सारनी ऐश बल्कर हादसा में ड्यूटी के दौरान घर भोजन करने जा रहे ठेका श्रमिक संजय रायपुरे की ऐश बल्कर की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सारनी ऐश बल्कर हादसा: ड्यूटी के दौरान घर जा रहे ठेका श्रमिक की दर्दनाक मौत
रिपोर्ट: संवाददाता संदीप तायड़े, सारनी / घोड़ाडोंगरी
सारनी ऐश बल्कर हादसा ने पूरे बिजली औद्योगिक क्षेत्र और बैतूल जिले को झकझोर कर रख दिया है। रविवार रात ड्यूटी के दौरान भोजन करने अपने घर साइकिल से जा रहे 38 वर्षीय ठेका श्रमिक संजय रायपुरे की ऐश बल्कर की चपेट में आने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। मृतक अपने पीछे दो छोटे बच्चों और परिवार को छोड़ गए हैं।
जयस्तंभ चौक के पास हुआ दर्दनाक हादसा
जानकारी के अनुसार यह हादसा रविवार रात करीब 9:25 बजे हुआ। वार्ड क्रमांक 5 शिवाजी ग्राउंड निवासी संजय रायपुरे अपनी ड्यूटी कर रहे थे। भोजन का समय होने पर वे रोज की तरह साइकिल से घर के लिए निकले।
जब वे 7 नंबर गेट से आगे जयस्तंभ चौक के पास पहुंचे तभी पीछे से आ रहे मां नर्मदा ट्रांसपोर्ट के ऐश बल्कर (MP 04 YF 9888) ने ओवरटेक करने का प्रयास किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ओवरटेक के दौरान संजय का संतुलन बिगड़ गया और वे सीधे बल्कर के पिछले पहियों की चपेट में आ गए।भारी वाहन उनके ऊपर से गुजर गया, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
आज ही गांव से लौटे थे संजय
बताया गया कि संजय रायपुरे अपने पैतृक गांव पांढुर्णा से रविवार को ही वापस सारनी लौटे थे। उन्होंने उसी दिन अपनी ड्यूटी जॉइन की थी।कार्यस्थल पर मौजूद साथियों ने उन्हें अपने साथ भोजन करने का आग्रह भी किया था, लेकिन उन्होंने घर जाकर भोजन करने की बात कही और साइकिल से निकल पड़े। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनका अंतिम सफर होगा।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
संजय रायपुरे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। उनके दो छोटे बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा देने की मांग की है।
चालक ने भागने के बजाय किया आत्मसमर्पण
हादसे के बाद ऐश बल्कर चालक ने मौके से फरार होने के बजाय जिम्मेदारी दिखाते हुए वाहन सहित सीधे सारणी थाना पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। उसने वाहन पुलिस के सुपुर्द कर दिया।पुलिस ने वाहन को जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस ने शुरू की जांच
सूचना मिलते ही सारणी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए घोड़ाडोंगरी अस्पताल भेजा गया।पुलिस ने मर्ग कायम कर दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्षेत्र में शोक की लहर
सारनी ऐश बल्कर हादसा के बाद पूरे औद्योगिक क्षेत्र में शोक व्याप्त है। स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों ने भारी वाहनों की तेज रफ्तार पर नियंत्रण लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी संख्या में कर्मचारी साइकिल और दोपहिया वाहनों से आवागमन करते हैं, इसलिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने चाहिए।विशेषज्ञों का भी मानना है कि औद्योगिक क्षेत्रों में भारी वाहनों की अलग लेन, गति सीमा और सीसीटीवी निगरानी जैसी व्यवस्थाएं सड़क दुर्घटनाओं को कम कर सकती हैं।
निष्कर्ष
सारनी ऐश बल्कर हादसा केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। एक परिवार ने अपना कमाने वाला सदस्य खो दिया, जबकि दो मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। अब सभी की नजर पुलिस जांच और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर है।

