास दिखाई दे सकते हैं।
उन्होंने लोगों से घर और आसपास के क्षेत्र को साफ रखने की अपील की। घास-फूस, कचरा, लकड़ी, पत्थर और अन्य सामान को लंबे समय तक एक जगह जमा करके नहीं रखना चाहिए। ऐसी जगहें सांपों के छिपने के लिए उपयुक्त हो सकती हैं।
सर्पदंश होने पर घबराएं नहीं
सुनील रैदास ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो सबसे पहले घबराने के बजाय पीड़ित को शांत रखना चाहिए। उसे अनावश्यक रूप से चलने या दौड़ने नहीं देना चाहिए और जल्द से जल्द चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सर्पदंश के मामले में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसलिए परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों को पीड़ित को लेकर तत्काल अस्पताल जाना चाहिए। देरी करने के बजाय चिकित्सकीय उपचार को प्राथमिकता देना जरूरी है।
झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र से बचें
वरदान फाउंडेशन के जिलाध्यक्ष ने लोगों से सर्पदंश के बाद झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास के चक्कर में नहीं पड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों में समय बीत सकता है, जबकि पीड़ित को तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत होती है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी सर्पदंश को लेकर कई तरह की पारंपरिक मान्यताएं देखने को मिलती हैं। लोगों को इन भ्रांतियों से बाहर निकलकर वैज्ञानिक और चिकित्सकीय उपचार पर भरोसा करना चाहिए।
जूते और कपड़े इस्तेमाल करने से पहले जांचें
बारिश के दिनों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह देते हुए सुनील रैदास ने कहा कि जूते, कपड़े और बिस्तर इस्तेमाल करने से पहले उन्हें अच्छी तरह जांच लेना चाहिए। रात के समय या लंबे समय तक रखी वस्तुओं का इस्तेमाल करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि घर के कम रोशनी वाले हिस्सों, स्टोर रूम और सामान रखने वाली जगहों को साफ और व्यवस्थित रखना चाहिए। जहां संभव हो, वहां पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करनी चाहिए।
रात में टॉर्च का करें इस्तेमाल
उन्होंने कहा कि रात के समय घर से बाहर निकलते समय टॉर्च या पर्याप्त रोशनी का इस्तेमाल करें। खेतों, झाड़ियों और अंधेरे स्थानों पर नंगे पैर जाने से बचना चाहिए।
विशेष रूप से बारिश के दौरान खेतों में काम करने वाले लोगों को जूते या अन्य सुरक्षित फुटवियर का इस्तेमाल करना चाहिए। बच्चों को भी समझाना चाहिए कि वे सांप या किसी भी अनजान जीव के करीब न जाएं और उसे पकड़ने की कोशिश न करें।

सांप दिखाई दे तो सुरक्षित दूरी बनाएं
सुनील रैदास ने कहा कि अगर घर या आसपास सांप दिखाई दे तो उसे पकड़ने या मारने का प्रयास नहीं करना चाहिए। लोगों को उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए और प्रशिक्षित व्यक्ति या संबंधित स्थानीय सहायता की मदद लेनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सांप को छेड़ने या उसके बहुत करीब जाने से खतरा बढ़ सकता है। इसलिए सावधानी बरतना ही सबसे बेहतर विकल्प है।
सर्पदंश में क्या नहीं करना चाहिए?
सर्पदंश की स्थिति में कई लोग घबराकर तरह-तरह के घरेलू उपाय करने लगते हैं। सुनील रैदास ने लोगों को ऐसे उपायों से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि घाव को काटने, जहर चूसने या कसकर पट्टी बांधने जैसी कोशिश नहीं करनी चाहिए।
पीड़ित को शांत रखते हुए जल्द से जल्द अस्पताल ले जाना चाहिए। यदि संभव हो तो सांप को पकड़ने के बजाय उसकी पहचान के बारे में सुरक्षित दूरी से जानकारी रखने की कोशिश की जा सकती है, लेकिन इसके लिए अपनी सुरक्षा को खतरे में नहीं डालना चाहिए।
जागरूकता से कम किया जा सकता है खतरा
सुनील रैदास ने कहा कि सर्पदंश से बचाव के लिए केवल सावधानी ही नहीं, बल्कि जागरूकता भी जरूरी है। परिवार के प्रत्येक सदस्य को यह पता होना चाहिए कि सांप के काटने की स्थिति में किस तरह प्रतिक्रिया देनी है।
उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में लोग अपने घर, खेत और आसपास के क्षेत्र को साफ रखें तथा अंधेरे स्थानों पर जाते समय पर्याप्त रोशनी का इस्तेमाल करें। थोड़ी सी सतर्कता सर्पदंश के खतरे को कम करने में मदद कर सकती है।
समय पर इलाज से बच सकती है जान
वरदान फाउंडेशन के जिलाध्यक्ष ने कहा कि सर्पदंश की घटना के बाद समय पर सही चिकित्सा सहायता लेना सबसे महत्वपूर्ण है। अंधविश्वास और देरी के कारण स्थिति गंभीर हो सकती है। इसलिए किसी भी व्यक्ति को सांप काटने की आशंका हो तो उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र ले जाना चाहिए।
उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक रहें और परिवार, पड़ोस तथा गांव के अन्य लोगों को भी सर्पदंश से बचाव के प्रति जागरूक करें।
सुनील रैदास ने कहा कि सावधानी, जागरूकता और समय पर चिकित्सकीय सहायता किसी व्यक्ति की अनमोल जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। बारिश के मौसम में लोगों को डरने की जरूरत नहीं, बल्कि सतर्क रहने और सही जानकारी के साथ कदम उठाने की जरूरत है।
