दिल्ली के गांधी स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में सर्वधर्म प्रार्थना में जैनधर्म का प्रतिनिधित्व करते हुए पर्व जैन और विहान सेठिया ने भक्तामर स्तोत्र और णमोकार मंत्र का सस्वर पाठ किया। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम में कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।
सर्वधर्म प्रार्थना में जैनधर्म का प्रतिनिधित्व: दिल्ली में गूंजा णमोकार महामंत्र
सर्वधर्म प्रार्थना में जैनधर्म का प्रतिनिधित्व करते हुए दिल्ली में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में दो बाल प्रतिनिधियों ने जैन धर्म की आध्यात्मिक परंपरा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में पर्व जैन और विहान जैन सेठिया ने संस्कृत, प्राकृत और हिंदी में जैन प्रार्थनाओं का सस्वर वाचन कर सभी उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया।
यह कार्यक्रम दिल्ली के प्रसिद्ध गांधी स्मृति, तीस जनवरी मार्ग स्थित कीर्ति मंडपम् में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का आयोजन द गिल्ड फार सर्विस और वार विंडोज एसोसिएशन के तत्वावधान में किया गया।
गांधी स्मृति में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का विशेष आयोजन
दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं था, बल्कि यह सर्वधर्म समभाव और आध्यात्मिक एकता का संदेश देने वाला कार्यक्रम भी था।कार्यक्रम में भारत के विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने धर्म की प्रार्थनाएं प्रस्तुत कीं। जैन, हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बहाई और पारसी धर्म के बाल प्रतिनिधियों ने इस मंच से प्रार्थनाएं प्रस्तुत कर धार्मिक सद्भाव का संदेश दिया।ऐसे आयोजनों का उद्देश्य समाज में धार्मिक सहिष्णुता और सांस्कृतिक समन्वय को बढ़ावा देना है।
पर्व जैन और विहान सेठिया की प्रेरणादायक प्रस्तुति
इस कार्यक्रम का सबसे भावपूर्ण क्षण तब आया जब सर्वधर्म प्रार्थना में जैनधर्म का प्रतिनिधित्व करते हुए दो बाल प्रतिनिधियों ने जैन धर्म की प्रार्थनाओं का पाठ किया।’जिनधर्म रक्षक’ के सदस्य पर्व जैन ने संस्कृत भाषा में प्रसिद्ध भक्तामर स्तोत्र का सस्वर पाठ किया। इसके बाद उन्होंने सभी के मंगल की कामना करते हुए “मेरी भावना” का पाठ भी किया।
प्रार्थना की शुरुआत में पर्व जैन ने “णमो जिणाणं – जय जिनेन्द्र” कहकर सभी का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा:
“जैनधर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव के पुत्र चक्रवर्ती सम्राट भरत के नाम से हमारे देश का नाम भारत पड़ा है। ऐसी पवित्र भारत भूमि को मैं नमन करता हूं।”
इसके बाद पर्व जैन ने ओजस्वी स्वर में जैन प्रार्थना प्रस्तुत की।
प्राकृत भाषा में गूंजा णमोकार महामंत्र
कार्यक्रम के दौरान विश्व शांति की कामना करते हुए पर्व जैन और विहान सेठिया ने प्राकृत भाषा में णमोकार महामंत्र का सस्वर वाचन किया।प्राकृत भाषा को सभी भाषाओं की जननी और भारत की शास्त्रीय भाषा माना जाता है। जब विशाल सभागार में दोनों बालकों की आवाज में णमोकार मंत्र गूंजा, तो उपस्थित सभी लोगों ने इसे अत्यंत आध्यात्मिक और प्रेरणादायक अनुभव बताया।यह क्षण वास्तव में सर्वधर्म प्रार्थना में जैनधर्म का प्रतिनिधित्व का गौरवपूर्ण उदाहरण बन गया।
विशिष्ट अतिथियों ने किया सम्मान
इस कार्यक्रम में कई प्रमुख और प्रतिष्ठित व्यक्तित्व उपस्थित रहे। उनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:
- पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की धर्मपत्नी गुरशरण कौर
- गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के उपाध्यक्ष विजय गोयल
- द गिल्ड फार सर्विस की अध्यक्षा मीरा खन्ना
- वार विंडोज एसोसिएशन की अध्यक्षा दमयंती ताम्बे
इन सभी विशिष्ट अतिथियों ने पर्व जैन और विहान सेठिया की सुंदर प्रस्तुति की सराहना करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया और सम्मानित भी किया।
डॉ. इन्दु जैन राष्ट्र गौरव की भूमिका
जैनधर्म की राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि, अल्पसंख्यक आयोग की विशेषज्ञ सलाहकार सदस्य तथा जिनधर्म रक्षक की ओर से इस आयोजन की जैन संयोजिका डॉ. इन्दु जैन राष्ट्र गौरव ने बताया कि यह कार्यक्रम जैन समाज के लिए अत्यंत गर्व का क्षण था।उन्होंने कहा कि जब विशाल सभागार में बच्चे जैन प्रार्थना कर रहे थे, तब उपस्थित सभी लोगों को अत्यंत गौरव की अनुभूति हो रही थी।डॉ. इन्दु जैन ने भी जिनधर्म रक्षक की ओर से पर्व जैन और विहान सेठिया को पुरस्कार प्रदान किए।
जैन समाज के लिए गौरव का क्षण
जैन समाज के प्रसिद्ध समाजसेवी श्री सुखराज सेठिया के पौत्र और सुनील-सुरुचि जी के पुत्र विहान सेठिया ने इस कार्यक्रम में शानदार प्रस्तुति दी।इसी तरह इग्नू के प्रोफेसर प्रवीण जैन और समाजसेविका सुमन जैन के पुत्र पर्व जैन ने भी जैनधर्म का प्रतिनिधित्व कर समाज को गौरवान्वित किया।उनकी इस उपलब्धि के लिए जैन समाज के कई गणमान्य व्यक्तियों ने दोनों बालकों और उनके परिवार को हार्दिक बधाई दी।
सर्वधर्म प्रार्थना का संदेश
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केवल धार्मिक प्रस्तुति नहीं बल्कि धार्मिक सद्भाव और विश्व शांति का संदेश देना था।आज के समय में जब दुनिया कई तरह के संघर्षों से गुजर रही है, तब ऐसे आयोजन समाज को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सर्वधर्म प्रार्थना में जैनधर्म का प्रतिनिधित्व इसी दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा सकता है।
निष्कर्ष
दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम ने यह साबित किया कि धर्म और संस्कृति समाज को जोड़ने की शक्ति रखते हैं। पर्व जैन और विहान सेठिया जैसे युवा प्रतिनिधियों ने जिस श्रद्धा और आत्मविश्वास के साथ जैन धर्म की प्रार्थना प्रस्तुत की, वह वास्तव में प्रेरणादायक है।उनकी प्रस्तुति केवल जैन समाज के लिए ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।
