Market High: 2013 में 21,000 से अब 86,000 के पार पहुँचा सेंसेक्स, 12 साल में 400% की ऐतिहासिक छलांग
Sensex All Time High: भारतीय शेयर बाजार ने रचा इतिहास
भारतीय शेयर बाजार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि लंबी अवधि में निवेश रखना हमेशा फायदे का सौदा होता है। अमेरिकी फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित कटौती, विदेशी निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी और मजबूत वैश्विक रुझानों की बदौलत बीएसई सेंसेक्स ने गुरुवार को अपने ऑल-टाइम हाई 86,026.18 को छू लिया।
यह वह स्तर है जहाँ पहुंचना कभी असंभव सा लगता था, क्योंकि 2013 में सेंसेक्स मात्र 21,000 के आसपास था। 12 वर्षों में सेंसेक्स ने लगभग 400% की शानदार उछाल दर्ज की है।
2013 से 2025 तक सेंसेक्स की 12 वर्षों की यात्रा
2013 में जब भारतीय अर्थव्यवस्था कई चुनौतियों का सामना कर रही थी, उस समय सेंसेक्स लगभग 21,000 के स्तर पर था। लेकिन 12 साल बाद, यानी 2025 में सेंसेक्स 86,000 के पार पहुँचकर एक नया रिकॉर्ड बना चुका है।
यह वृद्धि बताती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था, कॉरपोरेट अर्निंग और नीतिगत सुधारों ने लंबे समय में निवेशकों को दमदार रिटर्न दिया है।
1979 में शुरुआत के बाद से हर दशक में चार गुना बढ़ा सेंसेक्स
शेयर बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि 1979 में 100 बेस पॉइंट से शुरू हुए सेंसेक्स ने लगभग हर दशक में 4 गुना वृद्धि की है।
यह पैटर्न यह दर्शाता है कि भारत की आर्थिक विकास दर और निवेश का माहौल दीर्घकालिक रूप से बेहद मजबूत रहा है।
निफ्टी 50 भी पीछे नहीं — 12 साल में 400% से अधिक बढ़ोतरी
सेंसेक्स की तरह NSE Nifty 50 ने भी शानदार प्रदर्शन किया है।
12 साल पहले, यानी 2013 में निफ्टी 6000 के स्तर को पार करने के लिए संघर्ष कर रहा था। लेकिन आज निफ्टी न केवल इस स्तर से कई गुना आगे निकल चुका है, बल्कि 26,306.95 के नए ऑल-टाइम हाई पर पहुँच गया है।
निफ्टी का मार्केट कैप 472 लाख करोड़ रुपये
आज निफ्टी के 50 शेयरों का कुल बाजार पूंजीकरण (Market Cap) लगभग 472 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।
यह न केवल भारतीय बाजार के विस्तार को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक निवेशकों के भरोसे को भी मजबूत करता है।
विदेशी निवेशकों का जबरदस्त भरोसा
भारतीय बाजार में एफआईआई (Foreign Institutional Investors) और डीआईआई (Domestic Institutional Investors) की मजबूत खरीदारी ने भी सेंसेक्स और निफ्टी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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एफआईआई खरीद: 4,778.03 करोड़ रुपये
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डीआईआई खरीद: 6,247.93 करोड़ रुपये
बुधवार के कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 1022.50 अंक चढ़कर 85,609.51 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 320.50 अंक उछलकर 26,205.30 पर बंद हुआ। यह स्पष्ट संकेत है कि बाजार में तेजड़ियों (Bulls) की ताकत अभी भी कायम है।
वैश्विक रुझान क्यों बने सेंसेक्स की उछाल का आधार?
भारतीय बाजार की रिकॉर्ड-ब्रेकिंग रैली के पीछे कई ग्लोबल फैक्टर्स भी जिम्मेदार रहे:
फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज कटौती
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की बढ़ती उम्मीद ने वैश्विक इक्विटी मार्केट में सकारात्मक माहौल बनाया है।
निम्न ब्याज दरों के दौर में निवेशक आमतौर पर इक्विटी में निवेश बढ़ाते हैं।
रूस-यूक्रेन शांति संकेत
रूस-यूक्रेन के बीच संभावित शांति समझौते से विश्वभर के बाजारों में जोखिम भावना (Risk Sentiment) में सुधार हुआ है। इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
ब्रेंट क्रूड का भाव 62.77 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचकर लगभग 0.57% गिर गया।
भारत, जो कच्चे तेल का सबसे बड़ा आयातक है, तेल कीमतों में गिरावट से लाभान्वित होता है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार के अनुसार:
“फेड की दर कटौती उम्मीद, रूस-यूक्रेन शांति संकेत और वैश्विक स्तर पर सकारात्मक इक्विटी माहौल का फायदा भारतीय बाजार को मिला है। भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत आधार पर खड़ी है, और यही सेंसेक्स-निफ्टी को नई ऊंचाइयों की ओर ले जा रहा है।”
2030 तक निफ्टी 50,000?
कई मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की तेज वृद्धि, मजबूत कॉरपोरेट आय और बढ़ते एफडीआई फ्लो की वजह से 2030 तक निफ्टी 50,000 का स्तर छू सकता है।
यदि ऐसा होता है, तो आज किए गए निवेश कई गुना बढ़ सकते हैं।
क्यों बढ़ रहा है भारतीय शेयर बाजार? — 5 बड़े कारण
- मजबूत GDP वृद्धि
- सरकारी नीतियों में स्थिरता और सुधार
- युवा निवेशकों की बढ़ती भागीदारी
- स्टार्टअप और तकनीकी सेक्टर का विस्तार
- वैश्विक निवेशकों का भरोसा
निष्कर्ष – सेंसेक्स और निफ्टी की तेजी जारी, निवेशकों में जोश बरकरार
2013 से 2025 तक भारतीय शेयर बाजार ने खुद को दुनिया के सबसे मजबूत उभरते बाजारों में शामिल किया है।
सेंसेक्स का 21,000 से 86,000 तक पहुंचना और निफ्टी का 6000 से 26,000 तक उछलना इस बात का प्रमाण है कि भारतीय अर्थव्यवस्था सही दिशा में आगे बढ़ रही है।
अगर ग्लोबल और घरेलू परिस्थितियाँ इसी तरह सकारात्मक बनी रहीं, तो आने वाले वर्षों में बाजार और भी बड़ी ऊँचाइयाँ छू सकता है।
