लघु उद्योग भारती राजगढ़ इकाई की मासिक बैठक में उद्योग जगत की समस्याओं पर चर्चा
Sarangpur। लघु उद्योग भारती राजगढ़ जिला इकाई की मासिक बैठक श्रीमाल आटा मिल में आयोजित की गई। बैठक में इकाई के सदस्य एवं विभिन्न दायित्वों से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य उद्योग जगत से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा कर उनके समाधान की दिशा में आवश्यक प्रयास करना रहा।
कार्यक्रम में लघु उद्योग भारती के प्रदेश अध्यक्ष श्री राजेश मिश्र विशेष रूप से शामिल हुए। उनके सारंगपुर पहुंचने पर इकाई के सदस्यों ने स्वागत किया। इसके अलावा नगर पालिका सारंगपुर के उपाध्यक्ष प्रतिनिधि नीलेश वर्मा ने भी बैठक में सहभागिता की।
उद्योग जगत की समस्याओं पर मंथन
बैठक के दौरान स्थानीय उद्योग एवं व्यापार से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। सदस्यों ने उद्योग संचालन के दौरान सामने आने वाली समस्याओं और चुनौतियों को संगठन के पदाधिकारियों के समक्ष रखा। संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श करते हुए उनके निराकरण के लिए आवश्यक दिशा में चर्चा की गई।
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि लघु उद्योगों से जुड़े उद्यमियों की समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाने और उनके समाधान के लिए संगठन की भूमिका महत्वपूर्ण है। सदस्यों ने उद्योग क्षेत्र को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए आपसी समन्वय के साथ काम करने की बात कही।
पदाधिकारियों और सदस्यों की मौजूदगी
बैठक में लघु उद्योग भारती राजगढ़ इकाई के अध्यक्ष अंशुल श्रीमाल, सचिव आकाश विश्वकर्मा, कोषाध्यक्ष महेश लोहार, उपाध्यक्ष नरसिंह लववंशी, सह सचिव नीलेश लववंशी और मीडिया प्रभारी मयंक जैन सहित संगठन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा मणि शंकर पाटीदार, सिद्धार्थ मिश्र, अनुज जैन, आशीष विश्वकर्मा, मोहन लववंशी, माहेश्वरी (पाइप फैक्ट्री), घनश्याम मालवीय, सूरज जी और राहुल लोहार सहित अनेक सदस्यों ने बैठक में भाग लिया।
संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूती
मासिक बैठक के माध्यम से संगठन के सदस्यों को एक-दूसरे के साथ संवाद करने और उद्योग जगत से जुड़े मुद्दों पर सामूहिक रूप से विचार रखने का अवसर मिला। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने संगठन को मजबूत बनाने और स्थानीय उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाने पर जोर दिया।
बैठक में उद्योग क्षेत्र से संबंधित कई समस्याओं पर चर्चा के साथ उनके निराकरण की दिशा में आवश्यक कदमों पर विचार किया गया। नियमित रूप से ऐसी बैठकें आयोजित होने से स्थानीय उद्यमियों के बीच समन्वय बढ़ाने और समस्याओं को संगठित तरीके से उठाने में मदद मिलने की उम्मीद जताई गई।
