सारनी नगर पालिका आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण मुद्दे पर कांग्रेस ने एक दिवसीय भूख हड़ताल की। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बटेश्वर भारती ने 10 दिन का अल्टीमेटम देते हुए उचित वेतन और EPF भुगतान की मांग की। पढ़ें पूरी खबर।
सारनी नगर पालिका आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण: कांग्रेस ने भूख हड़ताल कर दिया 10 दिन का अल्टीमेटम
रिपोर्ट: संवाददाता संदीप तायड़े, सारनी/घोड़ाडोंगरी (बैतूल)
सारनी नगर पालिका आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण को लेकर सोमवार को नगर पालिका सारनी के सामने राजनीतिक और सामाजिक माहौल गर्म हो गया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने नगर पालिका में कार्यरत ठेका एवं आउटसोर्स कर्मचारियों के कथित शोषण के विरोध में एक दिवसीय भूख हड़ताल आयोजित की। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन और ठेकेदार की मिलीभगत से मजदूरों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है तथा उन्हें शासन द्वारा निर्धारित वेतन और अन्य सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है।
भूख हड़ताल के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम का नेतृत्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बटेश्वर भारती ने किया।
क्या है पूरा मामला
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नगर पालिका सारनी में कार्यरत आउटसोर्स एवं ठेका कर्मचारियों को कलेक्टर गाइडलाइन के अनुसार निर्धारित वेतन नहीं दिया जा रहा है। कर्मचारियों के भविष्य निधि (EPF) खातों में भी गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया गया।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मजदूरों से पूरा काम लिया जा रहा है लेकिन उन्हें उनका वैधानिक अधिकार नहीं मिल रहा। इससे कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए कांग्रेस मैदान में
भूख हड़ताल को संबोधित करते हुए ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बटेश्वर भारती ने कहा कि गरीब और मेहनतकश मजदूरों का शोषण किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।उन्होंने कहा कि यदि नगर पालिका प्रशासन ने अगले 10 दिनों के भीतर कर्मचारियों को उनका उचित वेतन और EPF का भुगतान सुनिश्चित नहीं किया, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा तथा क्रमिक भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस हर स्तर पर संघर्ष करेगी।
वेतन और EPF भुगतान को लेकर उठे सवाल
धरना स्थल पर मौजूद कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर पालिका के कुछ अधिकारी और संबंधित ठेकेदार नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।उनका कहना है कि कर्मचारियों के वेतन भुगतान में पारदर्शिता नहीं है और भविष्य निधि जमा करने में भी गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। कांग्रेस ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मंच से उठी मजदूरों के अधिकारों की आवाज
भूख हड़ताल के दौरान कई नेताओं ने अपने विचार रखे और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की।मुख्य रूप से मंच से संबोधित करने वालों में—
- बटेश्वर भारती
- पिंटिश नागले
- सुरेश पांड्या
- महेंद्र भारती
- तिरुपति अरोलू
- भूषण कांति
- हेमंत धोटे
- सुनील भलावी
ने मजदूरों के समर्थन में अपने विचार रखे।
बड़ी संख्या में पहुंचे कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता
इस आंदोलन में कांग्रेस संगठन के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।प्रमुख रूप से उपस्थित लोगों में—एसके प्रीत, प्रदीप नागले, आनंद नागले, मोहम्मद ताहिर, किरण झारबडे, वसीम खान, मंडलम अध्यक्ष हेमंत धोटे, राफे बॉक्स, मनी सुब्रह्मण्यम, रामाश्रय वर्मा, मनोज ठाकुर, पूर्व मंडलम अध्यक्ष प्रवीण पाल, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष गौतम नागले, विष्णु भारती, चंद्र सोनकर, ममता साहू, संदीप मस्की, दीपक ठाकरे, शेख अप्पू, मिलिंद थोरात, श्याम चौरे, लक्ष्मी गोहे, नितिन राजपूत, प्रकाश मालवीय, देवेंद्र उइके तथा शोभा दत्ता शामिल रहे।सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने धरना स्थल पर पहुंचकर मजदूरों के प्रति एकजुटता व्यक्त की।
आगे क्या होगा
अब सभी की निगाहें नगर पालिका प्रशासन पर टिकी हैं। कांग्रेस द्वारा दिए गए 10 दिन के अल्टीमेटम के बाद यदि कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं होता है तो आंदोलन अगले चरण में प्रवेश कर सकता है।कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि मजदूरों को उनका वैधानिक अधिकार मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
निष्कर्ष
सारनी नगर पालिका आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण अब एक बड़ा राजनीतिक और श्रमिक मुद्दा बन चुका है। कांग्रेस ने इसे मजदूरों के सम्मान और अधिकारों से जुड़ा विषय बताते हुए प्रशासन को चेतावनी दी है। आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई और कर्मचारियों को मिलने वाली राहत पर सभी की नजर रहेगी।

