श्रीकृष्ण जन्माष्टमी शोभायात्रा का सर्व अहिरवार समाज ने किया भव्य स्वागत
पालकी की पूजा-अर्चना कर पुष्पवर्षा की, सामाजिक एकता और भाईचारे का दिया संदेश
संवाददाता: सौरभ विरथरे
आरोन, गुना। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर आरोन नगर में भगवान श्रीकृष्ण की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा का सर्व अहिरवार समाज एवं युवा मित्र मंडल आरोन ने श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक भाईचारे के साथ भव्य स्वागत किया। भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों और भक्ति गीतों से नगर का वातावरण धर्ममय हो गया। शोभायात्रा के स्वागत के लिए समाज के सदस्यों और युवाओं ने विशेष तैयारियां की थीं।
शोभायात्रा के निर्धारित स्वागत स्थल पर पहुंचते ही सर्व अहिरवार समाज के पदाधिकारियों, वरिष्ठजनों, महिलाओं और युवाओं ने भगवान श्रीकृष्ण की पालकी पर पुष्प अर्पित किए। इसके बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं आरती की गई। समाज के सदस्यों ने भगवान श्रीकृष्ण से आरोन क्षेत्र की खुशहाली, सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा और माल्यार्पण कर आत्मीय स्वागत किया गया।
भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंजा क्षेत्र
स्वागत कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। विभिन्न आयु वर्ग के लोग धार्मिक आयोजन में शामिल हुए और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। पालकी के दर्शन करने और आरती में सम्मिलित होने के लिए बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान समाज के युवाओं ने आयोजन की व्यवस्थाएं संभालीं। शोभायात्रा में शामिल वरिष्ठ नागरिकों और अन्य श्रद्धालुओं के स्वागत का विशेष ध्यान रखा गया। सामाजिक सदस्यों ने कहा कि जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के साथ उनके आदर्शों, विचारों और जीवन संदेश को याद करने का अवसर भी है।
पालकी की आरती कर मांगी सुख-समृद्धि
अहिरवार समाज के सदस्यों ने भगवान श्रीकृष्ण की पालकी का माल्यार्पण कर सामूहिक आरती की। आरती के बाद उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण से अपने परिवार, समाज और क्षेत्र की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। समाज के लोगों ने सभी नागरिकों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहने की कामना की।
समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन और उपदेशों के माध्यम से धर्म, सत्य, न्याय तथा कर्तव्य का मार्ग दिखाया। श्रीमद्भगवद्गीता में दिया गया उनका संदेश आज भी मानव जीवन के लिए प्रासंगिक है। प्रत्येक व्यक्ति को जीवन की कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखते हुए अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करना चाहिए।
धार्मिक आयोजनों से मजबूत होता है भाईचारा
कार्यक्रम में उपस्थित समाजजनों ने कहा कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में सभी वर्गों की सहभागिता से आपसी प्रेम और भाईचारे को मजबूती मिलती है। इस प्रकार के आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
समाज के सदस्यों ने कहा कि त्योहारों का वास्तविक उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि समाज के सभी लोगों को एक मंच पर लाकर आपसी सद्भाव को बढ़ाना भी है। जब अलग-अलग आयु और वर्ग के लोग किसी धार्मिक आयोजन में एक साथ शामिल होते हैं, तो सामाजिक रिश्ते मजबूत होते हैं और सहयोग की भावना विकसित होती है।
सैकड़ों समाजबंधुओं ने दर्ज कराई सहभागिता
कार्यक्रम में मुकेश अहिरवार, सत्य अहिरवार, रामकृष्ण मोहनया, राकेश पलैया, खेमराज लोहट, सुरेंद्र आदित्य, जासी और सतपाल सहित अहिरवार समाज के सैकड़ों समाजबंधु उपस्थित रहे। सभी ने शोभायात्रा के स्वागत कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
युवा मित्र मंडल के सदस्यों ने कार्यक्रम को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वागत स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखते हुए जरूरी व्यवस्थाएं की गईं। युवाओं ने शोभायात्रा में शामिल लोगों पर पुष्पवर्षा की और भगवान श्रीकृष्ण की पालकी के दर्शन किए।
समाज के वरिष्ठ लोगों ने आयोजन में युवाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवाओं के धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ने से समाज को नई ऊर्जा मिलती है। साथ ही युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक जिम्मेदारियों को समझने का अवसर मिलता है।
भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का आह्वान
समाजजनों ने भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने मानवता को सत्य, धर्म, न्याय, प्रेम और कर्तव्य का संदेश दिया। उनके उपदेश व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में भी सही मार्ग पर चलने और बिना परिणाम की चिंता किए अपने कर्म को पूरी निष्ठा से करने की प्रेरणा देते हैं।
उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि वे समाज में आपसी सहयोग, प्रेम और सद्भाव बनाए रखने के लिए निरंतर काम करेंगे। जरूरतमंद लोगों की सहायता करने और सामाजिक हित से जुड़े कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने पर भी जोर दिया गया।
सुख-शांति और सामाजिक सद्भाव की कामना
कार्यक्रम के समापन पर सर्व अहिरवार समाज एवं युवा मित्र मंडल आरोन ने भगवान श्रीकृष्ण से क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि और आपसी भाईचारा बनाए रखने की प्रार्थना की। समाज के लोगों ने कहा कि आरोन में सभी समुदायों के बीच प्रेम, एकता और सामाजिक सद्भाव की भावना सदैव कायम रहनी चाहिए।
जन्माष्टमी शोभायात्रा के भव्य स्वागत ने नगर में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता का संदेश दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण भक्तिमय बना रहा और श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए। आयोजन के अंत में सर्व अहिरवार समाज युवा मित्र मंडल ने शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं और कार्यक्रम को सफल बनाने वाले सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
