एसबीआई लाइफ की ‘थैंक्स-ए-डॉट’ पहल ने बनाया गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स®, स्तन स्वास्थ्य जागरूकता को घर-घर की बातचीत का विषय बनाया
मुंबई, अक्टूबर 2025: भारत की अग्रणी बीमा कंपनियों में से एक, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस ने महिलाओं के स्वास्थ्य और स्तन स्व-परीक्षण जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए एक अनोखी पहल की है। कंपनी की ‘थैंक्स-ए-डॉट’ पहल ने हाल ही में गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स® हासिल किया। इस रिकॉर्ड को 1,191 ‘हग ऑफ लाइफ’ हॉट वॉटर बैग्स से बनाए गए सबसे बड़े मोज़ेक के जरिए दर्ज किया गया, जिस पर लिखा था — “टेक ए ब्रेस्ट सेल्फ-एग्ज़ाम विथ थैंक्स-ए-डॉट।”
यह पहल न केवल स्तन स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देती है, बल्कि महिलाओं में आत्म-देखभाल और स्व-चिकित्सा को नियमित आदत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुई है।
गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स® की उपलब्धि
इस अद्भुत उपलब्धि का जश्न एसबीआई लाइफ के एमडी और सीईओ श्री अमित झिंगरन, अभिनेत्री और स्तन कैंसर सर्वाइवर महिमा चौधरी, श्री रवींद्र शर्मा, चीफ ऑफ ब्रांड, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन एवं सीएसआर, और श्री स्वप्निल डांगरिकर, आधिकारिक गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स® निर्णायक की उपस्थिति में मनाया गया।
महिला स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में यह कदम विशेष महत्व रखता है क्योंकि भारत में स्तन कैंसर महिलाओं में सबसे आम प्रकार का कैंसर है। आईसीएमआर के अनुसार, देश में स्तन कैंसर के लगभग 60% मामले तब पता चलते हैं जब बीमारी काफी बढ़ चुकी होती है। समय पर स्तन स्व-परीक्षण और पहचान के जरिए इस बीमारी के लगभग 90% मामलों का सफल उपचार संभव है।
‘थैंक्स-ए-डॉट’ पहल: महिलाओं के लिए जागरूकता का मंच
एसबीआई लाइफ की ‘थैंक्स-ए-डॉट’ पहल की शुरुआत 2019 में हुई थी। इसका उद्देश्य महिलाओं में स्व-देखभाल और स्तन स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पैदा करना है। यह पहल समाज में मौजूद झिझक और कलंक को तोड़कर महिलाओं को अपने स्वास्थ्य पर खुलकर चर्चा करने और नियमित जांच करने के लिए प्रेरित करती है।
एसबीआई लाइफ ने 2023 में ‘हग ऑफ लाइफ’ हॉट वॉटर बैग लॉन्च किया, जो दुनिया का पहला ऐसा बैग है जिसमें 3डी गांठें शामिल हैं। यह बैग महिलाओं को सुरक्षित और आत्मविश्वासपूर्ण तरीके से स्तन स्व-परीक्षण करने का अवसर प्रदान करता है।
मोज़ेक: जागरूकता और सशक्तिकरण का प्रतीक
गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स® के लिए तैयार किए गए मोज़ेक में कर्मचारी, साझेदार और स्वयंसेवक शामिल हुए। 1,191 ‘हग ऑफ लाइफ’ बैग्स से बनाया गया यह मोज़ेक न केवल एक अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड है, बल्कि स्तन स्वास्थ्य जागरूकता आंदोलन का प्रतीक भी है।
श्री रवींद्र शर्मा, चीफ ब्रांड, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन एवं सीएसआर, एसबीआई लाइफ ने इस अवसर पर कहा:
“महिलाएं अक्सर परिवार की देखभाल में इतनी व्यस्त होती हैं कि अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना भूल जाती हैं। ‘थैंक्स-ए-डॉट’ पहल के माध्यम से हम उन्हें प्रेरित कर रहे हैं कि वे नियमित स्तन स्व-परीक्षण करें और अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स® सिर्फ एक उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को आत्म-देखभाल की आदत बनाने की प्रेरणा भी देता है।”
महिमा चौधरी का संदेश
अभिनेत्री और स्तन कैंसर सर्वाइवर महिमा चौधरी ने कहा:
“मैंने स्वयं स्तन कैंसर का सामना किया है, इसलिए मैं जानती हूं कि समय पर पहचान और जांच कितनी महत्वपूर्ण है। एसबीआई लाइफ की ‘थैंक्स-ए-डॉट’ पहल महिलाओं में जागरूकता पैदा करती है और उन्हें सशक्त बनाती है कि वे अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें।”
महिमा चौधरी ने यह भी बताया कि इस तरह की पहल समाज में स्तन स्वास्थ्य पर खुली बातचीत को बढ़ावा देती है, जिससे महिलाएं सीखती हैं, कदम उठाती हैं और आत्मनिर्भर बनती हैं।
स्तन स्वास्थ्य जागरूकता का महत्व
भारत में महिलाओं में स्तन कैंसर का फैलाव काफी अधिक है। ज्यादातर मामलों में बीमारी तब पकड़ में आती है जब उपचार मुश्किल हो जाता है। स्व-देखभाल, नियमित जांच और प्रारंभिक पहचान से स्तन कैंसर के अधिकांश मामलों का सफल उपचार संभव है।
एसबीआई लाइफ की पहल इस तथ्य को स्पष्ट करती है कि महिलाओं की सुरक्षा केवल वित्तीय सुरक्षा तक सीमित नहीं है। स्वास्थ्य और जागरूकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं। थैंक्स-ए-डॉट पहल का मूल संदेश यही है कि अपनी देखभाल करना कोई विलासिता नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है।
आगे का लक्ष्य
एसबीआई लाइफ का उद्देश्य स्तन स्वास्थ्य जागरूकता को समाज का हिस्सा बनाना है। कंपनी नवाचार, सहानुभूति और उद्देश्य के साथ महिलाओं में स्व-देखभाल और नियमित स्तन स्व-परीक्षण को बढ़ावा देने का काम कर रही है।
इस पहल के जरिए, स्तन स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और स्व-देखभाल को घर-घर की बातचीत का हिस्सा बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है।
निष्कर्ष
एसबीआई लाइफ की ‘थैंक्स-ए-डॉट’ पहल और गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स® का यह कदम केवल एक रिकॉर्ड ही नहीं है। यह स्तन स्वास्थ्य जागरूकता, आत्म-देखभाल, और महिला सशक्तिकरण का संदेश पूरे भारत में फैलाने का प्रतीक है। हग ऑफ लाइफ बैग और मोज़ेक ने दिखाया कि कैसे एक साधारण आइटम से समाज में स्वास्थ्य की आदतें और जागरूकता को बढ़ाया जा सकता है।
महिलाओं को समय पर स्तन स्व-परीक्षण और स्वास्थ्य प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित करने वाली यह पहल एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के मूल मंत्र “अपने लिए, अपनों के लिए” को मजबूत करती है।
