Sehore News: सड़क निर्माण के बाद जलभराव से किसान परेशान, 8 एकड़ में लगी सोयाबीन और मक्का की फसल खराब होने का खतरा
ब्यूरो विकास सैनी भेरूंदा नसरुल्लागंज ✍️
भैरुंदा (Sehore)। क्षेत्र के ग्राम चांदाग्रहण के किसानों के सामने जलभराव की समस्या गंभीर रूप लेती जा रही है। नई सड़क निर्माण के बाद खेतों से पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं। परेशान किसानों ने प्रशासन से हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
ग्राम चांदाग्रहण निवासी किसान जगदीश पंवार और रामदेव पंवार ने तहसीलदार को आवेदन देकर अपनी परेशानी से अवगत कराया है। किसानों का कहना है कि नेहरुगांव क्षेत्र में स्थित उनकी करीब 8 एकड़ कृषि भूमि के पास बनाई गई नई सीसी रोड के कारण पानी निकासी का रास्ता बंद हो गया है, जिससे खेतों में लगातार पानी भर रहा है।
सड़क निर्माण के बाद बढ़ी समस्या
किसानों के अनुसार, लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार द्वारा क्षेत्र में सीसी रोड का निर्माण कराया गया, लेकिन सड़क निर्माण के दौरान पानी निकासी के लिए आवश्यक पुलिया या नाली की व्यवस्था नहीं की गई।
इसका सीधा असर आसपास के खेतों पर पड़ा है। बारिश के दौरान अन्य खेतों और आसपास के क्षेत्रों से बहकर आने वाला पानी अब सीधे किसानों के खेतों में जमा हो रहा है।
किसानों का कहना है कि यदि समय रहते जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो उनकी पूरी फसल बर्बाद हो सकती है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
सोयाबीन और मक्का की फसल पर संकट
वर्तमान खरीफ सीजन में किसानों ने अपने खेतों में सोयाबीन और मक्का की फसल लगाई है। लगातार बारिश और खेतों में जमा पानी के कारण फसलों पर खराब होने का खतरा मंडरा रहा है।
किसानों का कहना है कि फसल को अधिक समय तक पानी में डूबे रहने से पौधों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं और उत्पादन प्रभावित होता है। इससे किसानों की मेहनत और लागत दोनों पर असर पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि खेती ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है। ऐसे में यदि समय पर समाधान नहीं हुआ तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
प्रशासन से लगाई मदद की गुहार
किसानों ने तहसीलदार को दिए आवेदन में मांग की है कि सड़क पर तत्काल प्रभाव से पुलिया या नाली का निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश के पानी की निकासी हो सके।
उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया जाए और जल्द से जल्द उचित कार्रवाई की जाए।
किसानों का कहना है कि यदि सड़क निर्माण के समय ही जल निकासी की व्यवस्था कर दी जाती तो आज यह समस्या खड़ी नहीं होती।
लोक निर्माण और नहर विभाग को भी दी जानकारी
किसानों ने इस समस्या की जानकारी लोक निर्माण विभाग बुदनी/भैरुंदा और नहर विभाग के अधिकारियों को भी दी है।
किसानों ने संबंधित विभागों से अपील की है कि वे मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाएं, ताकि खेतों में जमा पानी को बाहर निकाला जा सके और फसलों को बचाया जा सके।
ग्रामीणों ने भी उठाई समस्या
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण क्षेत्र के विकास के लिए जरूरी है, लेकिन इसके साथ जल निकासी जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं का ध्यान रखना भी आवश्यक है।
ग्रामीणों के अनुसार, किसी भी निर्माण कार्य के दौरान प्राकृतिक जल प्रवाह को बाधित नहीं किया जाना चाहिए। यदि पानी निकासी के उचित इंतजाम नहीं किए जाते हैं तो आसपास के किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में इस तरह की समस्याओं से बचने के लिए सभी निर्माण कार्यों में तकनीकी पहलुओं का ध्यान रखा जाए।
किसानों की चिंता बढ़ी
बारिश के मौसम में किसानों की सबसे बड़ी चिंता अपनी फसलों को बचाने की होती है। ऐसे समय में खेतों में अनावश्यक जलभराव किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन जाता है।
जगदीश पंवार और रामदेव पंवार ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते पानी निकासी की व्यवस्था हो जाती है तो उनकी फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है।
निष्कर्ष
Sehore भैरुंदा क्षेत्र के ग्राम चांदाग्रहण में सड़क निर्माण के बाद जलभराव की समस्या ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। 8 एकड़ कृषि भूमि में लगी सोयाबीन और मक्का की फसल पर संकट मंडरा रहा है। किसानों ने तहसीलदार सहित संबंधित विभागों को आवेदन देकर पुलिया या नाली निर्माण की मांग की है। अब किसानों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।
