पपौंध के ग्राम बरा में दर्दनाक हादसा, सिरमट नाले में डूबने से 61 वर्षीय बुजुर्ग की मौत
सुबह शौच के लिए घर से निकले थे मंगलदीन अगरिया, ग्रामीणों की मदद से नाले से निकाला गया शव; पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की जांच
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मंगलदीन अगरिया गुरुवार सुबह शौच के लिए सिरमट नाले की ओर गए थे। इसी दौरान वे नाले के पानी में गिर गए। आशंका जताई जा रही है कि नाले के किनारे उनका पैर फिसल गया होगा या पानी में उतरने के दौरान संतुलन बिगड़ने से वे गहरे हिस्से में चले गए। हालांकि घटना वास्तव में किस तरह हुई, इसे लेकर पुलिस जांच कर रही है।
सुबह घर से निकले थे मंगलदीन अगरिया
बताया जा रहा है कि 61 वर्षीय मंगलदीन अगरिया सुबह के समय रोजमर्रा की तरह घर से निकले थे। वे ग्राम बरा के पास स्थित सिरमट नाले की तरफ गए थे। कुछ समय बाद उनके नाले में डूबने की जानकारी ग्रामीणों को मिली।
घटना की खबर मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। नाले में पानी और गहराई को देखते हुए बुजुर्ग को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। इसके साथ ही घटना की सूचना पपौंध थाना पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही पपौंध थाना पुलिस की टीम ग्राम बरा पहुंची। पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों की सहायता से नाले में बुजुर्ग की तलाश शुरू कराई। काफी प्रयास के बाद मंगलदीन अगरिया को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
पुलिस ने मौके पर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और घटनास्थल से संबंधित जानकारी जुटाई। मृतक के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों से भी घटना के संबंध में प्रारंभिक जानकारी ली गई।
पैर फिसलने या संतुलन बिगड़ने की आशंका
प्रारंभिक तौर पर यह मामला दुर्घटनावश डूबने का माना जा रहा है। आशंका है कि नाले के पास जाने के दौरान मंगलदीन अगरिया का पैर फिसल गया होगा। पानी में गिरने के बाद वे गहरे हिस्से में चले गए और बाहर नहीं निकल सके।
हालांकि यह अभी प्रारंभिक अनुमान है। घटना के समय मौके पर वास्तव में क्या परिस्थितियां थीं और बुजुर्ग किस तरह नाले में गिरे, इसकी जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
पुलिस ने शव को नाले से बाहर निकालने के बाद पंचनामा कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मृत्यु के वास्तविक कारण की पुष्टि होने की उम्मीद है।
मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच प्रारंभ कर दी है। घटना से संबंधित सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। स्थानीय लोगों के बयान भी जांच प्रक्रिया का हिस्सा हो सकते हैं।
बारिश में बढ़ जाता है सिरमट नाले का जलस्तर
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार बारिश के मौसम में सिरमट नाले में पानी का स्तर बढ़ जाता है। कई बार पानी का बहाव भी तेज रहता है। नाले के कुछ हिस्सों में अधिक गहराई होने के कारण वहां जाने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ जाता है।
बारिश के दौरान आसपास की मिट्टी और रास्ते भी फिसलन भरे हो सकते हैं। ऐसे में विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए नाले के आसपास जाना जोखिम भरा हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में ऐसे जलस्रोतों के आसपास अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
नाले के आसपास सुरक्षा व्यवस्था की उठी मांग
इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर सिरमट नाले के आसपास सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि नाले के उन स्थानों को चिह्नित किया जाना चाहिए जहां पानी अधिक गहरा है या जहां बारिश के समय तेज बहाव रहता है।
ऐसे संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाने, सुरक्षित रास्ते की व्यवस्था करने और जरूरत के अनुसार बैरिकेडिंग जैसे उपाय किए जाने की मांग की जा रही है। इससे अनजान व्यक्ति, बच्चे और बुजुर्ग खतरनाक हिस्सों के करीब जाने से बच सकते हैं।
गांव में शोक का माहौल
मंगलदीन अगरिया की मौत की खबर मिलने के बाद परिवार के साथ गांव में भी शोक का माहौल है। सुबह घर से निकले बुजुर्ग की इस तरह अचानक मौत होने से परिजन सदमे में हैं। ग्रामीणों ने भी घटना पर दुख व्यक्त किया है।
हादसे ने एक बार फिर बारिश के दौरान नदी-नालों और अन्य जलस्रोतों के आसपास सावधानी बरतने की आवश्यकता को सामने रखा है। ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के दिनों में छोटे नाले भी अचानक गहरे और तेज बहाव वाले हो सकते हैं।
मर्ग कायम कर जांच में जुटी पपौंध पुलिस
फिलहाल पपौंध थाना पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटा रही है। प्रारंभिक स्तर पर इसे दुर्घटना माना जा रहा है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही सामने आएगा।
इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सिरमट नाले सहित आसपास के जोखिम वाले जलस्रोतों की पहचान कर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
