सरदारपुर मोतियाबिंद निवारण शिविर में 204 मरीजों की नेत्र जांच की गई, जबकि 56 मरीजों का निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन एवं लेंस प्रत्यारोपण हेतु चयन हुआ। भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट, चोइथराम नेत्रालय और जिला अंधत्व निवारण समिति द्वारा आयोजित शिविर ने जरूरतमंदों को नई दृष्टि की सौगात दी।
सरदारपुर मोतियाबिंद निवारण शिविर: 204 मरीजों की जांच, 56 मरीजों को मिली नई दृष्टि की उम्मीद
सरदारपुर मोतियाबिंद निवारण शिविर का सफल आयोजन
सरदारपुर मोतियाबिंद निवारण शिविर के माध्यम से सैकड़ों जरूरतमंद लोगों को नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला। भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट, चोइथराम नेत्रालय इंदौर एवं जिला अंधत्व निवारण समिति धार के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय सिविल अस्पताल सरदारपुर में एक दिवसीय विशाल निःशुल्क मोतियाबिंद निवारण एवं लेंस प्रत्यारोपण शिविर आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी सीबीएमओ डॉ. सचिन द्विवेदी द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। शिविर में क्षेत्र के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे।
204 मरीजों की हुई नेत्र जांच
शिविर के दौरान कुल 204 मरीजों का पंजीयन किया गया। सभी मरीजों की विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा विस्तृत नेत्र जांच की गई। जांच के दौरान कई मरीजों में मोतियाबिंद की समस्या पाई गई।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार समय पर जांच और उपचार से अंधत्व की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है। यही उद्देश्य लेकर इस शिविर का आयोजन किया गया।
56 मरीजों का होगा निःशुल्क ऑपरेशन
नेत्र परीक्षण के बाद 56 मरीजों को मोतियाबिंद ऑपरेशन एवं लेंस प्रत्यारोपण के लिए चयनित किया गया।इन सभी मरीजों को विशेष बस के माध्यम से चोइथराम नेत्रालय इंदौर भेजा गया, जहां—
- निःशुल्क ऑपरेशन
- लेंस प्रत्यारोपण
- आवास सुविधा
- भोजन व्यवस्था
- आने-जाने का परिवहन
पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।
चिकित्सकीय टीम का सराहनीय योगदान
शिविर में नेत्र चिकित्सा सहायक श्री सतीश पाराशर ने मरीजों की नेत्र जांच की।कार्यक्रम को सफल बनाने में निम्न चिकित्सकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई—
- डॉ. नितिन जोशी
- डॉ. अनिल पाटीदार
- डॉ. प्रकाश मारु
- डॉ. अरुण मोहरानी
- डॉ. आयुषी मित्तल
इन सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों के समर्पण से शिविर सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
प्रमुख पदाधिकारियों की उपस्थिति
शिविर में भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के अनेक पदाधिकारी एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।प्रमुख रूप से उपस्थित रहे—
- प्रेम कुमार वैद्य (राष्ट्रीय संयोजक)
- राजेन्द्र कुमार जैन (राष्ट्रीय सलाहकार)
- महेश कुमार वर्मा (प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष)
- प्रवीण कुमार शर्मा (संभाग विधि प्रभारी)
- योगेन्द्र तिवारी (धार जिला अध्यक्ष)
- कैलाश चंद्र बघेल (जिला सचिव)
- राजेन्द्र जोशी (जिला संयोजक)
- प्रभुलाल लटियाल (जिला उपाध्यक्ष)
- दीपक पावेचा (जिला महामंत्री)
- लक्ष्मण डामेचा (जिला महामंत्री)
- बुद्धेसिंह पांडर (तहसील अध्यक्ष)
- सीता शर्मा (तहसील अध्यक्ष)
- साधना उपाध्याय (तहसील सचिव)
- रामसिंह देवड़ा (कार्यकारिणी सदस्य)
- धर्मेंद्र उपाध्याय (कार्यकारिणी सदस्य)
- कन्हैयालाल यादव (सदस्य)
सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह यादव का संदेश
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील सिंह यादव ने अपने संदेश में कहा—”मानव सेवा ही सर्वोपरि धर्म है। हमारा ट्रस्ट समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। नेत्रदान और मोतियाबिंद मुक्त समाज का निर्माण हमारा मुख्य लक्ष्य है। आर्थिक तंगी के कारण कोई भी व्यक्ति दृष्टिहीन न रहे, इसी उद्देश्य से ऐसे शिविर आयोजित किए जाते हैं।”
वरिष्ठ पदाधिकारियों का संयुक्त संदेश
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के पदाधिकारियों—
- शिवम तिवारी
- कृष्णा यादव
- डॉ. प्रेम कुमार वैद्य
- रामवेश सिंह राजावत
- युवराज सिंह राठौर
- मनीष गुप्ता
- जीवनलाल जैन (चाय वाले)
ने संयुक्त रूप से कहा कि—”भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट जनहित के कार्यों में सदैव अग्रणी रहा है। सेवा का कार्य तभी सार्थक होता है जब वह जरूरतमंद तक पहुंचे। शिविर की सफलता डॉक्टरों, स्वयंसेवकों एवं प्रशासन के सहयोग का परिणाम है। भविष्य में भी स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे सेवा कार्य निरंतर जारी रहेंगे।”
समाज सेवा की दिशा में प्रेरणादायक पहल
सरदारपुर मोतियाबिंद निवारण शिविर ने यह साबित किया कि सामाजिक संगठनों, चिकित्सकों और प्रशासन के सामूहिक प्रयास से जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। यह शिविर केवल चिकित्सा सेवा नहीं बल्कि समाज के प्रति संवेदनशीलता और मानव सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया।
