सारनी सड़क हादसे लगातार बढ़ने पर आम आदमी पार्टी ने 15 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर यातायात व्यवस्था सुधारने, अवैध पार्किंग हटाने, सड़क मरम्मत, CCTV और स्ट्रीट लाइट लगाने सहित कई महत्वपूर्ण मांगें उठाईं।
सारनी सड़क हादसे: 15 बड़ी मांगों के साथ आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन, थाना प्रभारी को सौंपा ज्ञापन
सारनी | संवाददाता – संदीप तायडे
सारनी सड़क हादसे लगातार बढ़ने और बैतूल-परासिया राजमार्ग क्रमांक-43 पर हो रही जानलेवा दुर्घटनाओं को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने बुधवार को जय स्तंभ चौक पर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद पार्टी पदाधिकारियों ने सारनी थाना प्रभारी को 15 सूत्रीय ज्ञापन सौंपते हुए यातायात व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की। पार्टी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
सड़क हादसों को लेकर जनता में बढ़ रही चिंता
बैतूल-परासिया राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार हो रहे सड़क हादसों ने स्थानीय नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। आम आदमी पार्टी का कहना है कि अव्यवस्थित यातायात, अवैध पार्किंग, खराब सड़कें और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के अभाव में आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। इन दुर्घटनाओं में कई लोगों की जान जा चुकी है जबकि अनेक लोग घायल हुए हैं।पार्टी का आरोप है कि संबंधित विभागों द्वारा समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए जाने से आम नागरिकों की सुरक्षा खतरे में है।
जय स्तंभ चौक पर प्रदर्शन
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जय स्तंभ चौक पर प्रदर्शन करते हुए प्रशासन से सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की। प्रदर्शन के बाद थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए 15 महत्वपूर्ण सुझाव और मांगें शामिल थीं।
15 सूत्रीय ज्ञापन की प्रमुख मांगें
1. अवैध पार्किंग पर तत्काल रोक
कालीमाई, पाथाखेड़ा और अन्य व्यस्त बाजार क्षेत्रों में मुख्य सड़क किनारे खड़े भारी वाहन एवं ट्रकों को हटाकर निर्धारित पार्किंग स्थलों पर भेजा जाए।
2. हवाई पट्टी चौपाटी का विस्थापन
बगडोना हवाई पट्टी के पास लगने वाली चौपाटी को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए ताकि यातायात बाधित न हो।
3. रॉन्ग साइड वाहन चालकों पर कार्रवाई
रिलायंस पेट्रोल पंप के सामने गलत दिशा से आने वाले वाहन चालकों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।
4. सड़कों के गड्ढों का कांक्रीटीकरण
भारी वाहनों के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कर उन्हें सुरक्षित बनाया जाए।
5. बंद स्ट्रीट लाइट चालू हों
नगर पालिका द्वारा लगाए गए बंद पड़े विद्युत पोलों को चालू कर अंधेरे वाले क्षेत्रों को रोशन किया जाए।
6. MPPGCL क्षेत्र में भारी वाहनों की टाइमिंग तय हो
सारनी पावर प्लांट की नई एवं पुरानी इकाइयों में आने-जाने वाले भारी वाहनों का समय निर्धारित किया जाए।
7. श्रमिकों की छुट्टी के समय प्रवेश प्रतिबंध
शिफ्ट बदलने और श्रमिकों की छुट्टी के दौरान भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई जाए।
8. CCTV कैमरे लगाए जाएं
गेट नंबर 7, गेट नंबर 8 और जय स्तंभ चौक सहित संवेदनशील स्थानों पर CCTV कैमरे लगाए जाएं।
9. स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं
दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में मानक अनुसार स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं।
10. चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं
हाईवे और व्यस्त चौराहों पर पर्याप्त संकेतक एवं चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।
11. यातायात पुलिस की नियमित तैनाती
व्यस्त समय में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
12. ओवरलोड वाहनों की जांच
ओवरलोड और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर विशेष अभियान चलाया जाए।
13. पैदल यात्रियों की सुरक्षा
पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित क्रॉसिंग एवं संकेतक विकसित किए जाएं।
14. टोल एवं MPRDC की जवाबदेही
सड़क सुरक्षा संबंधी कार्यों में MPRDC और टोल प्रबंधन की जवाबदेही तय की जाए।
15. जनहानि रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई
प्रशासन द्वारा सभी मांगों पर शीघ्र अमल कर सड़क हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
आम आदमी पार्टी ने कहा कि यदि प्रशासन, MPRDC और टोल प्रबंधन ने शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की तो पार्टी आम जनता के साथ मिलकर बड़े स्तर पर आंदोलन करेगी। पार्टी का कहना है कि सड़क सुरक्षा किसी राजनीतिक मुद्दे से अधिक जनहित का विषय है।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष अजय सोनी, जिला अध्यक्ष विनोद जगताप, आमला-सारनी विधानसभा अध्यक्ष थबीराम डोंगरे, जिला सचिव सिराज खान, मनहोर पचौरिया, शिबू सिंह, सुरेश जावलकर सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
सारनी सड़क हादसे लगातार बढ़ने से स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। आम आदमी पार्टी द्वारा सौंपे गए 15 सूत्रीय ज्ञापन में सड़क सुरक्षा, यातायात सुधार, अवैध पार्किंग हटाने, CCTV, स्ट्रीट लाइट, सड़क मरम्मत और भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने जैसी महत्वपूर्ण मांगें शामिल हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इन मांगों पर कितनी जल्दी कार्रवाई करता है।

