MP News: किसानों की खराब सोयाबीन फसल पर शिवराज सिंह चौहान ने किया सख्त कदम, सीहोर कलेक्टर को दिए तत्काल निर्देश
सीहोर, मध्य प्रदेश: सीहोर जिले में खराब हुई सोयाबीन फसल से परेशान किसानों को अब केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से राहत मिलने की उम्मीद जगी है। शनिवार को सीहोर दौरे पर पहुंचे मंत्री ने किसानों की समस्याएं सुनते ही तुरंत कलेक्टर से फोन पर संवाद कर खराब फसलों का सर्वे कराने और फसल बीमा योजना का लाभ तुरंत दिलाने के निर्देश दिए।
शिवराज सिंह चौहान ने किसानों की समस्याओं को तुरंत किया सुलझाने का वादा
भोपाल-इंदौर हाईवे पर इछावर जोड़ पर रुके केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से किसानों ने अपनी परेशानी साझा की। उन्होंने बताया कि इस बार सोयाबीन की फसल पीला मोज़ेक और अन्य रोगों के कारण बर्बाद हो गई है।
किसानों की बात सुनते ही शिवराज ने कहा:
“खराब फसल का सर्वे तुरंत कराया जाए और बीमा योजना का पूरा लाभ किसानों को तुरंत मिले। इससे उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी।”
इस मौके पर मंत्री ने सीहोर कलेक्टर बाला गुरु से फोन पर बातचीत कर तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया।
किसानों की लगातार बढ़ती समस्याएं
किसान नेता एवं समाजसेवी एम.एस. मेवाड़ा ने बताया कि पिछले पांच साल से सोयाबीन की फसल लगातार प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि हर साल फसल बीमा की राशि किसानों से काटी जाती है, लेकिन उन्हें बीमा का लाभ नहीं मिलता।
मेवाड़ा ने कहा:
“यदि सरकार किसानों को राहत नहीं दे रही, तो बीमा राशि काटना बंद किया जाना चाहिए।”
सीहोर, शाजापुर और भोपाल जिलों के किसान अलग-अलग तरीके से आंदोलन कर रहे थे, लेकिन अब तक सरकारी स्तर से सुनवाई नहीं हुई थी।
प्रशासनिक और राजनीतिक हस्तक्षेप
इस अवसर पर विधायक सुदेश राय, नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर, भाजपा जिला अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा, और जिला मंत्री पंकज गुप्ता भी उपस्थित थे। उन्होंने किसानों से बातचीत कर समस्याओं को सुना और अधिकारियों से जल्द समाधान की मांग की।
पिछले दिन राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने भी इछावर में आयोजित कार्यक्रम में इस मुद्दे को उठाया था। उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में फसलें ठीक हैं, लेकिन कई जगह पीला मोज़ेक रोग ने फसलों को बर्बाद कर दिया है।
किसानों को राहत मिलने की उम्मीद
किसानों का मानना है कि कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सीधे हस्तक्षेप से अब उन्हें राहत मिलने की उम्मीद जगी है। खराब फसलों का सही आकलन और फसल बीमा योजना का लाभ जल्द मिलने से किसानों को आर्थिक सहारा मिलेगा।
लंबे समय से आंदोलन कर रहे किसान अब सरकारी राहत की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

