स्कूल की छत का प्लास्टर गिरने से चार बच्चे घायल, बारिश के कारण एक कमरे में बैठकर पढ़ रहे थे
Satna । लगातार हो रही बारिश के बीच एक प्राथमिक विद्यालय में बड़ा हादसा टल गया। करीब 10 वर्ष पुराने विद्यालय भवन के अतिरिक्त कक्ष की छत और छज्जे का प्लास्टर अचानक टूटकर कक्षा में बैठे बच्चों के ऊपर जा गिरा। हादसा दोपहर करीब 12:30 बजे हुआ। घटना में चार बच्चे घायल हो गए, जिनमें तीन छात्राओं के सिर में चोटें आई हैं। सभी घायल बच्चों को तत्काल स्थानीय निजी चिकित्सक के पास ले जाकर प्राथमिक उपचार कराया गया।
बारिश के कारण एक ही कमरे में बैठे थे बच्चे
बताया गया कि लगातार बारिश के चलते विद्यालय भवन के अन्य कमरों में पानी भर गया था। ऐसी स्थिति में विद्यालय प्रबंधन ने बच्चों को एक ही कक्षा में बैठाकर पढ़ाने की व्यवस्था की थी। इसी दौरान अतिरिक्त कक्ष की छत और छज्जे का प्लास्टर अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा।
प्लास्टर गिरते ही कक्षा में अफरा-तफरी मच गई। बच्चे घबराकर इधर-उधर भागने लगे। हादसे में हर्ष कोल पिता छोटेलाल कोल, पल्लवी कोल पिता कैलाश कोल, जानवी कोल पिता प्रकाश और रागनी पाल पिता राजेंद्र पाल घायल हुए।
जानकारी के अनुसार पल्लवी, जानवी और रागनी के सिर में चोट आई है, जबकि हर्ष कोल के पैर में चोट लगी है।
स्कूल प्रबंधन ने कराया उपचार
घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने घायल बच्चों के उपचार की व्यवस्था कराई। घायल छात्रा रागनी पाल के चाचा रजनीश पाल ने बताया कि विद्यालय के हेडमास्टर एसएन त्रिपाठी ने स्थानीय निजी चिकित्सक को बुलाकर बच्चों का प्राथमिक उपचार कराया।
फिलहाल सभी घायल बच्चों की हालत सामान्य बताई जा रही है। घटना के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में विद्यालय भवन की सुरक्षा को लेकर चिंता है।
लगातार बारिश से भवन में नमी और कमजोरी की आशंका
स्थानीय लोगों के अनुसार लगातार हो रही बारिश के कारण विद्यालय भवन के छज्जे और प्लास्टर में नमी आने से उसकी मजबूती प्रभावित हुई होगी। विद्यालय भवन का निर्माण करीब 10 वर्ष पहले कराया गया था।
हादसे के बाद विद्यालय भवन की स्थिति का निरीक्षण कराए जाने की मांग उठ रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि भवन के अन्य हिस्से बच्चों के लिए सुरक्षित हैं या नहीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान विद्यालय के कमरों में पानी भरने की समस्या का भी स्थायी समाधान किया जाना जरूरी है।
प्रशासन द्वारा भवन का निरीक्षण कर आवश्यक कदम उठाए जाने के बाद ही इसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
