108 एंबुलेंस की देरी बनी मौत की वजह? ऑटो में प्रसव के बाद महिला ने तोड़ा दम
शहडोल | संभागीय ब्यूरो प्रमुख सुनील रैदा
Shahdol जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र से स्वास्थ्य व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। आरोप है कि समय पर 108 एंबुलेंस नहीं पहुंचने के कारण प्रसव पीड़ा से तड़प रही गर्भवती महिला को परिजन ऑटो से अस्पताल ले जाने को मजबूर हुए। रास्ते में ही महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया, लेकिन अस्पताल पहुंचने के कुछ देर बाद उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, जैतपुर थाना क्षेत्र के गलहथा गांव के मौहार टोला निवासी 22 वर्षीय जयमंती को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर परिजनों ने 108 एंबुलेंस को सूचना दी। परिजनों का आरोप है कि काफी देर तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। महिला की हालत बिगड़ती देख परिजन निजी ऑटो की व्यवस्था कर उसे जैतपुर अस्पताल लेकर रवाना हुए। इसी दौरान रास्ते में ही महिला की डिलीवरी हो गई। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मां और नवजात बच्ची का इलाज शुरू किया, लेकिन कुछ देर बाद जयमंती ने दम तोड़ दिया। वहीं नवजात बच्ची सुरक्षित बताई जा रही है और उसका उपचार जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही जैतपुर पुलिस अस्पताल पहुंची और शव का पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही महिला की मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
वहीं बुढार ब्लॉक के बीएमओ डॉ. सचिन कारकुर ने स्वीकार किया कि 108 एंबुलेंस के पहुंचने में देरी हुई थी, जिसके चलते महिला की रास्ते में ही डिलीवरी हो गई। हालांकि उन्होंने बताया कि महिला की एएनएम द्वारा नियमित निगरानी की जा रही थी तथा मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगा।
यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं और 108 एंबुलेंस व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती है। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
