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महेश्वर से उज्जैन तक कावड़ यात्रा में दिखी सामाजिक समरसता, सर्वधर्म संघ ने किया भव्य स्वागत

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Published On: 7 August 2026
Sarvdharm Sangh members welcome Kanwar pilgrims during the Maheshwar to Ujjain Kanwar Yatra in Indore and honour MLA Golu Shukla with a Mahakal photo frame.
— Sarvdharm Sangh members welcome Kanwar pilgrims during the Maheshwar to Ujjain Kanwar Yatra in Indore and honour MLA Golu Shukla with a Mahakal photo frame.

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महेश्वर से उज्जैन तक कावड़ यात्रा में दिखी सामाजिक समरसता, सर्वधर्म संघ ने किया भव्य स्वागत

विधायक गोलू शुक्ला को महाकाल का फोटो फ्रेम भेंट कर किया सम्मानित, पुष्पवर्षा से हुआ कावड़ियों का अभिनंदन

संवाददाता : गौतम सालवे

इंदौर।
सावन माह में भगवान शिव की भक्ति का उत्साह पूरे देश में देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान बनी महेश्वर से उज्जैन तक निकलने वाली कावड़ यात्रा इस वर्ष धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता और सर्वधर्म सद्भाव का संदेश देने वाली यात्रा बनकर सामने आई। वर्षों से बाणेश्वरी संस्था द्वारा आयोजित की जा रही इस पवित्र कावड़ यात्रा का इंदौर आगमन पर संस्था सर्वधर्म संघ द्वारा भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर विभिन्न धर्मों के लोगों ने एक मंच पर आकर कावड़ यात्रियों का अभिनंदन किया और समाज में भाईचारे तथा आपसी सौहार्द का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र क्रमांक-3 के विधायक गोलू शुक्ला को भगवान महाकाल का आकर्षक फोटो फ्रेम भेंट कर सम्मानित किया गया। संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि यह सम्मान धार्मिक परंपराओं के संरक्षण, सामाजिक एकता तथा जनसहभागिता को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदान किया गया।

महेश्वर से महाकाल की नगरी उज्जैन तक आस्था की अनूठी यात्रा

महेश्वर से प्रारंभ होने वाली कावड़ यात्रा मध्यप्रदेश की प्रमुख धार्मिक यात्राओं में से एक मानी जाती है। माँ नर्मदा के पवित्र जल को कावड़ में लेकर श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हुए उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध भगवान महाकालेश्वर मंदिर पहुंचते हैं, जहां शिवलिंग का जलाभिषेक कर अपनी धार्मिक यात्रा पूर्ण करते हैं।

हर वर्ष हजारों श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होते हैं। यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि अनुशासन, सेवा, त्याग, समर्पण और सामूहिक सहभागिता का भी प्रतीक बन चुकी है। इस वर्ष भी बड़ी संख्या में शिवभक्त कावड़ लेकर महेश्वर से उज्जैन की ओर रवाना हुए, जिनका विभिन्न स्थानों पर स्वागत किया गया।

इंदौर में सर्वधर्म संघ ने किया भव्य स्वागत

कावड़ यात्रा के इंदौर पहुंचने पर प्रिंस यशवंत रोड पर संस्था सर्वधर्म संघ द्वारा स्वागत समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अगुवाई संस्था अध्यक्ष मंजूर बैग ने की।

स्वागत स्थल को आकर्षक रूप से सजाया गया था। जैसे ही कावड़ यात्रा वहां पहुंची, श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया गया। संस्था के सदस्यों ने कावड़ियों को मालाएं पहनाकर उनका सम्मान किया और यात्रा की सफलता एवं मंगलमय समापन की शुभकामनाएं दीं।

श्रद्धालुओं ने भी इस आत्मीय स्वागत के लिए संस्था का आभार व्यक्त किया।

विधायक गोलू शुक्ला का हुआ सम्मान

कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र क्रमांक-3 के विधायक गोलू शुक्ला का भी विशेष सम्मान किया गया।

संस्था सर्वधर्म संघ की ओर से उन्हें भगवान महाकाल का सुंदर फोटो फ्रेम भेंट किया गया। संस्था पदाधिकारियों ने बताया कि विधायक गोलू शुक्ला समाज के विभिन्न धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं तथा सामाजिक एकता और धार्मिक सद्भाव को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों को देखते हुए यह सम्मान प्रदान किया गया।

सम्मान ग्रहण करते हुए विधायक ने संस्था का आभार व्यक्त किया और कहा कि धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। ऐसे आयोजनों में सभी वर्गों की सहभागिता भारत की सांस्कृतिक विरासत की सबसे बड़ी पहचान है।

सभी धर्मों के लोगों ने दिया भाईचारे का संदेश

इस आयोजन की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि इसमें किसी एक समुदाय नहीं, बल्कि विभिन्न धर्मों और समाजों के लोगों ने मिलकर भागीदारी निभाई।

हिंदू, मुस्लिम तथा अन्य समाजों के नागरिक, व्यापारी और सामाजिक कार्यकर्ता एक साथ स्वागत समारोह में शामिल हुए। सभी ने कावड़ यात्रियों का सम्मान कर यह संदेश दिया कि धार्मिक आस्था और सामाजिक सद्भाव एक-दूसरे के पूरक हैं।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने कहा कि भारत की असली ताकत उसकी विविधता और आपसी भाईचारा है। जब विभिन्न धर्मों के लोग एक-दूसरे के धार्मिक आयोजनों में सम्मानपूर्वक शामिल होते हैं, तब समाज में विश्वास और सौहार्द और अधिक मजबूत होता है।

मंजूर बैग बोले—सभी धर्मों को साथ लेकर चलना ही हमारा उद्देश्य

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था सर्वधर्म संघ के अध्यक्ष मंजूर बैग ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे की भावना को मजबूत करना है।

उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति हमेशा से सर्वधर्म समभाव की रही है। विभिन्न धर्मों के लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनें और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज को जोड़ने का कार्य करें, यही संस्था का मूल उद्देश्य है।

उन्होंने कहा कि कावड़ यात्रा भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है। इस यात्रा में सेवा करना और श्रद्धालुओं का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का सौभाग्य है।

कावड़ यात्रा बनी सामाजिक समरसता की मिसाल

कार्यक्रम के दौरान पुष्पवर्षा, माल्यार्पण और सम्मान समारोह ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। शिवभक्तों के जयकारों और हर-हर महादेव के उद्घोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।

सर्वधर्म संघ के सदस्यों ने कावड़ियों के लिए जलपान और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी कीं। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने संस्था द्वारा किए गए स्वागत की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और पारस्परिक विश्वास को मजबूत करते हैं।

कई श्रद्धालुओं ने कहा कि धार्मिक यात्राएं केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि वे समाज को जोड़ने और मानवता की सेवा का संदेश भी देती हैं।

विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक हस्तियां रहीं मौजूद

स्वागत समारोह में समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

इस अवसर पर संस्था सर्वधर्म संघ के अध्यक्ष मंजूर बैग, रियाज़ खान, सूफी संत माहिर शाह वारसी, फहीम खान, रवीश पचोरिया, विनोद फुलवादिया, वसीम खान, फैजान बैग, एडवोकेट समीर बैग, मक्कू पहलवान, सोहेल पठान, गोलू शेख, हाजी रिजवान सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

सभी ने कावड़ यात्रियों का अभिनंदन करते हुए यात्रा के सफल और सुरक्षित समापन की कामना की।

सावन में सेवा और सद्भाव का दिया संदेश

सावन का महीना भगवान शिव की आराधना का विशेष समय माना जाता है। इस दौरान निकलने वाली कावड़ यात्राएं श्रद्धा, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक होती हैं। इंदौर में आयोजित यह स्वागत समारोह इस बात का उदाहरण बना कि धार्मिक आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होते, बल्कि समाज को जोड़ने और सकारात्मक संदेश देने का भी सशक्त माध्यम बन सकते हैं।

संस्था सर्वधर्म संघ द्वारा किया गया यह आयोजन धार्मिक सद्भाव, सामाजिक एकता और भारतीय संस्कृति की गंगा-जमुनी परंपरा का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। विभिन्न धर्मों के लोगों द्वारा एक साथ कावड़ यात्रियों का स्वागत करना इस बात का संदेश है कि जब समाज एकजुट होकर आस्था और मानवता का सम्मान करता है, तब भाईचारा और राष्ट्रीय एकता और अधिक मजबूत होती है।

इस आयोजन ने न केवल कावड़ यात्रियों का उत्साह बढ़ाया, बल्कि समाज के सामने यह भी संदेश रखा कि धर्म का वास्तविक स्वरूप प्रेम, सेवा, सम्मान और मानवता है। यही भावना भारत की सांस्कृतिक विरासत की सबसे बड़ी पहचान है और इसी भावना को आगे बढ़ाने का प्रयास संस्था सर्वधर्म संघ ने इस स्वागत समारोह के माध्यम से किया।

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